Heavy Rain India 2026 – देखा जाए तो इस साल मानसून ने वरदान की जगह अभिशाप का रूप ले लिया है। आसमान से बरस रही आफत ने 9 राज्यों में हाहाकार मचा दिया है। दिल्ली जलमग्न हो चुकी है और Uttar Pradesh के 27 जिलों में रेड अलर्ट है।
दिलचस्प बात… नहीं, दरअसल चिंता का विषय यह है कि गुजरात के सूरत में भारी बारिश ने 85 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। महाराष्ट्र में मानसून बारिश के कारण अब तक 50 लोग जान गंवा चुके हैं।
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India Meteorological Department (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित कई राज्यों के लिए अगले तीन से सात दिनों का गंभीर अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली: राजधानी पानी-पानी
देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार से शुरू हुआ बारिश का दौर बुधवार रात तक लगातार जारी रहा, जिसने पूरी दिल्ली को पानी-पानी कर दिया।
मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की सख्त चेतावनी दी है।
हैरान करने वाली बात यह है कि इस मूसलाधार बारिश के चलते विकास मार्ग, मुनीरका, द्वारका, सदर बाजार और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन समेत पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में भयंकर जलभराव हो गया है।
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दिल्ली में प्रभावित क्षेत्र:
- विकास मार्ग – घुटनों तक पानी
- मुनीरका – यातायात पूरी तरह ठप
- द्वारका – मेट्रो स्टेशन के बाहर जलभराव
- सदर बाजार – दुकानों में पानी घुसा
- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन – प्लेटफॉर्म पर पानी
- पूर्वी दिल्ली – कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
सड़कों पर पानी भरने से यातायात पूरी तरह बाधित रहा। ऑफिस जाने वाले लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा।
उत्तर प्रदेश: 27 जिलों में रेड अलर्ट
वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें से 27 जिलों में स्थिति बेहद गंभीर देखते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है।
| जिले का नाम | अलर्ट स्तर | स्थिति |
|---|---|---|
| नोएडा | रेड | भारी जलभराव |
| गाजियाबाद | रेड | सड़क धंसी |
| बुलंदशहर | रेड | दुकानों में पानी |
| लखनऊ | ऑरेंज | भारी बारिश |
| कानपुर | ऑरेंज | यातायात बाधित |
गुरुवार सुबह से हुई नोएडा और गाजियाबाद समेत 50 जिलों में लगातार बारिश हो रही है। नोएडा की सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं। गाजियाबाद में सड़क धंसने की खबर आई है और बुलंदशहर में पानी दुकानों और घरों के अंदर तक घुस गया है, जिससे भारी नुकसान हुआ।
अगर गौर करें, तो UP में यह स्थिति पिछले कई सालों में सबसे खराब है।
गुजरात: सूरत में 85 साल का रिकॉर्ड टूटा
गुजरात और मध्य प्रदेश में भी प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है। गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश का असर गुरुवार को साफ तौर पर देखा गया।
सूरत के सारनाथ इलाके में समुद्र का पानी रिहायशी बस्तियों में घुस गया, जिससे लोग घरों में कैद होकर रह गए। सूरत में इस मूसलाधार बारिश ने 85 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।
समझने वाली बात यह है कि महज कुछ ही घंटों के भीतर 13 से 14 इंच तक पानी बरस गया। यह पिछली सदी का सबसे भारी बारिश का दिन था।
मौसम विभाग ने गुजरात के कई जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश का कहर लगातार जारी है।
मध्य प्रदेश: खजुराहो और मंडला में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग ने MP के कई जिलों में अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक बारिश खजुराहो और मंडला में दर्ज की गई है:
- खजुराहो – लगातार 4.4 इंच बारिश
- मंडला – 4.2 इंच बारिश
- भिंड जिले – 134 mm रिकॉर्ड तोड़ बारिश
ध्यान देने वाली बात यह है कि खजुराहो जैसे पर्यटन स्थलों पर भी बारिश ने पर्यटन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान: मानसून का कहर जारी
हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों में भी मानसून आफत बनकर बरस रहा है।
हरियाणा:
- रेड अलर्ट जारी
- तूफान, बिजली गिरने की चेतावनी
- 60 km/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं
- फरीदाबाद, करनाल, पलवल, पंचकूला, पानीपत, सोनीपत और यमुनानगर – सबसे ज्यादा प्रभावित
महाराष्ट्र:
उधर महाराष्ट्र के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश का कहर जारी है। मानसूनी हादसों के कारण अब तक 50 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
चिंता का विषय यह है कि यह संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई इलाकों में बचाव कार्य अभी भी जारी है।
मौसम विभाग ने पुणे, ठाणे, नासिक और रत्नागिरी सहित छह से अधिक जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया।
राजस्थान:
- कुल 33 जिलों में अलर्ट
- 29 जिलों में येलो अलर्ट
- भरतपुर, धौलपुर, बारां और झालावाड़ में ऑरेंज अलर्ट
पहाड़ी राज्य: भूस्खलन और भारी बारिश
उत्तराखंड:
- टिहरी गढ़वाल में National Highway 77A पर भूस्खलन
- यातायात पूरी तरह ठप
- बचाव कार्य जारी
हिमाचल प्रदेश:
- 12 जिलों में भारी बारिश की सख्त चेतावनी
- पर्यटकों को सावधान रहने की सलाह
उम्मीद की किरण… नहीं, दरअसल खतरे की घंटी यह है कि पहाड़ी इलाकों में बारिश सबसे ज्यादा खतरनाक होती है क्योंकि इससे भूस्खलन की संभावना बढ़ जाती है।
क्या करें, क्या न करें?
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है:
जरूर करें:
- मौसम का अपडेट लगातार देखें
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- घर में आपातकालीन सामान रखें
- बिजली के उपकरणों को सावधानी से इस्तेमाल करें
- निचले इलाकों से दूर रहें
बिल्कुल न करें:
- जलभराव वाली जगहों से गाड़ी न निकालें
- बारिश में पेड़ों के नीचे न खड़े हों
- बिजली के खंभों को न छुएं
- नदी-नालों के पास न जाएं
- खुले में मोबाइल का इस्तेमाल न करें (बिजली गिरने का खतरा)
सरकार क्या कर रही है?
केंद्र और राज्य सरकारें आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं:
- NDRF की टीमें तैनात
- राहत शिविर स्थापित
- मुफ्त भोजन की व्यवस्था
- मेडिकल टीमें तैयार
- हेल्पलाइन नंबर जारी
मुख्य बातें (Key Points)
- 9 राज्यों में IMD ने रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया
- दिल्ली में भयंकर जलभराव, यातायात ठप
- UP के 27 जिलों में रेड अलर्ट
- सूरत में 85 साल का रिकॉर्ड टूटा
- महाराष्ट्र में 50 लोगों की मौत
- अगले 3-7 दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना













