LIVE | ...
शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - क्या सुप्रीम कोर्ट के नियम बेअंत सिंह के परिवार पर लागू नहीं होंगे? जानें सच

क्या सुप्रीम कोर्ट के नियम बेअंत सिंह के परिवार पर लागू नहीं होंगे? जानें सच

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के परिवार को सुरक्षा कारणों से चंडीगढ़ के सरकारी बंगले में रहने की अनुमति दे दी है।

The News Air Team by The News Air Team
शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, पंजाब
A A
0
Beant Singh family
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Beant Singh family Chandigarh house मामले में चल रही कानूनी खींचतान पर अब विराम लग गया है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बेअंत सिंह के बेटे तेज प्रकाश सिंह अब चंडीगढ़ के सरकारी बंगले में ही रहेंगे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी रिहाइश के खिलाफ दायर याचिका को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि परिवार पर मंडराते आतंकी खतरे और सुरक्षा खुफिया रिपोर्ट को देखते हुए प्रशासन का उन्हें घर में बनाए रखने का फैसला बिल्कुल उचित है।

देखा जाए तो यह मामला सिर्फ एक सरकारी घर के आवंटन का नहीं था, बल्कि सीधे तौर पर एक राजनीतिक परिवार की सुरक्षा से जुड़ा हुआ था। अदालत में चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने साफ टिप्पणी की कि चंडीगढ़ प्रशासन ने खतरे की आशंका (थ्रेट परसेप्शन) और खुफिया इनपुट्स का पूरा बारीकी से मूल्यांकन करने के बाद ही यह ‘सचेत फैसला’ लिया है।

🔍 यह भी पढ़ें- CBI जांच: क्या Punjab सरकार की दलीलें सुप्रीम कोर्ट में टिकेंगी?

‘खुफिया रिपोर्ट और सुरक्षा का सवाल’

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अदालत ने चंडीगढ़ प्रशासन के उस हलफनामे को गंभीरता से लिया, जिसमें बताया गया था कि पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या एक आतंकी हमले में हुई थी। इसके बाद से ही उनका परिवार लगातार सुरक्षा खतरों का सामना कर रहा है। यूटी प्रशासन के अतिरिक्त स्थायी वकील अभिनव सूद ने वकील संयम गर्ग के साथ मिलकर 6 अक्टूबर को अदालत में यह हलफनामा पेश किया था। इसमें बताया गया कि हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने सेक्टर 5 स्थित बंगले में तेज प्रकाश सिंह के लगातार रहने के फैसले पर गहन विचार किया है।

यह भी पढे़ं 👇

DGP Punjab

हाईकोर्ट के डर से पंजाब सरकार का यू-टर्न? रातों-रात हुआ बड़ा ऐलान

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
Punjab DA Case Chief Secretary Contempt

DA केस में हाईकोर्ट सख्त: पंजाब सरकार के सबसे बड़े अफसर पर लटकी तलवार!

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
Amritpal singh

Amritpal Singh Punjab Elections: भगवंत मान और बादल को चुनौती

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
GST Council Meeting

बड़ा फैसला: GST Council Meeting में अब Arrest Power खत्म, व्यापारियों को राहत

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

अगर गौर करें तो 6 जून के एक अहम पत्र में परिवार को मिल रही धमकियों का विस्तार से जिक्र किया गया था। इस पत्र के अनुसार, परिवार को किस तरह के खतरे हैं, इसे नीचे दी गई टेबल से आसानी से समझा जा सकता है:

सुरक्षा खतरे का कारण (Security Threats)विवरण (Details)
हालिया हमलेचंडीगढ़ और पंजाब क्षेत्र में हाल ही में हुए ग्रेनेड हमले और आतंकी घटनाएं
संगठनों का उभरनाकट्टरपंथी और चरमपंथी संगठनों का फिर से सक्रिय होना
लगातार धमकियांपरिवार को लगातार मिल रही धमकी भरी फोन कॉल्स
सोशल मीडिया अभियानपरिवार के खिलाफ चलाए जा रहे शत्रुतापूर्ण सोशल मीडिया कैंपेन

दिलचस्प बात यह है कि संयुक्त सुरक्षा समिति ने भी सिफारिश की थी कि परिवार के रहने के लिए यह घर रणनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से बिल्कुल उपयुक्त है। उन्होंने मौजूदा सुरक्षा ढांचे को संतोषजनक बताते हुए सिर्फ अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की सलाह दी।

‘सुप्रीम कोर्ट के नियमों से क्यों अलग है मामला?’

अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद भी सरकारी घर रख सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट के सामान्य निर्देश बिल्कुल साफ हैं कि ऐसा नहीं किया जा सकता। लेकिन हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि तेज प्रकाश सिंह का मामला इन निर्देशों के दायरे में नहीं आता। शुरुआत में प्रशासन ने भी सुप्रीम कोर्ट के नियमों का हवाला देते हुए आवंटन रद्द कर दिया था, लेकिन बाद में खतरे की रिपोर्ट और खुफिया इनपुट्स की जांच के बाद अपने फैसले पर दोबारा विचार किया। इसलिए अदालत ने पुरानी रद्दीकरण को लागू करने वाली याचिका को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया।

‘चीफ इंजीनियर से हाईकोर्ट की सख्ती’

इसी से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर पर भी सख्ती दिखाई। अदालत ने उनसे एक निजी हलफनामा मांगते हुए सवाल किया कि हाईकोर्ट के कर्मचारियों को अलॉट किए गए सरकारी घरों में ज़रूरी मरम्मत का काम आखिर क्यों नहीं किया गया है? बेंच ने साफ निर्देश दिए कि ये मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर पूरी होनी चाहिए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 26 नवंबर को तय की गई है।

‘आम जनता पर क्या होगा असर?’

इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि वीवीआईपी सुरक्षा (VVIP Security) और आम सरकारी आवास नियमों के बीच प्रशासन को कई बार बीच का रास्ता निकालना पड़ता है। हालांकि, इससे सरकारी संपत्तियों के आवंटन को लेकर आम जनता में यह धारणा बन सकती है कि विशेष परिस्थितियों में नियमों को लचीला बनाया जा सकता है।

‘क्या है पृष्ठभूमि’

यह पूरा विवाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के परिवार, विशेषकर उनके बेटे तेज प्रकाश सिंह द्वारा चंडीगढ़ के सेक्टर 5 स्थित सरकारी आवास में रहने को लेकर शुरू हुआ था। नियमों के मुताबिक सरकारी रिहाइश तय समय के बाद खाली करनी होती है, और सुप्रीम कोर्ट के भी ऐसे ही दिशा-निर्देश हैं। प्रशासन ने एक बार यह आवंटन रद्द भी कर दिया था। लेकिन परिवार के राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व (सीएम की आतंकी हमले में हत्या) को देखते हुए खुफिया एजेंसियों ने परिवार पर लगातार आतंकी खतरे की रिपोर्ट दी। इसी ‘थ्रेट परसेप्शन’ के आधार पर प्रशासन ने उन्हें उसी घर में रहने की अनुमति दी, जिसे बाद में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

‘मुख्य बातें (Key Points)’
  • हाईकोर्ट ने तेज प्रकाश सिंह (बेअंत सिंह के बेटे) को चंडीगढ़ के सेक्टर 5 स्थित सरकारी बंगले में रहने की अनुमति दे दी है।

  • अदालत ने माना कि यह फैसला आतंकी खतरे और खुफिया इनपुट्स के आधार पर लिया गया ‘सचेत फैसला’ है।

  • सुरक्षा एजेंसियों ने ग्रेनेड हमलों, फोन पर धमकियों और सोशल मीडिया पर विरोध का हवाला दिया है।

  • यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामान्य आवास खाली करने के निर्देशों से पूरी तरह अलग माना गया है।

  • हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर से सरकारी घरों की मरम्मत में हो रही देरी पर भी हलफनामा मांगा है।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. बेअंत सिंह के परिवार को सरकारी बंगला क्यों नहीं खाली करना पड़ेगा?

उत्तर: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खुफिया इनपुट्स और आतंकी खतरों की रिपोर्ट के आधार पर माना है कि परिवार की सुरक्षा के लिए उनका चंडीगढ़ के सेक्टर 5 स्थित घर में रहना जरूरी है।

Q2. क्या सुप्रीम कोर्ट का नियम सरकारी घर खाली करने पर लागू नहीं होता?

उत्तर: सुप्रीम कोर्ट का सामान्य नियम सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिटायरमेंट के बाद घर खाली करने के लिए है। लेकिन हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि तेज प्रकाश सिंह का मामला विशेष सुरक्षा खतरे से जुड़ा है, इसलिए यह उस दायरे से बाहर है।

Q3. इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी और इसमें क्या मुद्दा है?

उत्तर: अदालत ने यूटी के चीफ इंजीनियर से हाईकोर्ट कर्मचारियों के घरों में मरम्मत न होने पर हलफनामा मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

हाईकोर्ट के डर से पंजाब सरकार का यू-टर्न? रातों-रात हुआ बड़ा ऐलान

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

DGP Punjab

हाईकोर्ट के डर से पंजाब सरकार का यू-टर्न? रातों-रात हुआ बड़ा ऐलान

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
Punjab DA Case Chief Secretary Contempt

DA केस में हाईकोर्ट सख्त: पंजाब सरकार के सबसे बड़े अफसर पर लटकी तलवार!

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
Amritpal singh

Amritpal Singh Punjab Elections: भगवंत मान और बादल को चुनौती

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
GST Council Meeting

बड़ा फैसला: GST Council Meeting में अब Arrest Power खत्म, व्यापारियों को राहत

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
Supreme Court 3 Month Deadline

CBI Probe Punjab पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ा मोड़: जस्टिस नागू हुए अलग

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
Starlink Internet in India

Starlink Internet in India पर बड़ा खुलासा: मस्क के आरोपों पर सरकार का दो टूक जवाब

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।