Land Pooling Policy Punjab: पंजाब सरकार ने संशोधित Land Pooling Policy को सफल बनाने के लिए अब किसानों को एक और बड़ा प्रलोभन दिया है। 1 जुलाई 2026 को पंजाब कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई इस नीति के तहत अब जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित होगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ट्यूबवेल कनेक्शन दिया जाएगा। देखा जाए तो यह कदम उन किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है जो 2017-18 से लगी पाबंदी के कारण नए कृषि मोटर कनेक्शन नहीं ले पा रहे थे।
पंजाब सरकार ने पावरकॉम के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि जैसे ही कोई किसान लैंड पूलिंग नीति के तहत अधिग्रहित हुई जमीन के बारे में भूमि प्राप्ति कलेक्टर द्वारा जारी प्रमाण पत्र के साथ आवेदन देगा, तो उसे तुरंत और पहले के आधार पर ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि यह कनेक्शन लेने की अवधि चार साल तक की रहेगी।
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2017 से बंद पड़ी कृषि कनेक्शन की राह
पंजाब में साल 2017-18 से नए खेती मोटरों पर पाबंदी लगी हुई है। कनेक्शन लेने के इच्छुक किसानों के लिए नया कृषि मोटर कनेक्शन लेना एक बड़ी समस्या बन गया था। अगर गौर करें तो जब पंजाब सरकार नहरी पानी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है, ठीक उसी समय नए खेती कनेक्शनों का रास्ता भी खोल दिया गया है। राज्य सरकार ने संशोधित लैंड पूलिंग नीति के तहत किसानों को अन्य लाभों के साथ-साथ ट्यूबवेल कनेक्शन देने का भी फैसला किया है। इस वक्त ट्यूबवेल कनेक्शन किसानों की बड़ी जरूरत बन गई है।
समझने वाली बात यह है कि पिछली बार 2017 की विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले तत्कालीन अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार ने करीब 32 हजार ट्यूबवेल कनेक्शन चेयरमैनी कोटे के तहत बांटे थे ताकि किसानों के वोट लिए जा सकें। उसके बाद बनी कांग्रेस सरकार ने इन 32 हजार कनेक्शनों में से सिर्फ 7 हजार कनेक्शनों को ही मंजूरी दी थी क्योंकि बाकी 25 हजार कनेक्शनों की प्रोसेसिंग फीस नहीं भरी गई थी।
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स्टांप ड्यूटी से भी मिलेगी छूट
लैंड पूलिंग नीति के तहत जमीन देने वाले किसानों को अन्य व्यापारिक लाभों के अलावा स्टांप ड्यूटी से भी छूट दी जाएगी। यहां ध्यान देने वाली बात है कि अगर किसान जमीन अधिग्रहित होने के बाद पंजाब में कहीं और नई जमीन खरीदता है, तो उसे नई जमीन खरीदने के लिए स्टांप ड्यूटी नहीं देनी होगी। यह व्यवस्था किसानों को आर्थिक रूप से राहत देने के उद्देश्य से की गई है।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की पाबंदी
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) द्वारा नए कृषि ट्यूबवेलों पर पाबंदी लगाई हुई है। अब राज्य सरकार ने नया दांव चला है ताकि लैंड पूलिंग नीति को अपनाने के लिए किसान प्राथमिकता दें। देखणा होगा कि खेती मोटर कनेक्शनों का प्रलोभन किसानों को कितना लैंड पूलिंग नीति की ओर खींच पाएगा।
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किसान संगठनों का विरोध जारी
दूसरी ओर किसान संगठनों ने पहले ही घोषणा कर दी है कि किसी भी किसान से जबरन जमीन अधिग्रहित करने नहीं दी जाएगी। पिछली ओर नजर डालें तो आप सरकार ने शुरुआती चरण में 14 मई 2025 को लैंड पूलिंग नीति की घोषणा की थी, जिसका पंजाब में किसानों ने बड़ा विरोध किया था। इसके बाद पंजाब सरकार ने पहले 4 जून और फिर 25 जुलाई 2025 को संशोधन भी किए थे।
जब किसान जमीन नहीं देने पर अड़ गए तो पंजाब सरकार ने 11 अगस्त 2025 को लैंड पूलिंग नीति वापस लेने की घोषणा कर दी थी। पंजाब सरकार ने अब संशोधित लैंड पूलिंग नीति को 1 जुलाई 2026 को मंजूरी दे दी है।
नोटिफिकेशन हुआ जारी
जानकारी के अनुसार, पंजाब कैबिनेट द्वारा मंजूरी मिलने के बाद अब इस नीति का नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार जिन किसानों की जमीन लैंड पूलिंग नीति के तहत अधिग्रहित होगी, उन किसानों को प्राथमिकता के आधार पर ट्यूबवेल कनेक्शन दिया जाएगा। यह कदम सरकार की ओर से किसानों को नीति के प्रति आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा है।
क्या है पूरा मामला
पंजाब सरकार विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर एक नई नीति लाना चाहती थी। इसके तहत किसानों से उनकी जमीन लेकर उन्हें मुआवजे के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी देने का प्रावधान था। लेकिन किसानों ने इसे अपनी जमीन छीनने की साजिश बताते हुए इसका जमकर विरोध किया। किसान संगठनों के दबाव में सरकार को कई बार नीति में संशोधन करने पड़े और एक बार तो इसे पूरी तरह वापस भी लेना पड़ा।
अब सरकार ने किसानों को लुभाने के लिए ट्यूबवेल कनेक्शन और स्टांप ड्यूटी छूट जैसे प्रलोभन जोड़े हैं। इससे साफ होता है कि सरकार इस नीति को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब कैबिनेट ने 1 जुलाई 2026 को संशोधित लैंड पूलिंग नीति को मंजूरी दी
- लैंड पूलिंग नीति के तहत जमीन देने वाले किसानों को प्राथमिकता के आधार पर ट्यूबवेल कनेक्शन मिलेगा
- कनेक्शन लेने की अवधि चार साल तक रहेगी
- किसानों को नई जमीन खरीदने पर स्टांप ड्यूटी से छूट मिलेगी
- पंजाब में 2017-18 से नए कृषि मोटर कनेक्शन पर पाबंदी लगी है
- किसान संगठनों ने जबरन जमीन अधिग्रहण का विरोध किया है













