एयरटेल ने अपने 32 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को साइबर फ्रॉड्स के संदर्भ में जारी की चेतावनी, इस ऐप से रहें बचके

नई दिल्ली, 22 मई  

टेलीकॉम कंपनी एयरटेल के सीईओ (इंडिया, साउथ एशिया) गोपाल विट्टल ने कंपनी के 32 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को चेतावनी जारी की है। साइबर फ्रॉड्स के मामलों में कस्टमर्स को फोन में ऐप्स इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है, यह ऐप्स यूजर्स के डिवाइस में इंस्टॉल सभी अकाउंट्स को ट्रैक कर सकते हैं। इसके अलावा, विट्टल ने डिजिटल पेमेंट्स से जुड़े फ्रॉड्स को लेकर भी कंपनी के कस्टमर्स को अलर्ट किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी इसे लेकर निरंतर काम कर रही है और ग्राहकों को ठगों का शिकार बनने से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय लेकर आगे आ रही है।

विट्टल ने ग्राहकों को भेजे गए एक ई-मेल में ठगों के काम करने के तौर-तरीके का उल्लेख किया और साथ ही डिजिटल भुगतानों के मामले में साइबर ठगी करने वालों की तरफ ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा, “महामारी की दूसरी लहर के बीच देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन लगने के साथ, ऑनलाइन लेन-देन में काफी तेजी आई है। बदकिस्मती से इसके साथ ही साइबर धोखाधड़ी भी उतनी ही तेजी से बढ़ रही है।”

विट्टल ने उपभोक्ताओं को संभावित ठगी के प्रकारों को लेकर आगाह करते हुए कहा कि एयरटेल ने एक “इंडस्ट्री फर्स्ट फीचर” शुरू किया है जो “किसी ठग का शिकार बनने के भय के बिना” सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन की व्यवस्था करने में मदद करेगा। उन्होंने एयरटेल की दूरसंचार सेवा का इस्तेमाल करने वाले लोगों से कहा, “कृपया यह बात ध्यान में रखें कि एयरटेल फोन पर वीआईपी नंबर नहीं बेचती और हम आपसे कभी भी किसी तीसरे पक्ष की ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहते हैं। दोनों ही मामलों में तत्काल 121 नंबर पर फोन करके पुष्टि करें। असल में मैं यह कहूंगा कि आपको जब भी कोई शंका हो, तुरंत 121 पर फोन करें।”

इस ऐप से रहें बचके- धोखाधड़ी करने वालों से सचेत करते हुए उन्होंने कहा कि कोई ठग खुद को एयरटेल का कर्मचारी बताकर आपसे जानकारी ले सकता है और यह जानकारी अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) फॉर्म को पूरा करने के संबंध में ली जा सकती है। ठगी करने वाला व्यक्ति ग्राहक को एयरटेल क्विक सपोर्ट’ ऐप को डाउनलोड करने के लिए कह सकता है, जबकि गूगल प्ले स्टेार पर ऐसा कोई ऐप है ही नहीं। जैसे ही ग्राहक इसे अपने फोन में इंस्टॉल करता है, पूरा उपकरण ठग के सामने आ जाता है और उससे जुड़े तमाम खातों तक उसकी पहुंच हो जाती है।विट्टल ने उपयोगकर्ताओं से इस प्रकार के झांसे में आने से बचने का आग्रह किया है।

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