संकट की घड़ी में लोक सेवा से भागा एम्स बठिंडा का नर्सिंग स्टाफ


चंडीगढ़, 19 मईः

कोविड माहामारी की दूसरी लहर के कारण पैदा हुई संकट की घड़ी में लोक सेवा से भागे एम्स बठिंडा के नर्सिंग स्टाफ ने अपने पेशे के साथ दगा किया है। यह बात पंजाब के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने आज यहां जारी एक प्रैस बयान में कही।

सोनी ने कहा कि जब पूरी दुनिया इस संकट की घड़ी में डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की सहायता से इस घातक वायरस का मुकाबला कर रही है और आम लोग भी मानवता के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर पीड़ित लोगों की मदद कर रहे हैं तो उस समय एम्स बठिंडा से विशेष तौर पर रजिन्दर हस्पताल में कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए भेजे गए नर्सिंड स्टाफ द्वारा बिना वजह धरना लगाकर ज़िंदगी बचाने के लिए लड़ रहे लोगों की जान को खतरे में डाला है।

उन्होंने कहा कि एम्ज बठिंडा में बीते समय में 400 स्टाफ नर्सों को भर्ती किया गया था और मौजूदा समय में एम्ज बठिंडा में स्तर 2 के 45 बैड और स्तर 3 के 20 बैड ही काम कर रहे थे, जिस कारण डायरैक्टर एम्ज बठिंडा ने भारत सरकार की मंजूरी से भर्ती से लेकर अब तक फुर्सत में बैठे तनख़्वाह ले रहे नर्सिंग स्टाफ को 50-50 के ग्रुपों में राज्य के चार सरकारी मैडकिल कॉलेजों में ड्यूटी हेतु भेजने का फ़ैसला लिया था।

सोनी ने कहा कि एम्ज बठिंडा से स्टाफ नर्सों के आने संबंधी सूचना मिलते ही ज़िला प्रशासन पटियाला द्वारा स्टाफ नर्सों के रहने का प्रबंध एक सरकारी महिला होस्टल में किया गया था परंतु जैसे ही सूचना मिली कि पुरुष नर्सिंंग स्टाफ आ रहे हैं तो सोमवार शाम को इन नर्सिंंग स्टाफ के रहने का प्रबंध प्रो.गुरसेवक सिंह सरकारी शारीरिक शिक्षा कॉलेज पटियाला के होस्टल में किया था और इन नर्सिंग स्टाफ के रहने के लिए सभी ज़रुरी प्रबंध जैसे कि होस्टल की साफ़ सफ़ाई, सैनीटाईजेशन, बाथरूमों की साफ़ शफाई और बैडिंग का प्रबंध होस्टल वार्डन द्वारा एस.डी.एम. पटियाला और प्रिंसिपल सरकारी मैडीकल कॉलेज और मैडीकल सुपरिडेंट की मौजूदगी में करवाया गया था और होस्टल मैस में बढ़िया खाने का भी प्रबंध किया गया था जिसकी गुणवत्ता ख़ुद प्रिंसिपल सरकारी मैडीकल कॉलेज और मैडीकल सुपरिडेंट द्वारा निर्धारित गई थी।

उन्होंने कहा कि इन नर्सिंग स्टाफ की बाकी सभी पूरी की जाने वाली माँगों को भी साथ के साथ पूरा कर दिया गया था परंतु इनके द्वारा हर रूम में कूलर मुहैया करवाने और रजिन्दरा अस्पताल आने जाने के लिए एयर कंडीशनर बस और फ्रिज मुहैया करवाने की माँग पूरी करवाने के लिए ही शोर मचाया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि जब इनको बीते कल आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी के लिए ले जाया गया तो ये मेल नर्सिंग द्वारा कहा गया कि हमें पी.पी.ई किट पहनने नहीं आती और वार्ड में ड्यूटी के दौरान सैंपल लेने में भी असमर्थता ज़ाहिर की गई। इसके अलावा उच्च अधिकारियों के साथ बदतमीज़ी भी की गई।

सोनी ने शंका जाहिर करते हुए कहा कि इन स्टाफ नर्सों द्वारा किसी राजनैतिक साजिश का हिस्सा बनते हुए इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है जिस कारण इन अनजान और अनुशासनहीन मेल नर्सिंग स्टाफ को तुरंत वापस भेजा जा रहा है।


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