Punjab Congress Internal Politics: पंजाब कांग्रेस की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। सूत्रों के मुताबिक, चरनजीत सिंह चन्नी धड़ा कांग्रेस हाई कमान तक अपना पक्ष सीधा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। देखा जाए तो सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी से चन्नी की मुलाकात होने वाली है? क्या यह भूपेश बघेल की रिपोर्ट से पहले अपना पक्ष रखने की रणनीति है?
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भूपेश बघेल की रिपोर्ट सबमिट
दरअसल हुआ क्या है कि भूपेश बघेल द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट सबमिट हो चुकी है। समझने वाली बात है कि कल से लगातार मीडिया कह रहा था कि रिपोर्ट सबमिट करने का फॉर्मेट कांग्रेस में कोई ऐसा नहीं है कि फाइल लेकर जानी है। दरअसल यह सारा ऑनलाइन सिस्टम है, यह अपलोड होती है रिपोर्ट।
सूत्रों के अनुसार जो रिपोर्ट तैयार की गई है वह पहले ही अपलोड हो चुकी है। अगर गौर करें तो भूपेश बघेल की रिपोर्ट में जो चीजें हैं उनसे हाई कमान कोई बहुत ज्यादा संतुष्ट नहीं होगा। यही वजह है कि चन्नी धड़े की तरफ से लगातार यह कोशिश की जा रही है कि हाई कमान से मुलाकात की जाए।
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राहुल गांधी विदेश दौरे पर
दिलचस्प बात यह है कि अभी राहुल गांधी विदेश दौरे पर हैं। जब तक वह वापस नहीं आते, उनसे सहमति नहीं मिलती, उससे पहले यह मीटिंग नहीं हो सकती है। लेकिन मीटिंग करने के पीछे के कारण क्या हैं?
दरअसल भूपेश बघेल पांच दिन पंजाब में रहे। यहां ध्यान देने वाली बात है कि जो टास्क देकर भेजा था कि हाई कमान का फैसला तो ठीक है, पर जो नाराज हैं उन्हें राजी करो। परंतु पांच दिन में से पहले चार दिन तो लंच-डिनर, जिला प्रधानों की मीटिंग में ही बीत गए।
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एक ही धड़े से मुलाकात
भूपेश बघेल चार दिन एक ही धड़े के लीडरों से मिले, जबकि टास्क था दूसरों को सेटल करने का। जब पांचवें दिन सुबह पता लगा कि मीटिंग होनी है, उसके बाद पांचवें दिन उन्होंने बैक टू बैक इंटरव्यू दिए। मीडिया हाउसेज गए, मोहाली इंडस्ट्रियल एरिया के एक अंग्रेजी अखबार के मीडिया हाउस पहुंचे।
समझने वाली बात है कि इन कामों में ज्यादा रहे, जिसके कारण नाराजगी है। भूपेश बघेल की रिपोर्ट में क्या होगा? देखा जाए तो वह कहेगी कि सब कुछ ठीक-ठाक है, लीडर साथ हैं। पर कुछ लोग हैं जो इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।
जिला प्रधान बनाम टिकट उम्मीदवार
अब कहानी क्या है? जो लोग इलेक्शन लड़ना चाहते हैं, जो लोग इलेक्शन लड़ चुके हैं, भले हार गए थे पिछली बार, परंतु अल्टीमेटली वह लोग जो हलकों पर दावेदारी करते हैं वे सारे चन्नी के साथ हैं। लेकिन जो जिला प्रधान हैं वे बहुत राजा वड़िंग के साथ हैं।
दिलचस्प बात यह है कि भूपेश बघेल की रिपोर्ट भी इस ओर इशारा करेगी कि जिला प्रधान… देखो जिला प्रधान भी राजा के टेन्योर में बने हैं ना। अब राजा वड़िंग सूबे के प्रधान हैं, उन्होंने नीचे जिला प्रधान बनवाए तो वे किसकी हामी भरेंगे? संगठन की बात करो तो यूथ कांग्रेस का प्रधान ताजा-ताजा बना है।
यूथ कांग्रेस प्रधान चुनाव विवाद
वह किसने बनवाया और कैसे बनवाया? पंजाब के किसी भी कांग्रेसी से पूछ लो, बताएगा कि वोट पड़े थे, जलालपुर के मुंडे को ज्यादा, सेकंड नंबर पर था मौजूदा यूथ का प्रधान। अभी वोटों की गिनती हुई है, राजा वड़िंग बधाई देने घर पहुंच गए रातों रात। उसके बाद ऑन-फोन में AICC की चिट्ठी बाद में आई है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि एक चिट्ठी पहले भेज दी गई क्योंकि यूथ कांग्रेस के पूरे देश के प्रधान रहे राजा वड़िंग, अगले सेल होते हैं वहां। वह चिट्ठी पहले निकाली थी, वह चिट्ठी बाद में आई।
चन्नी धड़ा की रणनीति
चन्नी धड़ा की कोशिश है कि जो भूपेश बघेल की हाई कमान से मुलाकात होगी उससे पहले अपनी मुलाकात करें और अपना पक्ष रखें। यानी कि उनकी कोशिश है कि पहले मिलें। यानी कि भूपेश बघेल की रिपोर्ट पर और भूपेश बघेल जाकर कुछ कहने से पहले काउंटर प्लानिंग चन्नी धड़े द्वारा की जा रही है।
अगर गौर करें तो छह दिन के दौरे में हुआ कुछ नहीं। जो रिपोर्ट मेरे पास आ रही है कि कांग्रेस में धड़ेबाजी कोई नई बात नहीं है, हर बार होती है। पर बाद में इकट्ठे भी हो जाते हैं।
2017 से पहले भी धड़ेबाजी
क्या 2017 से पहले धड़ेबाजी नहीं थी? प्रताप बाजवा प्रधान हुआ करते थे, बाद में कैप्टन अमरिंदर सिंह विदेश से आए तो फिर वे भी प्रधान बन गए। पर आज जो सिचुएशन है कि बहुत लीडर चन्नी खेमे में खड़े नजर आ रहे हैं, जिनमें ज्यादातर सिटिंग MLA वे उधर हैं, ज्यादातर साबका MLA वे उधर हैं, ज्यादातर सा बका मंत्री उधर नजर आ रहे हैं बहुत बड़ी संख्या में।
हाई कमान की तैयारी
इसीलिए हाई कमान का मूड… हाई कमान को यह सारी बातें जो भूपेश बघेल ने यहां करनी थीं, जो नहीं कर पाए, वह अपने टास्क में फेल हुए हैं। इसी कारण कल की रिपोर्ट में मैंने बताया था कि छुट्टी हो सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि अकेले भूपेश बघेल की छुट्टी नहीं हो रही, दरअसल एक लिस्ट बड़ी जो है वह बनी तैयार पड़ी है। बहुत सारे AICC के सेक्रेटरीज जो हैं वे चेंज होने हैं। उसमें मैं यह भी कह सकता हूं कि जो जिम्मेवारी सुखजिंदर रंधावा के पास राजस्थान की है वह भी जा सकती है।
पंजाब लीडर्स की जिम्मेदारियां जाएंगी
कांग्रेस पार्टी बहुत बड़े स्तर पर रीशफल करने वाली है। सेक्रेटरीज, जनरल सेक्रेटरीज और को-इंचार्ज बहुत सारे चेंज होने हैं। जो मेरे पास जानकारी है कि पंजाब के कुछ लीडर जो जिम्मेवारियां लेकर बैठे हैं जैसे प्रगट सिंह के पास जम्मू-कश्मीर की है, डेनी के पास दिल्ली की है और सुखजिंदर रंधावा के पास राजस्थान की जिम्मेवारी, AICC के सारे हटेंगे।
पंजाब के बहुत लीडरों को इतनी जिम्मेवारियां AICC में नहीं मिलतीं, जो कोटो क्लेश मचा उसके बाद हाई कमान ने तैयारी कर ली है। इसीलिए चन्नी धड़े की कोशिश है, मीटिंग की बात हो रही है ना कि मीटिंग करने जा रहे हैं दिल्ली, यह तब तक नहीं है जब तक राहुल गांधी वापस नहीं आ जाते।
अगला कदम
राहुल गांधी आएंगे, जो बीच का मीडिएटर लीडर है वह बात करेगा, फिर राहुल गांधी की मर्जी – वह मुलाकात देंगे या नहीं देंगे। पर चन्नी धड़े की पूरी कोशिश है कि जो भूपेश बघेल राहुल गांधी को मिलते हैं, मौजूदा हालात के बारे में जानकारी देते हैं, अपनी रिपोर्ट के बारे में जानकारी देते हैं, उससे पहले हम जाकर अपनी बात रखें।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि इसी को लेकर एक विरोधबंदी अगले डेढ़ दिनों में चन्नी धड़े द्वारा एक मीटिंग और करके बनाई जाएगी। कोशिश थी कि टसल कम हो पर भूपेश बघेल के दौरे ने इस टसल को और बढ़ा दिया। यानी कि जो कांग्रेस हाई कमान के बीच की खाई है, कांग्रेस की पंजाब के लीडरशिप में जो खाई है उसको और बड़ा कर दिया।
मुख्य बातें (Key Points)
- चन्नी धड़ा राहुल गांधी से मुलाकात की कोशिश में
- भूपेश बघेल की रिपोर्ट सबमिट हो चुकी है
- राहुल गांधी विदेश दौरे पर, वापसी पर मुलाकात संभव
- चन्नी धड़े की काउंटर स्ट्रेटेजी
- AICC में बड़े रीशफल की तैयारी
- पंजाब लीडर्स की AICC जिम्मेवारियां हट सकती हैं













