Congress Sugar Langar – महंगाई के खिलाफ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला Chandigarh में। Territorial Congress ने सेक्टर 35 स्थित पार्टी दफ्तर (कांग्रेस भवन) के बाहर ‘चीनी का लंगर’ लगाया। इस लंगर में आम जनता को मुफ्त आधा-आधा किलो चीनी के पैकेट बांटे गए। इस अनोखी पहल को देखने और लाभ उठाने के लिए सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
देखा जाए तो यह केवल एक राजनीतिक स्टंट नहीं था, बल्कि आम आदमी की बढ़ती परेशानी को उजागर करने का एक प्रतीकात्मक प्रयास था। चीनी की कीमतें पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी हैं और यह रोजमर्रा की जरूरी चीज होने के कारण हर घर पर असर डाल रही है।
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क्यों लगाया गया ‘चीनी का लंगर’?
चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष Harmohinder Singh Lucky ने कहा कि इस लंगर के जरिए वे BJP सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि वह महंगाई पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम रही है।
लक्की ने कहा, “आज चीनी समेत रोजाना उपयोग की सभी चीजें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं। हम इस लंगर के माध्यम से सरकार की जन-विरोधी नीतियों का पर्दाफाश कर रहे हैं।”
समझने वाली बात है कि कांग्रेस ने यह सिर्फ एक बार का कार्यक्रम नहीं बताया। लक्की ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में भी अन्य जरूरी वस्तुओं के ऐसे लंगर लगाए जाएंगे ताकि सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता में जागरूकता बढ़े।
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लोगों ने क्या कहा?
धनास के रहने वाले लाल जी राम ने पार्टी के इस कदम की सराहना करते हुए कहा, “राजनीतिक दलों द्वारा महंगाई के दौर में ऐसे उपाय करना अच्छी बात है।”
एक दिहाड़ीदार मजदूर सुमेर सिंह ने बताया, “दिन-ब-दिन बढ़ती महंगाई ने गरीबों का लक तोड़ दिया है। जब मुझे चीनी के लंगर के बारे में पता लगा तो मैं लंगर शुरू होने से एक घंटा पहले ही लाइन में आकर खड़ा हो गया था।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे थे। लोगों में चीनी को लेकर इतनी उत्सुकता इस बात का संकेत है कि महंगाई वाकई आम आदमी की जेब पर कितना भारी पड़ रही है।
चीनी की कीमतें कितनी बढ़ी हैं?
पिछले एक साल में चीनी की कीमतों में तेजी आई है। जहां पहले 40-42 रुपये प्रति किलो चीनी मिल जाती थी, वहीं अब यह 50-55 रुपये तक पहुंच गई है। थोक बाजारों में भी रेट बढ़े हैं।
सरकार ने चीनी के निर्यात पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे और स्टॉक लिमिट भी तय की थी, लेकिन खुदरा बाजार में कीमतें स्थिर नहीं हो पाईं। अगर गौर करें तो यह केवल चीनी का मामला नहीं है। खाद्य तेल, आटा, दालें, सब्जियां सब महंगी हुई हैं।
महंगाई पर कांग्रेस का राजनीतिक हमला
कांग्रेस पार्टी लंबे समय से केंद्र सरकार पर महंगाई को लेकर हमला कर रही है। पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।
हाल ही में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी कई रैलियों में महंगाई को मुद्दा बनाकर सरकार पर निशाना साध चुके हैं। अब राज्य स्तर पर भी कांग्रेस इकाइयां ऐसे नवाचारी तरीके अपना रही हैं।
आगे क्या योजना है?
चंडीगढ़ कांग्रेस ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में वे दालों, खाद्य तेल या गैस सिलेंडर पर भी ऐसे ही प्रतीकात्मक लंगर लगा सकते हैं। इसका मकसद सिर्फ जनता को राहत देना नहीं, बल्कि सरकार की नाकामी को उजागर करना भी है।
दिलचस्प बात यह है कि इस तरह के अनोखे विरोध प्रदर्शन अक्सर मीडिया में छा जाते हैं और जनता का ध्यान खींचते हैं। यह कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Chandigarh Congress ने सेक्टर 35 में ‘चीनी का लंगर’ लगाया
- मुफ्त आधा-आधा किलो चीनी के पैकेट बांटे गए
- सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ी, लोगों ने पहल की सराहना की
- Harmohinder Singh Lucky ने BJP सरकार को महंगाई पर नाकाम बताया
- आने वाले दिनों में अन्य वस्तुओं के भी लंगर लगाने का ऐलान
- चीनी की कीमतें 50-55 रुपये प्रति किलो तक पहुंची
- यह महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की नई राजनीतिक रणनीति












