Cross-Border Arms Smuggling का एक बड़ा मॉड्यूल अमृतसर पुलिस ने तोड़ दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित और संरक्षित राज्य बनाने की चल रही मुहिम के बीच यह बड़ी सफलता मिली है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से छह अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं।
और बस यहीं से खुला पाकिस्तान कनेक्शन का पूरा खेल। डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) पंजाब गौरव यादव ने मंगलवार को चंडीगढ़ में यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे।
देखा जाए तो, यह पंजाब की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती थी। लेकिन पुलिस की सक्रिय कार्रवाई से इस नेटवर्क को तोड़ने में सफलता मिली है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंगल सिंह उर्फ मंगा (30 वर्ष), तरनतारन के गांव काजीकोट निवासी; प्रणव शर्मा उर्फ लड्डू (24 वर्ष), अमृतसर के छेहरटा क्षेत्र में ऑर्किड वैली निवासी; और गौरव राणा (25 वर्ष), अमृतसर के गुरु नानक एवेन्यू निवासी के रूप में हुई है।
बरामद पिस्तौलों में दो मेड इन चाइना .30 बोर, एक जिगाना .30 बोर और तीन .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आ रहे थे हथियार
यहां ध्यान देने वाली बात है कि DGP गौरव यादव ने बताया कि अवैध हथियार सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे थे। आरोपी खेप उठाते थे और आपराधिक तत्वों को सप्लाई करते थे।
दिलचस्प बात यह है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे। यह दिखाता है कि तस्करी का यह नेटवर्क कितना आधुनिक और संगठित था।
DGP ने कहा कि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे और पीछे की कड़ियां स्थापित करने के लिए आगे की जांच चल रही है।
दो आरोपी लूट के केस में भी वांटेड
कमिश्नर ऑफ पुलिस (CP) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने परिचालन विवरण साझा करते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर लक्षित ऑपरेशन में पुलिस टीमों ने संदिग्ध मंगल सिंह उर्फ मंगा को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक .30 बोर पिस्तौल बरामद की गई।
उसके खुलासे पर सह-आरोपी प्रणव शर्मा उर्फ लड्डू और गौरव राणा को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से पांच अतिरिक्त पिस्तौल बरामद की गईं।
समझने वाली बात यह है कि आरोपी प्रणव उर्फ लड्डू और गौरव राणा के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। उनका आपराधिक इतिहास है। दोनों आरोपी पुलिस स्टेशन रणजीत एवेन्यू में दर्ज बंदूक की नोक पर लूट करने के मामले में भी वांटेड हैं।
FIR दर्ज, आगे की जांच जारी
इस संबंध में पुलिस स्टेशन कैंटोनमेंट, अमृतसर में FIR नंबर 54 दिनांक 04-04-2026, आर्म्स एक्ट की धारा 25 (6,7,8) के तहत दर्ज की गई है।
अगर गौर करें तो यह मामला सिर्फ हथियारों की तस्करी तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध पाकिस्तान से है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
भगवंत मान सरकार का ‘अपराध-मुक्त पंजाब’ मिशन
यह गिरफ्तारी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित और संरक्षित राज्य बनाने की चल रही मुहिम का हिस्सा है।
पंजाब सरकार ने ‘अपराध-मुक्त पंजाब’ का लक्ष्य रखा है। इसी के तहत पंजाब पुलिस लगातार आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने का काम कर रही है।
DGP गौरव यादव के नेतृत्व में पुलिस टीमें गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों, रिश्तेदारों, असामाजिक तत्वों और नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त और लक्षित कार्रवाई कर रही हैं।
‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के परिणाम
‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान के तहत पंजाब पुलिस की कार्रवाई के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। अभियान की शुरुआत से अब तक पुलिस ने राज्यभर में 59,015 छापे मारे हैं और 21,154 गिरफ्तारियां की हैं। इसके अलावा 888 भगोड़ों को भी गिरफ्तार किया गया है।
यह आंकड़े दिखाते हैं कि पंजाब पुलिस अपराध के खिलाफ कितनी सक्रिय है।
सीमा पार से ड्रोन खतरा
यह मामला एक बार फिर ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खतरे को उजागर करता है।
पाकिस्तान स्थित तस्कर ड्रोन का इस्तेमाल करके भारत में हथियार और ड्रग्स भेज रहे हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है।
पंजाब पुलिस को इस खतरे से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और खुफिया तंत्र को और मजबूत करना होगा।
सोशल मीडिया पर निगरानी जरूरी
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे।
यह दिखाता है कि तस्कर सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने नेटवर्क को चलाने के लिए कर रहे हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर निगरानी और भी जरूरी हो गई है।
आगे की कार्रवाई
DGP गौरव यादव ने साफ कहा है कि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे की जांच चल रही है। पुलिस आगे और पीछे की कड़ियां स्थापित करने का प्रयास कर रही है।
यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इस नेटवर्क का एक भी सदस्य बचे नहीं। साथ ही, पाकिस्तान में बैठे तस्करों की पहचान करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना भी जरूरी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमृतसर में क्रॉस-बॉर्डर हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़
- तीन आरोपी गिरफ्तार: मंगल सिंह, प्रणव शर्मा और गौरव राणा
- छह अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद
- पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे थे हथियार
- दो आरोपी लूट के केस में भी वांटेड
- ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान: 59,015 छापे, 21,154 गिरफ्तारियां













