LIVE | ...
गुरूवार, 6 अगस्त 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Punjab Jails Drug Treatment Cost: पंजाब की जेलों में नशा छुड़ाने वाली गोली की कीमत 8 गुना बढ़ी, विधायक ने किया बड़ा खुलासा

Punjab Jails Drug Treatment Cost: पंजाब की जेलों में नशा छुड़ाने वाली गोली की कीमत 8 गुना बढ़ी, विधायक ने किया बड़ा खुलासा

पंजाब विधान सभा में जगरूप गिल ने पेश की रिपोर्ट, 2022 से 2026 तक जेलों में नशा मुक्ति दवा की लागत आसमान छू रही

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
गुरूवार, 6 अगस्त 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, पंजाब
A A
0
Punjab Jails Drug Treatment Cost
104
SHARES
695
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Punjab Jails Drug Treatment Cost: पंजाब की जेलों में बंद कैदियों को नशे से मुक्ति दिलाने के लिए दी जाने वाली दवाई की कीमत पिछले चार सालों में आठ गुना बढ़ गई है। पंजाब विधान सभा के मानसून सत्र के चौथे दिन विधायक जगरूप सिंह गिल ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने सदन में सरकारी कारोबार समिति की रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि साल 2022 में जहां जेलों में 1.17 करोड़ रुपए की नशा छुड़ाने वाली गोलियां (जीभ के नीचे रखी जाने वाली दवा) की सप्लाई हुई थी, वहीं 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 8.87 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

देखा जाए तो यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि पंजाब में नशे की समस्या की गहराई को दर्शाता है। सवाल उठता है कि क्या जेलों के भीतर भी नशे की लत इतनी बढ़ गई है कि दवाओं की खपत लगातार बढ़ती जा रही है? या फिर कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है?

🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Power Distribution: बिजली वितरण प्रणाली के लिए 5,000 करोड़, 1.12 लाख ट्रांसफॉर्मर लगे

विधान सभा में क्या हुआ खुलासा?

जगरूप सिंह गिल, जो सरकारी कारोबार समिति के चेयरमैन हैं, ने सदन में 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए कई अहम आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि पंजाब की जेलों में नशा छुड़ाने के लिए जो गोलियां (सब्लिंगुअल टेबलेट यानी जीभ के नीचे रखी जाने वाली गोली) दी जाती हैं, उनकी लागत में भारी इजाफा हुआ है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि यह आंकड़े सिर्फ जेल विभाग के हैं। इससे अलग स्वास्थ्य विभाग भी पूरे प्रदेश में नशा मुक्ति कार्यक्रम चलाता है। गिल ने बताया कि पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने साल 2022 में समूचे सूबे के लिए 7 करोड़ रुपए की नशा छुड़ाऊ गोलियां खरीदीं। यह संख्या 2025 में बढ़कर 11 करोड़ रुपए हो गई।

अगर गौर करें तो पिछले साढ़े चार सालों में पंजाब सरकार ने कुल 43.44 करोड़ रुपए की नशा मुक्ति दवाओं की खरीद की है। यह राशि बताती है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकारी खजाने पर कितना बोझ पड़ रहा है।

🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Cabinet Decisions: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम, डिजिटल यूनिवर्सिटी और बड़े सुधार

यह भी पढे़ं 👇

Kidney Disease India

Kidney Disease India: ₹10 की पेनकिलर से ₹40,000 के डायलिसिस तक का सफर, क्यों 40 की उम्र से पहले खो रहे हैं भारतीय अपनी किडनी

गुरूवार, 6 अगस्त 2026
UPI Charges

UPI Payment Charges: ₹2000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर लग सकता है चार्ज, सरकार ला रही कानून में बदलाव

गुरूवार, 6 अगस्त 2026
Shakib Al Hasan House Attack

Shakib Al Hasan House Attack: हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शाकिब के घर पर पेट्रोल बम से हमला

गुरूवार, 6 अगस्त 2026
Father Last Rites Video Call

Father Last Rites Video Call: ‘हमारे पास समय नहीं’, तीन बेटियों ने वीडियो कॉल पर देखा पिता का अंतिम संस्कार

गुरूवार, 6 अगस्त 2026
वर्षजेलों में दवा लागतस्वास्थ्य विभाग खरीद
2022₹1.17 करोड़₹7 करोड़
2025–₹11 करोड़
2026₹8.87 करोड़–
कुल (4.5 साल)–₹43.44 करोड़
क्यों बढ़ रही है दवाओं की खपत?

दिलचस्प बात यह है कि जेलों में नशा छुड़ाने की दवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। पहला, पंजाब में नशे की लत से जुड़े मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है और जेलों में भी नशेड़ियों की संख्या बढ़ी है। दूसरा, सरकार ने जेलों में नशा मुक्ति कार्यक्रम को गंभीरता से लागू किया है, जिससे ज्यादा कैदियों को इलाज मिल रहा है।

लेकिन समझने वाली बात यह भी है कि अगर लागत आठ गुना बढ़ी है, तो क्या यह सिर्फ दवाओं की कीमत बढ़ने से हुआ है या फिर मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। विधायक ने इस पर विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन यह मुद्दा निश्चित रूप से चिंता का विषय है।

नशा मुक्ति: एक लंबी लड़ाई

पंजाब में नशे की समस्या कोई नई नहीं है। बीते दशक से यह प्रदेश के लिए सबसे बड़ी सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों में से एक रही है। चाहे वह हेरोइन हो, अफीम हो या फिर नशीली गोलियां – युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक इसकी चपेट में आ रहे हैं।

सरकार ने कई बार नशा मुक्ति केंद्र खोले, जागरूकता अभियान चलाए और सख्त कानूनी कार्रवाई भी की। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नशे का कारोबार अभी भी फल-फूल रहा है। जेलों के आंकड़े इसी की तस्दीक करते हैं।

देखा जाए तो सरकार की मंशा साफ है – कैदियों को नशे से मुक्त कराना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना। लेकिन इसकी कीमत भी चुकानी पड़ रही है। और यह कीमत सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी है।

विधान सभा सत्र में अन्य मुद्दे

इसी सत्र के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा को लड़कियों के बारे में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर माफी मांगने के लिए कहा। कांग्रेस के सदस्यों ने गैरकानूनी माइनिंग के मुद्दे पर हाउस कमेटी बनाने की मांग की और वॉकआउट किया।

जल संसाधन मंत्री बृंदर कुमार गोयल ने भाखड़ा डैम के झुकाव को लेकर आश्वासन दिया कि पंजाब को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने बताया कि पानी के दबाव से डैम अब तक 25 बार झुक चुका है, लेकिन दबाव कम होने पर यह वापस अपनी पुरानी स्थिति में आ जाता है।

सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं?

यहां सवाल यह उठता है कि क्या सरकार नशे की रोकथाम पर उतना ही ध्यान दे रही है जितना इलाज पर? इलाज जरूरी है, लेकिन रोकथाम उससे भी ज्यादा जरूरी है। अगर नशे का स्रोत ही बंद न किया जाए, तो यह समस्या कभी खत्म नहीं होगी।

हर साल करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद अगर लागत बढ़ती जा रही है, तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं नीति में बदलाव की जरूरत है। शायद अब समय आ गया है कि सिर्फ इलाज के बजाय बचाव पर ज्यादा काम किया जाए।

आम आदमी पर क्या असर?

राहत की बात यह है कि जेलों में कैदियों को यह इलाज सरकार की तरफ से मुफ्त दिया जाता है। लेकिन जो लोग बाहर इलाज करवाते हैं, उनके लिए यह महंगा साबित होता है। नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती होना, दवाइयां खरीदना और बार-बार अस्पताल जाना – यह सब गरीब परिवारों के लिए बोझ बन जाता है।

दूसरी ओर, सरकारी खजाने पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। अगर यही रफ्तार रही, तो आने वाले सालों में यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि नशे की रोकथाम को युद्ध स्तर पर लागू किया जाए।

क्या है समाधान?

विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की समस्या को सिर्फ दवाओं से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और कड़ी निगरानी से ही खत्म किया जा सकता है। सीमाओं की सुरक्षा मजबूत करनी होगी, तस्करी पर लगाम लगानी होगी और युवाओं को रोजगार के अवसर देने होंगे।

साथ ही, नशा मुक्ति के बाद पुनर्वास (rehabilitation) की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। अगर किसी को नशे से छुड़ा दिया, लेकिन उसे समाज में फिर से जगह नहीं मिली, तो वह दोबारा उसी चक्र में फंस सकता है।


मुख्य बातें (Key Points)

  • पंजाब की जेलों में नशा मुक्ति दवा की लागत 2022 के 1.17 करोड़ से बढ़कर 2026 में 8.87 करोड़ हो गई – यानी 8 गुना वृद्धि
  • विधायक जगरूप सिंह गिल ने पंजाब विधान सभा में सरकारी कारोबार समिति की रिपोर्ट पेश की
  • पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साढ़े चार सालों में 43.44 करोड़ रुपए की नशा छुड़ाऊ गोलियों की खरीद की
  • विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की रोकथाम पर ध्यान देना जरूरी है, सिर्फ इलाज पर नहीं
  • यह आंकड़े पंजाब में नशे की समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: पंजाब की जेलों में नशा छुड़ाने के लिए कौन सी दवा दी जाती है?

जेलों में नशा मुक्ति के लिए सब्लिंगुअल टेबलेट (जीभ के नीचे रखी जाने वाली गोली) दी जाती है, जो नशे की लत को धीरे-धीरे कम करती है।

प्रश्न 2: 2022 से 2026 के बीच दवा की लागत कितनी बढ़ी?

2022 में जेलों में 1.17 करोड़ रुपए की दवाई खरीदी गई थी, जो 2026 में बढ़कर 8.87 करोड़ रुपए हो गई – यानी लगभग 8 गुना वृद्धि।

प्रश्न 3: पंजाब में नशा मुक्ति पर कुल कितना खर्च हुआ?

पिछले साढ़े चार सालों में पंजाब सरकार ने सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से 43.44 करोड़ रुपए की नशा मुक्ति दवाओं की खरीद की है।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

5 अगस्त: History में आज के दिन हुई ये बड़ी घटनाएं, Houdini के करतब से लेकर Nelson Mandela की गिरफ्तारी तक

Next Post

Arvind Kejriwal Social Media: भारत में केजरीवाल का अकाउंट ब्लॉक, Meta से मांगा स्पष्टीकरण

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

Related Posts

Kidney Disease India

Kidney Disease India: ₹10 की पेनकिलर से ₹40,000 के डायलिसिस तक का सफर, क्यों 40 की उम्र से पहले खो रहे हैं भारतीय अपनी किडनी

गुरूवार, 6 अगस्त 2026
UPI Charges

UPI Payment Charges: ₹2000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर लग सकता है चार्ज, सरकार ला रही कानून में बदलाव

गुरूवार, 6 अगस्त 2026
Shakib Al Hasan House Attack

Shakib Al Hasan House Attack: हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शाकिब के घर पर पेट्रोल बम से हमला

गुरूवार, 6 अगस्त 2026
Father Last Rites Video Call

Father Last Rites Video Call: ‘हमारे पास समय नहीं’, तीन बेटियों ने वीडियो कॉल पर देखा पिता का अंतिम संस्कार

गुरूवार, 6 अगस्त 2026
Sri Harmandir Sahib Live

Sri Harmandir Sahib Live: 1000+ प्लेटफॉर्म्स पर गुरबाणी प्रसारण, SGPC ने बदला रुख

गुरूवार, 6 अगस्त 2026
ed

Punjab ED Raid: पटियाला में प्रॉपर्टी डीलर की रिहाइश पर ED की छापेमारी, रातभर चली जांच

गुरूवार, 6 अगस्त 2026
Next Post
Arvind Kejriwal

Arvind Kejriwal Social Media: भारत में केजरीवाल का अकाउंट ब्लॉक, Meta से मांगा स्पष्टीकरण

ed

Punjab ED Raid: पटियाला में प्रॉपर्टी डीलर की रिहाइश पर ED की छापेमारी, रातभर चली जांच

Sri Harmandir Sahib Live

Sri Harmandir Sahib Live: 1000+ प्लेटफॉर्म्स पर गुरबाणी प्रसारण, SGPC ने बदला रुख

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।