Punjab MLA Resignation का मामला आज पंजाब की सियासत में तेजी से घूमा। विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने अमृतसर (उत्तर) से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के इस्तीफे मंजूर कर लिए। इसके बाद दोनों सीटों को आधिकारिक तौर पर “खाली” घोषित कर दिया गया। उसी दिन समाणा के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा को नोटिस भी जारी हुआ।
सवाल उठता है कि एक ही दिन में इतना कुछ कैसे हो गया। देखा जाए तो दोनों इस्तीफे कुछ घंटे पहले ही स्पीकर को भेजे गए थे और कुछ घंटों में ही मंजूर हो गए।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab DA Arrear: हाईकोर्ट में सरकार ने माना 22,818 करोड़ बकाया
‘अमृतसर (उत्तर) और सनौर सीट खाली, चुनाव आयोग को सूचना’
स्पीकर संधवां ने दोनों विधायकों का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद हलका अमृतसर (उत्तर) (15) और हलका सनौर (114) को खाली घोषित किया। विधानसभा सचिवालय ने नोटिफिकेशन जारी किया और दोनों सीटों की सूचना भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी।
| हलका | सीट संख्या | पूर्व विधायक | स्थिति |
|---|---|---|---|
| अमृतसर (उत्तर) | 15 | कुंवर विजय प्रताप सिंह | इस्तीफा मंजूर, सीट खाली |
| सनौर | 114 | हरमीत सिंह पठानमाजरा | इस्तीफा मंजूर, सीट खाली |
‘उपचुनाव क्यों नहीं होगा’
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि नियमों के अनुसार इन दोनों सीटों पर अभी उपचुनाव की कोई संभावना नहीं है। वजह यह है कि अगली विधानसभा चुनाव में छह महीने से कम समय बचा है।
इसका मतलब है कि अमृतसर (उत्तर) और सनौर के लोगों के पास फिलहाल अपना विधायक नहीं रहेगा, और उपचुनाव भी नहीं होगा। इन इलाकों के लोगों के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि स्थानीय मुद्दे उठाने वाला प्रतिनिधि अब सदन में नहीं है।
‘चेतन सिंह जौड़ामाजरा को नोटिस: 5 नवंबर को सुनवाई’
इस्तीफों के साथ ही एक और मोर्चा खुला। स्पीकर संधवां ने समाणा से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई 5 नवंबर को रखी गई है।
नोटिस की पृष्ठभूमि भी आज की ही है। आम आदमी पार्टी की चीफ व्हिप बलजिंदर कौर ने आज स्पीकर के पास याचिका दाखिल की। उसमें संविधान की दसवीं अनुसूची के हवाले से जौड़ामाजरा को पंजाब विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।
अगर गौर करें तो अब अगला कदम जौड़ामाजरा का जवाब और 5 नवंबर की सुनवाई है। उसके बाद ही साफ होगा कि स्पीकर क्या फैसला लेते हैं।
‘शीतल अंगुराल के बाद तीसरा इस्तीफा’
दिलचस्प बात यह है कि यह पहला मौका नहीं है। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले जालंधर के विधायक शीतल अंगुराल ने इस्तीफा दिया था, जो मंजूर हो गया था। कुंवर विजय प्रताप सिंह और हरमीत सिंह पठानमाजरा के इस्तीफे मंजूर होने के बाद यह गिनती अब तीन हो गई है।
| इस्तीफा देने वाले विधायक | स्थिति |
|---|---|
| शीतल अंगुराल (जालंधर) | लोकसभा चुनाव 2024 से पहले इस्तीफा, मंजूर |
| कुंवर विजय प्रताप सिंह (अमृतसर उत्तर) | इस्तीफा मंजूर |
| हरमीत सिंह पठानमाजरा (सनौर) | इस्तीफा मंजूर |
‘अगले छह महीने में पंजाब विधानसभा की तस्वीर’
देखा जाए तो आने वाले महीनों में तीन बातें नजर रखने लायक हैं। पहली, 5 नवंबर की सुनवाई में जौड़ामाजरा का जवाब और स्पीकर का रुख। दूसरी, अमृतसर (उत्तर) और सनौर में विधायक के बिना बीतता समय। तीसरी, अगली विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ इन दोनों सीटों पर राजनीतिक हलचल।
पिछली बार से तुलना करें तो फर्क साफ दिखता है। शीतल अंगुराल का इस्तीफा लोकसभा चुनाव से पहले आया था, जबकि इस बार दो इस्तीफे अगली विधानसभा चुनाव से छह महीने से कम समय पहले मंजूर हुए हैं। यह दर्शाता है कि सीटें अब उपचुनाव से नहीं, सीधे आम चुनाव में ही भरी जाएंगी। यह मामला राज्य की राजनीति के साथ चुनावी तैयारी से भी जुड़ता है।
‘आम आदमी पर क्या असर’
आम मतदाता के लिए सीधी बात यह है कि अमृतसर (उत्तर) और सनौर में अब चुनी हुई आवाज नहीं बची है। विकास कार्यों, शिकायतों और स्थानीय मांगों के लिए लोगों को अब नए विधायक का इंतजार अगली विधानसभा चुनाव तक करना होगा।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने आज दो विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए, जो कुछ घंटे पहले ही भेजे गए थे। इसके बाद अमृतसर (उत्तर) और सनौर की सीटें खाली घोषित हुईं। उसी दिन आप की चीफ व्हिप बलजिंदर कौर ने चेतन सिंह जौड़ामाजरा की सदस्यता खत्म करने की याचिका दाखिल की, जिस पर स्पीकर ने नोटिस जारी किया।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- स्पीकर संधवां ने कुंवर विजय प्रताप सिंह (अमृतसर उत्तर) और हरमीत सिंह पठानमाजरा (सनौर) के इस्तीफे मंजूर कर दोनों सीटें खाली घोषित कीं।
- दोनों सीटों की सूचना चुनाव आयोग को भेजी गई, पर अगली विधानसभा चुनाव में छह महीने से कम समय होने से उपचुनाव की संभावना नहीं है।
- चेतन सिंह जौड़ामाजरा को नोटिस जारी हुआ है और सुनवाई 5 नवंबर को होगी।
- शीतल अंगुराल के बाद यह तीसरा मौका है, जब किसी विधायक का इस्तीफा मंजूर हुआ।










