CM Mann Viral Video: पंजाब की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की विवादित वीडियो के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी किए गए आदेश के संबंध में आज शिरोमणी गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने एक विशेष प्रस्ताव पास किया है।
देखा जाए तो यह फैसला ऐसे समय आया है जब पंजाब की राजनीति पहले से ही गर्मा रही है। श्रोमणी कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अगुवाई में हुई कार्यकारी समिति की बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया।
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क्या है श्रोमणी कमेटी का फैसला?
SGPC की कार्यकारी समिति ने फैसला लिया कि श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मों के बाद भगवंत सिंह मान को नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। इसलिए उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री के सामाजिक बहिष्कार का भी आदेश दिया है। इसके चलते समूह सिख संगत से गुरमति मर्यादा के मुताबिक इस आदेश की पालना करने की अपील की गई है।
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27 जून को जनरल हाउस की बैठक
श्रोमणी कमेटी ने 27 जून को जनरल हाउस की एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में इस मामले पर विचार करके अगला फैसला लिया जाएगा। इसके बाद SGPC लोगों की कचहरी में जाकर सभी को इस बारे में जागरूक करेगी।
फोरेंसिक जांच का मामला
मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए एडवोकेट धामी ने श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार गियानी कुलदीप सिंह गढ़गज्ज और मुख्यमंत्री के बीच हुई बातचीत को सार्वजनिक किया।
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री ने पहले इस कथित वीडियो की फोरेंसिक जांच करवाने के लिए सहमति दी थी। जब श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री और उनके दफ्तर से संपर्क करके जांच लैब के बारे में पूछा, तो उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
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जांच रिपोर्ट में क्या निकला?
अब जब जांच करवाई गई है, तो रिपोर्ट में इस वीडियो में कोई छेड़छाड़ या AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का इस्तेमाल नहीं पाया गया। इसी कारण श्री अकाल तख्त साहिब ने गुरमति मर्यादा के अनुसार यह कार्रवाई की है।
एडवोकेट धामी ने आरोप लगाया कि अब दूसरी तरफ से सरकार एक नया बयान गढ़कर यह दावा कर रही है कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं है।
अगर गौर करें तो यह मामला काफी गंभीर रूप ले चुका है और पंजाब की राजनीति पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
अमेरिका में बनेगा सिख मिशन सेंटर
इसी दौरान श्रोमणी कमेटी प्रधान ने अपने अमेरिका दौरे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एक साल के अंदर अमेरिका में ‘सिख मिशन सेंटर’ स्थापित किया जाएगा।
इस केंद्र में एक गुरुद्वारा साहिब और प्रिंटिंग प्रेस होगी, जहां पावन सरूपों की प्रकाशना (छपाई) की जाएगी ताकि विदेशों में रहने वाली संगत को वहीं से पावन सरूप मिल सकें।
उन्होंने बताया कि इस दौरे के दौरान श्रोमणी कमेटी के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने इस मिशन से संबंधित सारी जरूरी दस्तावेजी कार्रवाई को पूरा कर लिया है।
राजनीतिक असर
समझने वाली बात यह है कि यह मामला केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील है। श्री अकाल तख्त साहिब का आदेश सिख समुदाय के लिए सर्वोच्च माना जाता है।
ऐसे में मुख्यमंत्री के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजरें 27 जून को होने वाली जनरल हाउस की बैठक पर टिकी हैं। इस बैठक में क्या फैसला लिया जाता है, यह पंजाब की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।
श्रोमणी कमेटी के इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री के पास क्या विकल्प बचते हैं, यह भी देखना दिलचस्प होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- SGPC ने CM भगवंत मान से तुरंत इस्तीफे की मांग की
- श्री अकाल तख्त साहिब ने सामाजिक बहिष्कार का आदेश दिया
- फोरेंसिक जांच में वीडियो में AI या छेड़छाड़ नहीं मिली
- 27 जून को जनरल हाउस की अहम बैठक होगी
- अमेरिका में एक साल में बनेगा सिख मिशन सेंटर













