AAP BJP Nasha Mukti Yatra – Aam Aadmi Party (AAP) ने Bharatiya Janata Party (BJP) की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पर करारा पलटवार किया है। आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री Harpal Singh Cheema ने भाजपा से पंजाब में राजनीतिक मार्च निकालने से पहले तीन बेसिक सवालों के जवाब देने को कहा है। देखा जाए तो यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में एक नया मोर्चा खोलने वाला है।
AAP के मीडिया इंचार्ज Baltej Pannu और खरड़ हलका इंचार्ज परमिंदर गोल्डी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री चीमा ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। दिलचस्प बात यह है कि आप ने रक्षात्मक रुख अपनाने की बजाय आक्रामक तरीके से भाजपा को घेरा है।
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पहला सवाल: गुजरात से नशे की तस्करी क्यों?
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पहला सवाल पूछा: “भाजपा गुजरात से पंजाब में नशे की तस्करी क्यों करवा रही है?”
उन्होंने कहा, “देश में बरामद नशों की बड़ी खेपों के तार अक्सर Gujarat और Rajasthan से जुड़े रहे हैं, जहां भाजपा की सरकारें हैं। अगर भाजपा की केंद्र सरकार नशों की बुराई को खत्म करने के लिए सीरियस है, तो उसे सबसे पहले भाजपा शासित राज्यों में नशा तस्करों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।”
समझने वाली बात यह है कि कई बड़ी ड्रग्स की खेपें गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और राजस्थान से पकड़ी गई हैं। अगर गौर करें तो यह सवाल वाजिब है कि भाजपा शासित राज्यों में नशे की तस्करी कैसे हो रही है।
दूसरा सवाल: 55 किमी बॉर्डर BSF के अधीन, फिर पंजाब को क्यों निशाना?
दूसरा सवाल और भी महत्वपूर्ण है। मंत्री चीमा ने कहा, “पाकिस्तान बॉर्डर से लगी 55 किलोमीटर की पट्टी Border Security Force (BSF) के तहत आती है। इस इलाके में केंद्र की सीधी जिम्मेदारी होने के बावजूद, भाजपा नशों के मुद्दे पर पंजाब को निशाना बना रही है।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है, न कि राज्य सरकार की। BSF केंद्रीय बल है और सीमा पर ड्रोन से आने वाली नशे की खेपों को रोकना उनकी जिम्मेदारी है।
मंत्री ने कहा, “भगवंत सिंह मान सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है और ड्रोन द्वारा नशों की तस्करी को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम शुरू करने सहित पंजाब पुलिस की समर्था को मजबूत किया है।”
तीसरा सवाल: पंजाब का पानी हरियाणा-राजस्थान को क्यों?
तीसरा सवाल पानी के अधिकारों से जुड़ा है। मंत्री चीमा ने पूछा, “भाजपा पंजाब का पानी हरियाणा और राजस्थान को क्यों देना चाहती है?”
यह मुद्दा पंजाब में बेहद संवेदनशील है। Sutlej Yamuna Link (SYL) Canal का मामला दशकों से विवादित रहा है। पंजाब का तर्क है कि उसके पास खुद के लिए पर्याप्त पानी नहीं है, फिर वह दूसरे राज्यों को कैसे दे सकता है।
और बस यहीं से शुरू होती है असली राजनीतिक बहस। आप ने नशे के मुद्दे को पानी के मुद्दे से जोड़ दिया है, जो भाजपा के लिए चुनौती है।
2007-2017: अकाली-भाजपा शासन में नशे का चरम
मंत्री चीमा ने कहा, “2007 से 2017 के बीच, जब पंजाब में Akali-BJP सरकार थी, तब राज्य में नशे की समस्या बड़े पैमाने पर थी। उस दौरान, ‘चिट्टा’ शब्द सामने आया और नशा संकट से काफी हद तक जुड़ गया, और पूरे पंजाब में खुलेआम नशे बांटे जा रहे थे।”
दिलचस्प बात यह है कि मंत्री ने आरोप लगाया कि सरकारी गाड़ियों का भी नशा तस्करी के लिए गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जब नशा से जुड़े मामलों की जांच चल रही थी, तब जालंधर से एक ED ऑफिसर का ट्रांसफर कर दिया गया।
भगवंत मान सरकार के प्रयास
मंत्री ने भगवंत मान सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा:
1. युद्ध नशेआं विरुद्ध मुहिम: सरकार ने व्यापक अभियान शुरू किया है
2. एंटी-ड्रोन सिस्टम: ड्रोन से आने वाली नशे की खेपों को रोकने के लिए तकनीक तैनात की गई
3. राज्य के बाहर कार्रवाई: पंजाब पुलिस ने दूसरे राज्यों में भी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की
4. दो तरफा रणनीति: एक तरफ तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, दूसरी तरफ नशे के आदी लोगों का इलाज
मंत्री ने कहा, “हम नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं और नशों की गिरफ्त में आए लोगों का इलाज भी पक्का कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी नशा तस्कर या स्मगलर को बख्शा नहीं जाना चाहिए।”
भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ कब से?
भाजपा 18 सितंबर से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू करने जा रही है। यह यात्रा पंजाब के विभिन्न जिलों से गुजरेगी और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का दावा करेगी।
लेकिन आप का सवाल है कि पहले भाजपा अपने राज्यों में सफाई क्यों नहीं करती? यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह यात्रा 2027 के चुनावों को ध्यान में रखकर शुरू की जा रही है।
गुलजार सिंह मामले पर चीमा का जवाब
गुलजार सिंह की मौत से जुड़े मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री चीमा ने कहा, “विपक्ष ‘लाशों पर राजनीति’ कर रहा है, और मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। यह मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए मैं इस पर ज्यादा कमेंट नहीं करूंगा।”
उन्होंने कहा, “परिवार का असली बयान पहले ही पब्लिक हो चुका है। लोगों ने इसे देखा है और वे इस मामले से जुड़े फैक्ट्स जानते हैं।”
राजनीतिक शतरंज का खेल
विश्लेषकों का मानना है कि यह एक राजनीतिक शतरंज का खेल है। भाजपा चुनाव से पहले पंजाब में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है और नशे का मुद्दा उठाकर आप सरकार को घेरना चाहती है।
दूसरी ओर, आप ने भाजपा को उसी के मैदान में चुनौती दी है और पलटवार करते हुए तीन बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
अगर गौर करें तो दोनों दलों की रणनीति साफ है – भाजपा आप सरकार को घेरना चाहती है और आप भाजपा को बचाव की स्थिति में डालना चाहती है।
मुख्य बातें (Key Points)
✅ आप ने भाजपा से तीन सवाल पूछे: गुजरात से तस्करी, BSF बॉर्डर, पानी के अधिकार
✅ हरपाल चीमा ने 2007-2017 के अकाली-भाजपा शासन को नशे का जिम्मेदार ठहराया
✅ एंटी-ड्रोन सिस्टम और युद्ध नशेआं विरुद्ध मुहिम की बात की
✅ भाजपा 18 सितंबर से नशा मुक्त यात्रा शुरू करेगी
✅ गुजरात-राजस्थान से नशे की खेपों का आरोप
✅ 55 किमी बॉर्डर BSF के अधीन, केंद्र की जिम्मेदारी













