300 Free Units Power Bill -Punjab सरकार द्वारा 300 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना लागू है, लेकिन Jalandhar के सैकड़ों उपभोक्ता इन दिनों हजारों रुपये के बिजली बिलों से परेशान हैं। मीटर रीडरों की हड़ताल के दौरान आए N-Code (अनुमानित) बिलों ने लोगों की कमर तोड़ दी है। जो परिवार हमेशा जीरो बिल पाते थे, उन्हें अचानक 8,000 से 16,000 रुपये तक के बिल थमा दिए गए हैं।
सरकार ने बिलों को ठीक करने और मुफ्त बिजली की सुविधा बरकरार रखने का भरोसा दिया था। लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं। PSPCL (Punjab State Power Corporation Limited) अधिकारी उपभोक्ताओं से कह रहे हैं कि पहले बिल भर दो, बाद में अगले बिल में पैसे एडजस्ट हो जाएंगे। इससे लोगों में भारी रोष है।
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क्या है पूरा मामला?
यह विवाद अप्रैल से जुलाई महीने के इकट्ठे आए 3 से 4 महीनों के बिलों को लेकर खड़ा हुआ है। ठेके पर रखे मीटर रीडरों की हड़ताल के कारण उन महीनों में मीटर रीडिंग नहीं हो पाई। इसलिए PSPCL ने पिछले साल की उसी अवधि की खपत के आधार पर अनुमानित (N-Code) बिल जारी किए।
समस्या यह है कि कई परिवारों की वास्तविक खपत 300 यूनिट से कम होती है, इसलिए उन्हें जीरो बिल आता था। लेकिन पिछले साल अगर किसी कारण से उनकी खपत 300 से ज्यादा रही थी, तो उसी के आधार पर इस बार भी बिल बना दिया गया।
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लोगों के साथ क्या हो रहा है?
अमन नगर के रहने वाले सुखदीप सिंह ने बताया कि उन्हें अप्रैल से जुलाई तक का ₹16,110 का बिल भेजा गया है, जबकि उनकी खपत हमेशा 300 यूनिट से कम रहती है और पहले जीरो बिल ही आता था। जब वे दफ्तर गए तो उन्हें फिलहाल बिल भरने के लिए कहा गया।
इसी तरह बूटा मंडी की गुरविंदर कौर को ₹8,054 का बिल मिला है, जिसमें अभी तक कोई सुधार नहीं किया गया।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ये केवल दो-चार लोगों की समस्या नहीं है। जलंधर ईस्ट के XEN (Executive Engineer) सन्नी भगाड़ा ने बताया कि इकेले उनके डिवीजन में जून और जुलाई के दौरान करीब 4,400 शिकायतें आई हैं।
मॉडल टाउन सब-डिवीजन के SDO गौरव मुल्तानी ने बताया कि उनके पास रोजाना 30 के करीब शिकायतें पहुंच रही हैं।
| इलाका | शिकायतों की संख्या | अधिकारी |
|---|---|---|
| जलंधर ईस्ट डिवीजन | लगभग 4,400 (जून-जुलाई) | XEN सन्नी भगाड़ा |
| मॉडल टाउन सब-डिवीजन | रोजाना 30 के करीब | SDO गौरव मुल्तानी |
| अमन नगर | ₹16,110 का बिल (सुखदीप सिंह) | – |
| बूटा मंडी | ₹8,054 का बिल (गुरविंदर कौर) | – |
क्या है N-Code बिल?
PSPCL अधिकारियों के अनुसार N-Code बिल तब जारी किए जाते हैं जब मीटर की रीडिंग उपलब्ध नहीं होती। हड़ताल के कारण जब मीटर रीडर काम पर नहीं गए, तो कंपनी ने पिछले साल के उसी महीने की खपत का औसत निकालकर अनुमानित बिल तैयार किए।
लेकिन समस्या यह है कि हर महीने की खपत एक जैसी नहीं होती। गर्मियों में बिजली की खपत ज्यादा होती है तो सर्दियों में कम। अगर पिछले साल गर्मी में ज्यादा AC चला था और इस साल नहीं चलाया, तो भी बिल पिछले साल के हिसाब से बन गया।
सरकार का भरोसा, जमीन पर हकीकत कुछ और
बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने दावा किया है कि पंजाब के 63,702 प्रभावित उपभोक्ताओं के मुफ्त बिजली के हक को सुरक्षित रखा जाएगा। शिकायतों के निपटारे के लिए 20 कर्मचारियों की एक विशेष टीम भी तैनात की गई है।
सरकार ने कहा था कि दो हफ्तों में शिकायतें हल कर दी जाएंगी। लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।
अगर गौर करें तो यह सरकारी घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क है। ऊपर से आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन दफ्तर में जाने पर लोगों को “पहले भर दो, बाद में एडजस्ट हो जाएगा” कहा जा रहा है।
लोगों का गुस्सा जायज है
दिलचस्प बात यह है कि जो लोग पहले कभी बिल नहीं भरते थे क्योंकि उनकी खपत 300 यूनिट से कम थी, उन्हें अचानक 10-15 हजार रुपये का बिल देखकर झटका लगना स्वाभाविक है। कई लोगों ने तो डर के मारे बिल भी भर दिया, इस उम्मीद में कि बाद में एडजस्टमेंट हो जाएगा।
लेकिन सवाल यह है कि अगर किसी के पास इतने पैसे नहीं हैं तो? अगर एडजस्टमेंट नहीं हुआ तो? इन सवालों का कोई ठोस जवाब अभी तक नहीं मिला है।
300 यूनिट फ्री बिजली योजना क्या है?
पंजाब सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की योजना शुरू की थी। इसका मतलब है कि अगर आपकी खपत 300 यूनिट से कम है तो आपको कोई बिल नहीं आएगा। अगर 300 से ज्यादा है तो पूरी यूनिट पर चार्ज लगेगा।
यह योजना AAP सरकार की प्रमुख घोषणाओं में से एक थी। लेकिन अब इसके क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों से सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- जलंधर में जीरो बिल वालों को हजारों रुपये के बिल
- मीटर रीडरों की हड़ताल के कारण N-Code (अनुमानित) बिल जारी
- अप्रैल से जुलाई के 3-4 महीनों के बिल एकसाथ आए
- PSPCL का कहना: पहले भरो, बाद में एडजस्टमेंट होगा
- जलंधर ईस्ट में 4,400 से ज्यादा शिकायतें
- बिजली मंत्री ने 63,702 प्रभावित लोगों को राहत का भरोसा दिया
- जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले











