बुधवार, 27 मई 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Asaram Life Sentence बरकरार, गैंगरेप आरोपों से राहत

Asaram Life Sentence बरकरार, गैंगरेप आरोपों से राहत

राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम को सामूहिक बलात्कार के दोषों से बरी किया, लेकिन नाबालिग से रेप में उम्रकैद यथावत

Ajay Kumar by Ajay Kumar
बुधवार, 27 मई 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राजस्थान, राष्ट्रीय
A A
0
Asaram gets interim bail
105
SHARES
699
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Asaram Life Sentence: बुधवार को पूर्व स्व-घोषित धर्मगुरु आसाराम के लिए राजस्थान हाई कोर्ट से आंशिक राहत की खबर आई है। अदालत ने उन्हें IPC और POCSO Act के तहत सामूहिक बलात्कार के गंभीर आरोपों से तो बरी कर दिया, लेकिन नाबालिग से रेप के मुख्य मामले में उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। देखा जाए तो यह फैसला आसाराम के लिए अच्छी-बुरी खबरों का मिश्रित बैग साबित हुआ।

जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने यह अहम फैसला सुनाते हुए आसाराम को IPC की धारा 376(D) और POCSO Act की धाराओं 5(G)/6 के दोषों से मुक्त कर दिया है। साथ ही, आपराधिक साजिश से जुड़ी धारा 120(B) से भी उन्हें डिस्चार्ज किया गया है। यह वही आरोप थे जिनमें सामूहिक यौन शोषण का मामला बनता था।

🔍 यह भी पढ़ें- 86 साल के आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 2013 के रेप केस में मिली अंतरिम जमानत!

यह भी पढे़ं 👇

Heatwave Alert

Heatwave Alert: PM Modi की गर्मी से बचाव को लेकर अहम अपील

बुधवार, 27 मई 2026
Air India Technical Fault

Air India Technical Fault: 8 घंटे हवा में भटका विमान, दिल्ली वापसी

बुधवार, 27 मई 2026
NEET Paper Leak

NEET Paper Leak: CBI ने डॉक्टर समेत 2 को किया गिरफ्तार

बुधवार, 27 मई 2026
SIR

SIR और चुनाव पारदर्शिता: Supreme Court ने दिया अहम फैसला

बुधवार, 27 मई 2026
नाबालिग से रेप का दोष बरकरार, उम्रकैद जारी

हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि बेंच ने नाबालिग के साथ बलात्कार से संबंधित IPC की धारा 376(2)(F) के तहत आसाराम की सजा को पूरी तरह बरकरार रखा है। इसका सीधा मतलब है कि निचली अदालत द्वारा 2018 में दी गई उम्रकैद की सजा अब भी लागू रहेगी और आसाराम को यह सजा पूरी करनी होगी।

अदालत ने आसाराम को सजा के मद्देनजर जल्द आत्मसमर्पण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। फिलहाल वह अस्थायी जमानत पर बाहर हैं, जिसे सोमवार को महज सात दिनों के लिए बढ़ाया गया था। दिलचस्प बात यह है कि फैसला सुनाने से पहले अदालत ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि उनके पास मुलजिम के लिए “अच्छी और बुरी खबरों का मिश्रित बैग” है।

कई गंभीर धाराओं में सजा यथावत

राजस्थान हाई कोर्ट ने IPC की कई अन्य गंभीर धाराओं के तहत भी सजाओं को बरकरार रखा है। इनमें धारा 342 (गैरकानूनी रूप से नजरबंद करना), 370(4) (तस्करी), 506 (आपराधिक धमकी), 509 (महिला की मर्यादा को ठेस पहुंचाना), और 354(A) (यौन शोषण) शामिल हैं।

इसके अलावा, POCSO Act की धाराओं 7/8 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 23 के तहत भी सजा बरकरार रही है। बेंच ने IPC की धारा 376 और POCSO Act की धारा 34 के तहत भी आसाराम की सजा को यथावत रखा है। समझने वाली बात यह है कि आंशिक राहत के बावजूद, आसाराम अभी भी कई गंभीर आरोपों के तहत दोषी बने हुए हैं।

🔍 यह भी पढ़ें- Sasaram Violence: BJP के पूर्व विधायक गिरफ्तार, रामनवमी शोभायात्रा के दौरान 5 जिलों में हुई थी हिंसक झड़प

सह-अभियुक्तों को मिली पूर्ण बरी

वहीं दूसरी ओर, अदालत ने सह-अभियुक्त संचिता गुप्ता उर्फ शिल्पी और शरत चंद्र को पूरी तरह से बरी कर दिया है। इन दोनों को पहले क्रमशः धारा 120(B) के साथ पढ़ी जाने वाली धाराओं 370(4) और 370(D) के तहत दोषी ठहराया गया था। ये दोनों आसाराम के करीबी सहयोगी माने जाते थे और कथित तौर पर पूरे मामले में अहम भूमिका निभा रहे थे।

जानें पूरा मामला और पृष्ठभूमि

आसाराम को 25 अप्रैल, 2018 को उनके आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के साथ यौन शोषण करने के गंभीर आरोप में दोषी ठहराया गया था। उन्हें IPC, POCSO Act और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की कई धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। यह मामला देशभर में सुर्खियों में रहा था क्योंकि आसाराम उस समय एक प्रभावशाली धर्मगुरु माने जाते थे और उनके लाखों अनुयायी थे।

अगर गौर करें तो बेंच ने आसाराम और सह-अभियुक्तों द्वारा दायर अपीलों पर लंबी सुनवाई पूरी करने के बाद 20 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में कई मोड़ आए और लंबी कानूनी लड़ाई चली।

पीड़िता एक नाबालिग छात्रा थी जो आसाराम के आश्रम में रहती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालतों ने शुरू से ही सख्त रुख अपनाया और त्वरित सुनवाई की।

अब क्या है कानूनी विकल्प?

अब आसाराम की कानूनी स्थिति यह है कि वह कुछ गंभीर आरोपों से मुक्त जरूर हो गए हैं, लेकिन मुख्य आरोप – नाबालिग से रेप – अभी भी कायम है। इसका मतलब साफ है कि उन्हें उम्रकैद की सजा काटनी होगी। हालांकि, उनके पास अब सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प खुला है और वह इस फैसले के खिलाफ अपील दायर कर सकते हैं।

यह मामला धार्मिक गुरुओं द्वारा अपनी शक्ति और प्रभाव के दुरुपयोग का एक चर्चित उदाहरण रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला संतुलित है क्योंकि अदालत ने सबूतों के आधार पर फैसला दिया है।

🔍 यह भी पढ़ें- TCS Nashik Case: Media Trial से लेकर Selective Outrage तक, जानें पूरी सच्चाई


मुख्य बातें (Key Points)

• राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम को गैंगरेप और आपराधिक साजिश के आरोपों से बरी किया
• नाबालिग से रेप के मामले में IPC धारा 376(2)(F) के तहत उम्रकैद की सजा बरकरार
• कई अन्य गंभीर धाराओं जैसे 342, 370(4), 506, 509, 354(A) में सजा यथावत
• सह-अभियुक्त संचिता गुप्ता और शरत चंद्र को पूर्ण बरी
• आसाराम को आत्मसमर्पण के सख्त निर्देश, सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प खुला


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: आसाराम को किस मामले में और कब सजा हुई थी?

उत्तर: आसाराम को 25 अप्रैल 2018 को उनके आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के साथ यौन शोषण के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। राजस्थान हाई कोर्ट ने बुधवार को इस मुख्य सजा को बरकरार रखा है।

प्रश्न 2: हाई कोर्ट ने आसाराम को किन आरोपों से बरी किया?

उत्तर: हाई कोर्ट ने आसाराम को IPC की धारा 376(D) और POCSO Act की धाराओं 5(G)/6 के तहत सामूहिक बलात्कार के आरोपों से बरी कर दिया है। साथ ही आपराधिक साजिश (धारा 120B) से भी मुक्त किया गया है, लेकिन नाबालिग से रेप का मुख्य आरोप बरकरार है।

प्रश्न 3: क्या आसाराम अब जेल से रिहा हो सकते हैं?

उत्तर: नहीं, चूंकि नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा बरकरार है, इसलिए उन्हें जल्द आत्मसमर्पण करना होगा। वर्तमान में वह अस्थायी जमानत पर हैं जो जल्द समाप्त होगी। हालांकि वह सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

27 May 2026 Horoscope: किस राशि की चमकेगी किस्मत, जानें पूरा राशिफल

Next Post

Transgender Law: हाई कोर्ट्स के केस Supreme Court भेजने की मांग

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Heatwave Alert

Heatwave Alert: PM Modi की गर्मी से बचाव को लेकर अहम अपील

बुधवार, 27 मई 2026
Air India Technical Fault

Air India Technical Fault: 8 घंटे हवा में भटका विमान, दिल्ली वापसी

बुधवार, 27 मई 2026
NEET Paper Leak

NEET Paper Leak: CBI ने डॉक्टर समेत 2 को किया गिरफ्तार

बुधवार, 27 मई 2026
SIR

SIR और चुनाव पारदर्शिता: Supreme Court ने दिया अहम फैसला

बुधवार, 27 मई 2026
Air India Flight Reduction

Air India Flight Reduction: महंगे तेल की मार, उड़ानों में भारी कटौती

बुधवार, 27 मई 2026
Transgender Law

Transgender Law: हाई कोर्ट्स के केस Supreme Court भेजने की मांग

बुधवार, 27 मई 2026
Next Post
Transgender Law

Transgender Law: हाई कोर्ट्स के केस Supreme Court भेजने की मांग

Air India Flight Reduction

Air India Flight Reduction: महंगे तेल की मार, उड़ानों में भारी कटौती

SIR

SIR और चुनाव पारदर्शिता: Supreme Court ने दिया अहम फैसला

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।