IMD Heavy Rainfall Alert को लेकर मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 6 जुलाई 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दक्षिण झारखंड और उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर एक Depression सक्रिय है। देखा जाए तो, अगले 3 दिनों तक देश के मध्य भागों में मानसून सक्रिय चरण में रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, कोंकण, गुजरात, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल और सिक्किम में बेहद भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है।
समझने वाली बात यह है कि Extremely Heavy Rainfall का मतलब 24 घंटे में 204.4 मिमी से अधिक बारिश से है। यह एक गंभीर मौसमी स्थिति है जो बाढ़, भूस्खलन और जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है।
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Depression की मौजूदा स्थिति: झारखंड-ओडिशा के ऊपर सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, कल तटीय उत्तरी ओडिशा और आसपास के पश्चिम बंगाल के ऊपर बना Depression आज सुबह 8:30 बजे तक दक्षिण झारखंड और उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर स्थित था। यह रांची (झारखंड) से 70 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम, रौरकेला (ओडिशा) से 60 किमी उत्तर-उत्तर पूर्व, और जशपुरनगर (छत्तीसगढ़) से 100 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व की दूरी पर था।
अगर गौर करें तो यह Depression अगले 24 घंटों के दौरान लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ और आसपास के पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजरने की संभावना है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस Depression के कारण इन क्षेत्रों में तेज हवाएं और भारी बारिश जारी रहेगी। 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं जो 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
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मानसून की अग्रिम गति: राजस्थान-पंजाब-हरियाणा में प्रवेश जारी
मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) वर्तमान में जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और भठिंडा से होकर गुजर रही है।
दिलचस्प बात यह है कि अगले 3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, हरियाणा और पंजाब के शेष भागों और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां हैं।
इसका मतलब है कि पूरे उत्तर भारत में जल्द ही मानसून सक्रिय हो जाएगा। जो राज्य अभी तक सूखे का सामना कर रहे थे, वहां भी जल्द बारिश शुरू हो सकती है।
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पिछले 24 घंटों में हुई बारिश: महाराष्ट्र में 67 सेमी बारिश
पिछले 24 घंटों में (5 जुलाई सुबह 8:30 से 6 जुलाई सुबह 8:30 तक) कई स्थानों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की गई:
Extremely Heavy Rainfall (≥21 cm):
- सौराष्ट्र, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में बेहद भारी बारिश
Very Heavy Rainfall (12-20 cm):
- उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश
Heavy Rainfall (7-11 cm):
- हिमाचल प्रदेश, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, असम और मणिपुर
समझने वाली बात यह है कि मध्य महाराष्ट्र के लोनावाला में 67 सेमी बारिश दर्ज की गई जो एक दिन में बेहद भारी मात्रा है। महाबलेश्वर (सतारा) में 51 सेमी, ओडिशा के सोनेपुर में 33 सेमी, कोंकण के दापोली (रत्नागिरी) में 33 सेमी बारिश हुई।
उत्तर-पश्चिम भारत के लिए मौसम पूर्वानुमान
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड:
- 6 से 12 जुलाई तक व्यापक वर्षा की संभावना
- हिमाचल में 6-7 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश
- उत्तराखंड में 6 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली:
- 7-9 जुलाई और 11-12 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा
- 6-9 जुलाई और 11-12 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
- 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश:
- पूर्वी यूपी में 7-12 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- पश्चिम यूपी में 7-12 जुलाई तक अलग-अलग बारिश
- 10-11 जुलाई को पूर्वी यूपी में बेहद भारी बारिश की संभावना
राजस्थान:
- पूर्वी राजस्थान में 6-9 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- 6-9 जुलाई के दौरान बेहद भारी बारिश की संभावना
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पूरे उत्तर भारत में अगले सप्ताह भर मानसून सक्रिय रहेगा। इससे किसानों को राहत मिलेगी लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या हो सकती है।
मध्य भारत में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी
छत्तीसगढ़:
- 6 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर Extremely Heavy Rainfall (204.4 मिमी से अधिक)
- 7 जुलाई को भी बेहद भारी बारिश की संभावना
- Depression के प्रभाव से तेज हवाएं
पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश:
- 6-9 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- 6-8 जुलाई के दौरान बेहद भारी बारिश
- गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ बारिश
विदर्भ:
- 6-8 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- 6-7 जुलाई को बेहद भारी बारिश की संभावना
- 50-60 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं
चिंता का विषय यह है कि मध्य भारत में लगातार भारी बारिश से नदियों में बाढ़ आ सकती है। कम इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।
पूर्वी भारत: झारखंड-बिहार-बंगाल में भारी बारिश
झारखंड:
- 6-12 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- 6 जुलाई को बेहद भारी बारिश
- 7-8 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
- Depression के कारण 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं
बिहार:
- 7-8 जुलाई को बेहद भारी बारिश
- 9-12 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
- बाढ़ का खतरा बना हुआ है
सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल और सिक्किम:
- 6-12 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- 8 जुलाई को Extremely Heavy Rainfall (204.4 मिमी से अधिक)
- 7 और 9 जुलाई को भी बेहद भारी बारिश
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा
गंगीय पश्चिम बंगाल:
- 6-12 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
- 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं
ओडिशा:
- 6-9 जुलाई और 11-12 जुलाई को अलग-अलग बारिश
- 6 और 7 जुलाई को बेहद भारी बारिश
- Depression के प्रभाव में
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने समय रहते चेतावनी जारी कर दी है। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रहने और निचले इलाकों को खाली कराने की तैयारी करनी चाहिए।
पश्चिम भारत: कोंकण-गुजरात में रेड अलर्ट
कोंकण और गोवा:
- 6-12 जुलाई तक लगातार व्यापक वर्षा
- 6 और 7 जुलाई को Extremely Heavy Rainfall
- 8 जुलाई को भी बेहद भारी बारिश की संभावना
- मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और रत्नागिरी में Moderate Flash Flood Risk
गुजरात:
- गुजरात क्षेत्र में 6 और 7 जुलाई को Extremely Heavy Rainfall
- वलसाड, नवसारी और सूरत जिलों में Moderate Flash Flood Risk
- 6-9 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- सौराष्ट्र और कच्छ में 6-7 जुलाई को व्यापक बारिश
मध्य महाराष्ट्र:
- 6 से 8 जुलाई तक Extremely Heavy Rainfall
- अहमदनगर, कोल्हापुर, पुणे, सांगली और सतारा में Moderate Flash Flood Risk
- पहाड़ी इलाकों में विशेष सावधानी
मराठवाड़ा:
- 6-7 जुलाई को व्यापक वर्षा
- अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
समझने वाली बात यह है कि पश्चिम भारत में सबसे ज्यादा खतरा मुंबई, पुणे और सूरत जैसे महानगरों को है। इन शहरों में ड्रेनेज सिस्टम कमजोर होने के कारण थोड़ी भी भारी बारिश में जलभराव हो जाता है।
दक्षिण भारत: कर्नाटक में Extremely Heavy Rainfall
तटीय कर्नाटक:
- 6 और 7 जुलाई को Extremely Heavy Rainfall
- 6-12 जुलाई तक लगातार व्यापक वर्षा
- 8 जुलाई को भी बेहद भारी बारिश
- उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जिलों में भारी बारिश
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक:
- 6 जुलाई को Extremely Heavy Rainfall
- 7-8 जुलाई को बेहद भारी बारिश
- चिक्कमगलूर में भारी बारिश की संभावना
उत्तरी आंतरिक कर्नाटक:
- 6-7 जुलाई को बेहद भारी बारिश
- 8 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
- बेलगावी में तेज बारिश
केरल और माहे:
- 6 जुलाई को बेहद भारी बारिश
- 7-8 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
- तटीय इलाकों में सावधानी
तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश:
- 6-12 जुलाई तक अलग-अलग बारिश
- गड़गड़ाहट और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश
- 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कर्नाटक के पश्चिमी घाट क्षेत्र में हमेशा भारी बारिश होती है। इस बार भी वहां भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत में मौसम का हाल
असम और मेघालय:
- 6-12 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- 6-7 जुलाई और 9-12 जुलाई को भारी बारिश
- 8 जुलाई को बेहद भारी बारिश
- मेघालय में चेरापूंजी और मॉसिनराम में भारी बारिश
अरुणाचल प्रदेश:
- 7-12 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- 7-9 जुलाई को बेहद भारी बारिश
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा:
- 6-12 जुलाई तक व्यापक वर्षा
- 6-10 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
- गड़गड़ाहट और बिजली के साथ बारिश
पूर्वोत्तर भारत में हमेशा ही भारी बारिश होती है लेकिन इस बार मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। ब्रह्मपुत्र और बराक नदी में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
समुद्री चेतावनी: मछुआरों को सलाह
मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है:
- उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं
- ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ समुद्र की स्थिति खराब रहेगी
- 7 जुलाई तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
- केंद्रीय और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में भी 35-45 किमी प्रति घंटे की हवाएं
चिंता का विषय यह है कि मछुआरे अक्सर चेतावनियों की अनदेखी करते हैं। स्थानीय प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी नाव समुद्र में न जाए।
Flash Flood Risk: इन इलाकों में तुरंत भराव का खतरा
IMD ने 24 घंटे के Flash Flood Guidance में निम्नलिखित क्षेत्रों में Moderate Flash Flood Risk की चेतावनी दी है:
कोंकण और गोवा:
- मुंबई सिटी, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सबर्बन मुंबई और ठाणे जिले
मध्य महाराष्ट्र:
- अहमदनगर, कोल्हापुर, पुणे, सांगली और सतारा जिले
गुजरात क्षेत्र:
- वलसाड, नवसारी और सूरत जिले
झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा:
- पूर्बी सिंहभूम, सराइकेला, पश्चिम सिंहभूमी, खूंटी, गुमला, सिमडेगा (झारखंड)
- जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, कोरबा (छत्तीसगढ़)
- मयूरभंज, सुंदरगढ़, देवगढ़, बारगढ़, संबलपुर (ओडिशा)
समझने वाली बात यह है कि Flash Flood बहुत जल्दी आता है और बहुत खतरनाक होता है। निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वालों को तुरंत सुरक्षित जगह पर जाना चाहिए।
प्रत्याशित प्रभाव और सुझाव
संभावित प्रभाव:
- सड़कों पर स्थानीय बाढ़ और जलभराव
- निचले इलाकों में पानी भर जाना
- शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होना
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी
- यातायात व्यवस्था में बाधा और यात्रा समय में वृद्धि
- कच्ची सड़कों को नुकसान
- कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी खिसकना
- बागवानी और खड़ी फसलों को डूबने से नुकसान
- कुछ नदी घाटियों में नदी बाढ़
सुझाई गई कार्रवाई:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले अपने रास्ते पर यातायात भीड़ की जांच करें
- जारी किए गए यातायात सलाहों का पालन करें
- उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जलभराव की समस्या होती है
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
- भारी बारिश के दौरान खेती और रोपाई से बचें
- फसल वाले खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें
- फलों के पेड़ों और सब्जियों को सहारा दें
कृषि सलाह: किसानों के लिए विशेष मार्गदर्शन
मौसम विभाग ने किसानों के लिए विस्तृत सलाह जारी की है:
असम में:
- धान नर्सरी, जूट, अदरक, हल्दी, सब्जियों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था
- साली धान की नर्सरी बुवाई और जूट, मक्का की बुवाई स्थगित करें
- गन्ने की फसल को गिरने से बचाने के लिए यांत्रिक सहारा दें
मेघालय में:
- धान नर्सरी, मक्का, अदरक, सब्जियों में उचित जल निकासी
- युवा पौधों को भारी बारिश से बचाएं
- भारी फलों वाले पौधों को बांस या लकड़ी के खंभों से सहारा दें
ओडिशा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में:
- धान और सब्जी नर्सरी से अतिरिक्त पानी निकालें
- पके हुए मूंग, सब्जियां और फलों की कटाई करें
- फसल को सुरक्षित जगह पर रखें
गुजरात, कोंकण और महाराष्ट्र में:
- धान नर्सरी, गन्ने, भिंडी, यम से अतिरिक्त पानी निकालें
- नई बागवानी रोपण स्थगित करें
- आम, नारियल, काजू के नए बाग लगाना टालें
यह सलाह बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है। अगर फसलें खराब हो गईं तो किसानों को भारी नुकसान होगा।
दिल्ली-NCR का मौसम पूर्वानुमान
दिल्ली और NCR के लिए अगले 4 दिनों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान:
6 जुलाई:
- आम तौर पर बादलों भरा आसमान
- कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश
- दोपहर/शाम को गड़गड़ाहट/बिजली के साथ बारिश
- 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं जो 50 किमी तक पहुंच सकती हैं
- अधिकतम तापमान 36-38°C
7 जुलाई:
- सुबह/दोपहर को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश
- दोपहर/शाम को फिर से बारिश की संभावना
- अधिकतम तापमान 35-37°C
- न्यूनतम तापमान 26-28°C
8 जुलाई:
- दोपहर को हल्की बारिश की संभावना
- अधिकतम तापमान 34-36°C
- न्यूनतम तापमान 24-26°C
9 जुलाई:
- हल्की बारिश/गड़गड़ाहट की संभावना
- अधिकतम तापमान 35-37°C
- न्यूनतम तापमान 23-25°C
राहत की बात यह है कि दिल्ली में तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी। लेकिन जलभराव की समस्या हो सकती है।
पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए सलाह
पशुओं के लिए:
- भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें
- उन्हें संतुलित चारा प्रदान करें
- चारा और चारे को सुरक्षित जगह पर स्टोर करें
- साफ, ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराएं
- लू की स्थिति में मुर्गीखाने की छतों को घास से ढकें
मत्स्य पालन के लिए:
- तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ निकास बनाएं
- अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें
- ओवरफ्लो की स्थिति में मछलियों को भागने से रोकें
यह सलाह विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है जहां पशुपालन और मत्स्य पालन आजीविका का मुख्य स्रोत है।
मुख्य बातें (Key Points)
- दक्षिण झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर Depression सक्रिय
- मध्य भारत में अगले 3 दिन मानसून सक्रिय चरण में रहेगा
- छत्तीसगढ़ और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 जुलाई को Extremely Heavy Rainfall
- कोंकण, गुजरात और तटीय कर्नाटक में 6-7 जुलाई को बेहद भारी बारिश
- मध्य महाराष्ट्र में 6-8 जुलाई तक Extremely Heavy Rainfall
- सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल और सिक्किम में 8 जुलाई को बेहद भारी बारिश
- महाराष्ट्र के लोनावाला में पिछले 24 घंटे में 67 सेमी बारिश
- मुंबई, पुणे, सूरत, कोल्हापुर में Moderate Flash Flood Risk
- मछुआरों को 7 जुलाई तक समुद्र में न जाने की सलाह
- दिल्ली-NCR में अगले 4 दिन बारिश की संभावना
- किसानों को धान, सब्जी नर्सरी से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है











