Coconut Samvardhan Yojana Shivraj Singh Chouhan Chennai IIT 2026 : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान 7 मार्च, शनिवार को तमिलनाडु प्रवास पर हैं। IIT चेन्नई में नारियल विकास बोर्ड द्वारा आयोजित “पोस्ट बजट कोकोनट स्टेकहोल्डर्स मीट” में वे मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस मंच पर नारियल उत्पादक किसान, प्रोसेसर्स, उद्योग प्रतिनिधि और दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों के अधिकारी एक साथ बैठकर बजट में घोषित “नारियल संवर्धन योजना” पर रोडमैप तैयार करेंगे।
‘किसानों की बात सीधे मंत्री तक: दोपहर 2 बजे से विशेष इंटरएक्शन सेशन’
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिवराज सिंह चौहान प्रातः 9:55 बजे दिल्ली से विमान द्वारा चेन्नई के लिए रवाना होंगे और दोपहर 12:55 बजे चेन्नई पहुँचेंगे। इसके बाद वे सीधे IIT चेन्नई जाएंगे जहाँ दोपहर 2 बजे से नारियल उत्पादक किसानों के साथ एक विशेष इंटरएक्शन सेशन होगा।
इस सेशन में शिवराज सिंह सीधे किसानों की बात सुनेंगे और “नारियल संवर्धन योजना” को और अधिक व्यावहारिक और किसान हितैषी बनाने के लिए उनसे सुझाव लेंगे। यह बोट-अप पॉलिसी मेकिंग का एक व्यावहारिक उदाहरण माना जा रहा है जिसमें सरकार जनता से आकर सुझाव माँग रही है।
‘दोपहर 3 बजे से बड़ी कॉन्फ्रेंस: 5 राज्यों के अधिकारी एक मंच पर’
दोपहर 3 बजे से “पोस्ट बजट कोकोनट स्टेकहोल्डर्स कॉन्फ्रेंस” शुरू होगी। इसमें नारियल क्षेत्र के सभी प्रमुख घटक — किसान, प्रोसेसर्स, उद्योग प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और दक्षिण भारत के नारियल उत्पादक राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर आएंगे। इन राज्यों में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी शामिल हैं।
शिवराज सिंह चौहान कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे और नारियल क्षेत्र में उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के भावी रोडमैप पर विचार-विमर्श करेंगे। कार्यक्रम में प्रदर्शनी स्टॉल्स भी लगाए जाएंगे जिनमें नारियल क्षेत्र से जुड़े नवाचार, तकनीक और वैल्यू एडेड उत्पाद प्रदर्शित होंगे।
‘नारियल संवर्धन योजना: बजट 2026-27 की प्रमुख घोषणा’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में “नारियल संवर्धन योजना” की घोषणा की थी। यह योजना नारियल उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है। शिवराज सिंह चौहान अपने संबोधन में इस योजना की मूल भावना, इसके लक्ष्यों और अपेक्षित परिणामों से स्टेकहोल्डर्स को विस्तार से अवगत कराएंगे।
शाम को कार्यक्रम के बाद IIT चेन्नई में एक प्रेस इंटरेक्शन भी रखा गया है जिसमें मंत्री अपने तमिलनाडु दौरे और “नारियल संवर्धन योजना” के मुख्य बिंदुओं पर मीडिया से संवाद करेंगे।
‘दक्षिण भारत के नारियल किसानों के लिए क्या मायने रखता है यह दौरा’
भारत दुनिया के सबसे बड़े नारियल उत्पादक देशों में से एक है और दक्षिण भारत — विशेषकर केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश — इस क्षेत्र की रीढ़ हैं। लेकिन इन राज्यों के किसान लंबे समय से नारियल के उचित मूल्य, प्रसंस्करण इकाइयों की कमी और निर्यात में बाधाओं को लेकर चिंतित रहे हैं।
यह स्टेकहोल्डर्स मीट इसलिए अहम है क्योंकि इसमें नीति निर्माण की प्रक्रिया में सीधे किसानों और क्षेत्रीय हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। अगर किसानों के सुझावों को वास्तव में नीति में शामिल किया गया तो यह नारियल क्षेत्र के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 7 मार्च 2026 को IIT चेन्नई में“पोस्ट बजट कोकोनट स्टेकहोल्डर्स मीट” का उद्घाटन करेंगे।
- दोपहर 2 बजे नारियल उत्पादक किसानों के साथ विशेष इंटरएक्शन सेशन, 3 बजे से कोकोनट स्टेकहोल्डर्स कॉन्फ्रेंस होगी।
- तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और पुडुचेरी के वरिष्ठ अधिकारी एवं नारियल क्षेत्र के प्रमुख हितधारक इस मीट में भाग लेंगे।
- बजट 2026-27 में घोषित “नारियल संवर्धन योजना” के लक्ष्यों और रोडमैप पर होगा व्यापक मंथन।








