Badrinath Temple Donation Scam: उत्तराखंड पुलिस ने बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ाई जाने वाली दान राशि के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों के मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को उसकी रिहाइश से गिरफ्तार कर लिया है। चमोली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुरजीत सिंह पंवार ने सोमवार को बताया कि नौटियाल को रविवार रात चमोली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और उसे बद्रीनाथ ले जाया गया है, जहां इस समय उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
देखा जाए तो प्रमोद नौटियाल ‘श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति’ (BKTC) का एक निलंबित कर्मचारी है। पुलिस के अनुसार, नौटियाल के खिलाफ मंगलवार देर रात एक FIR दर्ज की गई थी। अगर गौर करें तो बताया जा रहा है कि वह BKTC के चेयरमैन के निजी सहायक (PA) के रूप में सेवाएं निभा रहा था।
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जांच समिति ने पाई गड़बड़ी
BKTC की चार सदस्यीय जांच समिति ने दान प्रबंधन में हुई गड़बड़ियों के आरोपों को प्रथम दृष्टया (prima facie) सही पाया था, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। समझने वाली बात है कि ‘श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति’ (BKTC) एक संवैधानिक संस्था है जो उत्तराखंड में बद्रीनाथ मंदिर और अन्य धार्मिक स्थानों का प्रबंधन देखती है।
सरकार ने भी गठित की जांच समिति
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने भी पिछले सप्ताह अपनी एक अलग तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। दिलचस्प बात यह है कि गढ़वाल डिवीजन के कमिश्नर को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जो अपनी जांच की रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि बद्रीनाथ मंदिर हिंदुओं के चार धामों में से एक है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुईं वीडियो
यह पूरा विवाद उस समय भड़का जब बद्रीनाथ मंदिर में दान की गिनती के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों की वीडियो या खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इसके तुरंत बाद ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने प्रशासन के पास शिकायत दर्ज करवाई और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला
बताया जा रहा है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि की गिनती और प्रबंधन में अनियमितताएं हो रही थीं। कथित तौर पर दान राशि का सही हिसाब-किताब नहीं रखा जा रहा था और कुछ राशि गायब हो रही थी। जब इस बारे में सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हुई तो मामला तूल पकड़ गया।
मंदिर समिति ने तुरंत जांच समिति गठित की और प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी के संकेत मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद पुलिस में FIR दर्ज की गई और अब गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई है।
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मुख्य बातें (Key Points)
- बद्रीनाथ मंदिर में दान प्रबंधन गड़बड़ी का मामला
- निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार
- BKTC चेयरमैन के PA के रूप में काम करता था
- चार सदस्यीय जांच समिति ने आरोप सही पाए
- उत्तराखंड सरकार ने अलग से तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई













