ASI Bribery Case Sangrur: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए संगरूर के महिला पुलिस थाना में तैनात एएसआई को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा है। देखा जाए तो यह मामला पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक और मिसाल है, जहां एक आम नागरिक को न्याय पाने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ रही थी।
चंडीगढ़ में 14 जुलाई 2026 को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने यह जानकारी देते हुए बताया कि महिला पुलिस थाना, पुलिस लाइंस, संगरूर में तैनात एएसआई (लोकल रैंक) कमलजीत सिंह को 7,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार करते समय रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी विजिलेंस टीम द्वारा बिछाए गए जाल के तहत दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में की गई।
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घरेलू विवाद बना रिश्वत का जरिया
मामले की शुरुआत भवानीगढ़, जिला संगरूर के एक व्यक्ति की शिकायत से हुई। राज्य विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, शिकायतकर्ता का अपनी पत्नी के साथ घरेलू विवाद चल रहा था। इस विवाद के चलते उसकी पत्नी उससे अलग रह रही थी। बाद में पत्नी ने महिला पुलिस थाना, संगरूर में शिकायतकर्ता, उसके पिता और भाई के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
दिलचस्प बात यह है कि इस मामले की जांच का जिम्मा एएसआई कमलजीत सिंह के पास था। अगर गौर करें तो यहीं से भ्रष्टाचार की कहानी शुरू हुई। आरोप के अनुसार, एएसआई ने इस मामले का चालान सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत न करने के बदले शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।
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पहले ही दे चुका था 3,000 रुपये
प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता पहली किस्त के रूप में आरोपी एएसआई को पहले ही 3,000 रुपये दे चुका था। शेष 7,000 रुपये जल्द देने का आश्वासन भी दिया गया था। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि आम नागरिक को अपने ही मामले में राहत पाने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही थी।
लेकिन बार-बार रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने हिम्मत दिखाई। रिश्वत की शेष राशि देने की सहमति जताने के बाद उसने विजिलेंस ब्यूरो, रेंज पटियाला से संपर्क किया और पूरा मामला बताया।
विजिलेंस ने बिछाया जाल, रंगे हाथों हुई गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने तुरंत एक्शन मोड में आकर मामले की गहराई से जांच की। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। समझने वाली बात यह है कि विजिलेंस टीम ने कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया।
दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में आरोपी एएसआई कमलजीत सिंह को शिकायतकर्ता से 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। यह ऑपरेशन पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि कोर्ट में सबूत के तौर पर मजबूती से पेश किया जा सके।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना, पटियाला में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अब मामले की आगे की जांच जारी है।
विजिलेंस ब्यूरो के सूत्रों के मुताबिक, आरोपी एएसआई के खिलाफ ठोस सबूत जुटाए जा रहे हैं। इसमें रिश्वत की राशि, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्य शामिल हैं।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
देखा जाए तो यह मामला आम नागरिकों के लिए एक राहत की खबर है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अगर किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो नागरिक निडर होकर विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत कर सकते हैं।
यह घटना बताती है कि न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाइयां बेहद जरूरी हैं। घरेलू विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में भी रिश्वत की मांग करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि नैतिक रूप से भी निंदनीय है।
पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम तेज
पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई हुई है। विजिलेंस ब्यूरो लगातार ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर नजर रख रहा है जो अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत लेते हैं। पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है।
यह कार्रवाई भी उसी सिलसिले की एक कड़ी है। संगरूर जिले में यह गिरफ्तारी अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक चेतावनी का संदेश है कि कानून की नजर से कोई नहीं बच सकता।
आगे क्या होगा?
मामले की आगे की जांच जारी है। विजिलेंस ब्यूरो यह पता लगा रहा है कि क्या आरोपी एएसआई ने इससे पहले भी ऐसे मामलों में रिश्वत ली है। इसके अलावा, यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इस भ्रष्टाचार के जाल में कोई और अधिकारी शामिल है या नहीं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अगर आरोप साबित हो जाते हैं, तो आरोपी को कठोर सजा हो सकती है। इसमें नौकरी से बर्खास्तगी के साथ-साथ जेल की सजा भी शामिल है।
जनता का फर्ज: भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं
यह मामला जनता के लिए एक सबक भी है। अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत विजिलेंस ब्यूरो को सूचित करें। विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायतकर्ताओं की पहचान गुप्त रखने की व्यवस्था की है, ताकि लोग बिना किसी डर के शिकायत कर सकें।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो का हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल भी उपलब्ध है, जहां कोई भी नागरिक 24×7 शिकायत दर्ज करा सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने संगरूर के महिला पुलिस थाना में तैनात एएसआई कमलजीत सिंह को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया
- आरोपी ने घरेलू विवाद के मामले में चालान न करने के बदले कुल 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से 3,000 रुपये पहले ही ले चुका था
- भवानीगढ़, संगरूर के शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो, रेंज पटियाला में शिकायत दर्ज कराई
- दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को काबू किया
- विजिलेंस ब्यूरो थाना, पटियाला में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, जांच जारी












