Southwest Monsoon 2026 अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 48 घंटों में गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है। India Meteorological Department (IMD) ने मंगलवार 1 जुलाई 2026 को जारी प्रेस रिलीज में बताया कि northwest Bay of Bengal में 3 जुलाई के आसपास एक Low Pressure Area बनने की संभावना है, जिसके कारण देश के मध्य भागों में अगले 5-6 दिनों तक मॉनसून सक्रिय अवस्था में रहेगा। सबसे बड़ी चेतावनी यह है कि दक्षिण गुजरात, कोंकण, तटीय कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की संभावना है।
देखा जाए तो यह मॉनसून सीजन का सबसे सक्रिय दौर साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए Orange और Red Alerts जारी किए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार: जम्मू-कश्मीर तक पहुंचा, दिल्ली-पंजाब में जल्द दस्तक
IMD की प्रेस रिलीज के अनुसार, 1 जुलाई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने उत्तरी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के शेष हिस्सों, पूरे Jammu and Kashmir, और हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर लिया है।
समझने वाली बात यह है कि मॉनसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) अब पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है।
अगले 2 दिनों में मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं।
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Red Alert: इन राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए Extremely Heavy Rainfall (≥204.4 mm) की चेतावनी जारी की है:
| क्षेत्र | तारीख | चेतावनी का प्रकार |
|---|---|---|
| दक्षिण गुजरात | 1-5 जुलाई | Extremely Heavy Rainfall |
| कोंकण | 1-5 जुलाई | Extremely Heavy Rainfall |
| तटीय कर्नाटक | 1-2 जुलाई | Extremely Heavy Rainfall |
| मध्य महाराष्ट्र | 2-5 जुलाई | Extremely Heavy Rainfall |
| दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश | 3-4 जुलाई | Extremely Heavy Rainfall |
दिलचस्प बात यह है कि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 3 और 4 जुलाई को पश्चिम मध्य प्रदेश में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
3 जुलाई को Low Pressure Area बनने की संभावना
IMD ने बताया कि north Bay of Bengal के ऊपर एक upper air cyclonic circulation मौजूद है जो निचले और ऊपरी वायुमंडलीय स्तरों के बीच फैला हुआ है। इसके प्रभाव में northwest Bay of Bengal और आसपास के क्षेत्र में 3 जुलाई 2026 के आसपास एक Low-Pressure Area बनने की संभावना है।
कहने का मतलब साफ है कि यह Low Pressure देश के मध्य हिस्सों में अगले 5-6 दिनों तक मॉनसून को सक्रिय रखेगा और भारी बारिश का कारण बनेगा।
पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 30 जून सुबह 8:30 बजे से 1 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक:
अत्यधिक भारी बारिश (≥21 cm):
- कोंकण: वाडा (पालघर) – 23 cm
- गुजरात: दमन – 21 cm
- तटीय कर्नाटक: मुलकी (दक्षिण कन्नड़) – 26 cm, मानकी (उत्तर कन्नड़) – 21 cm
बहुत भारी बारिश (12-20 cm):
- ओडिशा: बौद्ध – 17 cm
- गंगीय पश्चिम बंगाल: सागर द्वीप – 13 cm
यह आंकड़े बताते हैं कि पश्चिमी तट पर बारिश का कहर जारी है।
राज्यवार मौसम पूर्वानुमान: कहां कितनी बारिश
उत्तर-पश्चिम भारत:
- हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड: 1-7 जुलाई तक व्यापक बारिश
- हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब: 2-7 जुलाई तक व्यापक बारिश
- पूर्वी राजस्थान: 5-7 जुलाई तक व्यापक बारिश
- भारी बारिश: हिमाचल प्रदेश में 2-3 जुलाई और 5-6 जुलाई को बहुत भारी बारिश; उत्तराखंड में 1-3 जुलाई को बहुत भारी बारिश; दिल्ली-हरियाणा में 2-7 जुलाई तक भारी बारिश
मध्य भारत:
- छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: 1-7 जुलाई तक व्यापक बारिश
- विदर्भ: 1-5 जुलाई और 7 जुलाई को व्यापक बारिश
- Thundersquall चेतावनी: पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 जुलाई को 50-60 kmph तक तेज हवाएं (70 kmph तक झोंके)
पश्चिम भारत:
- गुजरात, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र: 1-7 जुलाई तक व्यापक बारिश
- मराठवाड़ा: 1-5 जुलाई तक व्यापक बारिश
- चेतावनी: कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश
पूर्वी भारत:
- अंडमान-निकोबार, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम: 1-7 जुलाई तक व्यापक बारिश
- ओडिशा: 1-6 जुलाई तक बहुत भारी बारिश की संभावना
दक्षिण भारत:
- तटीय कर्नाटक, केरल-माहे और लक्षद्वीप: 1-7 जुलाई तक व्यापक बारिश
- तटीय कर्नाटक: 1-2 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश; 5-7 जुलाई को फिर से भारी बारिश
- केरल: 2-7 जुलाई तक भारी बारिश, 1 जुलाई को बहुत भारी बारिश
Delhi-NCR के लिए विशेष मौसम पूर्वानुमान
1 जुलाई 2026:
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- दोपहर/शाम में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश
- गरज-चमक के साथ 40-50 kmph (60 kmph तक झोंके) की तेज हवाएं
- अधिकतम तापमान: 35-37°C
2 जुलाई 2026:
- सुबह/दोपहर में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश
- शाम/रात को फिर से बारिश की संभावना
- अधिकतम तापमान: 32-34°C
- न्यूनतम तापमान: 22-24°C (सामान्य से काफी कम)
3-4 जुलाई 2026:
- बादल छाए रहेंगे
- हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
- 30-40 kmph (50 kmph तक झोंके) की हवाएं
अगर गौर करें तो दिल्ली-NCR में तापमान में गिरावट और बारिश का दौर शुरू हो चुका है। यह गर्मी से राहत देगा लेकिन जलजमाव की समस्या हो सकती है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी: समुद्र में न जाएं
IMD ने मछुआरों को निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है:
अरब सागर:
- गुजरात, कोंकण, गोवा और कर्नाटक तट के साथ और पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्व अरब सागर: 1-6 जुलाई
- केरल तट के साथ और लक्षद्वीप क्षेत्र: 1-5 जुलाई
बंगाल की खाड़ी:
- ओडिशा तट के साथ, मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी: 2-6 जुलाई
- गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट: 3-6 जुलाई
- अंडमान सागर: 1-6 जुलाई तक
यह चेतावनी बेहद गंभीर है क्योंकि समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरें हो सकती हैं।
गरज-चमक और तेज हवाओं की व्यापक चेतावनी
मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए Thunderstorm, Lightning और Gusty Winds की चेतावनी जारी की है:
- 40-60 kmph तेज हवाएं: जम्मू-कश्मीर (1-7 जुलाई), हरियाणा-दिल्ली-पंजाब (1-7 जुलाई), झारखंड (1-7 जुलाई), मध्य महाराष्ट्र (1-4 जुलाई)
- Thundersquall (50-70 kmph): पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश (1 जुलाई)
और बस यहीं से शुरू होती है असली चुनौती… क्योंकि तेज हवाओं से पेड़ गिर सकते हैं, बिजली और संचार लाइनें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है।
संभावित प्रभाव और सुरक्षा सलाह
अत्यधिक भारी बारिश से संभावित प्रभाव:
✓ सड़कों पर स्थानीय बाढ़ और निचले इलाकों में जलजमाव
✓ शहरी क्षेत्रों में अंडरपास का बंद होना
✓ भारी बारिश के कारण दृश्यता में कभी-कभी कमी
✓ जलजमाव के कारण यातायात में व्यवधान और यात्रा समय में वृद्धि
✓ कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान
✓ कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना
✓ स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी का धंसना
✓ कुछ क्षेत्रों में जलमग्नता के कारण बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
जनता के लिए सुरक्षा सलाह:
✓ मौसम अपडेट पर कड़ी नजर रखें और खराब होती स्थिति के प्रति सतर्क रहें
✓ घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे सुरक्षित रूप से बंद करें
✓ अनावश्यक यात्रा से बचें
✓ सुरक्षित स्थानों पर शरण लें, खुले क्षेत्रों से बचें
✓ पेड़ों के नीचे शरण न लें
✓ बिजली गिरने की गतिविधि के दौरान कंक्रीट के फर्श पर न लेटें या कंक्रीट की दीवारों के खिलाफ न झुकें
✓ विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें
✓ तुरंत जल निकायों से बाहर निकल जाएं
✓ बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहें
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण सलाह जारी की है:
धान की खेती:
- भारी बारिश के दौरान धान की नर्सरी को पुआल की मल्चिंग, सूखी घास या अस्थायी पॉलीथीन/एग्रो-नेट कवर से सुरक्षित करें
- धान की नर्सरी और खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें
अन्य फसलें:
- जूट, अदरक, मिर्च, टमाटर और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें
- मूंग की परिपक्व फलियों की कटाई करें और उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें
- मक्का के खेतों में पर्याप्त जल निकासी सुविधाएं प्रदान करें
बागवानी:
- केला, नारियल, इलायची, अदरक, काली मिर्च और सब्जियों से अतिरिक्त पानी निकालें
- केले के पौधों को सहारा देने के लिए खूंटियां लगाएं
- सब्जी फसलों के पंडालों को मजबूत करें
पशुपालन:
- भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें
- चारे और चारे को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें
- पोल्ट्री शेड की छतों को घास से ढकें ताकि गर्मी के प्रतिकूल प्रभाव कम हों
पिछले 24 घंटे में तेज हवाओं का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में निम्नलिखित स्थानों पर तेज हवाएं (≥40 kmph) दर्ज की गईं:
- तमिलनाडु: नामक्कल – 56 kmph, कोयंबटूर – 52 kmph
- अंडमान-निकोबार: पोर्ट ब्लेयर – 54 kmph
- सौराष्ट्र-कच्छ: खावड़ा – 54 kmph
- पश्चिम मध्य प्रदेश: सीहोर – 48 kmph, ग्वालियर – 41 kmph
- कोंकण: दापोली – 48 kmph, कर्जत – 46 kmph
समझने वाली बात यह है कि तेज हवाओं का यह दौर जारी रहने की संभावना है।
मॉनसून के आगे बढ़ने का पूरा नक्शा
1 जुलाई 2026 तक मॉनसून की उत्तरी सीमा:
- 22°N/60°E से शुरू होकर
- पोरबंदर (गुजरात)
- वल्लभ विद्यानगर (गुजरात)
- शाजापुर (मध्य प्रदेश)
- नौगांव (मध्य प्रदेश)
- मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)
- अयोध्या (उत्तर प्रदेश)
- बदायूं (उत्तर प्रदेश)
- मेरठ (उत्तर प्रदेश)
- करनाल (हरियाणा)
- गुरदासपुर (पंजाब)
- 32.8°N/73°E तक
यह नक्शा दिखाता है कि मॉनसून अब उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में पहुंच चुका है।
3 जुलाई का Low Pressure कितना खतरनाक?
मौसम विभाग ने बताया कि north Bay of Bengal के ऊपर upper air cyclonic circulation मौजूद है जो निचले और ऊपरी वायुमंडलीय स्तरों के बीच फैला हुआ है और दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है।
इसके प्रभाव में 3 जुलाई 2026 के आसपास northwest Bay of Bengal और आसपास के क्षेत्र में एक Low-Pressure Area बनने की संभावना है।
दिलचस्प बात यह है कि यह Low Pressure System अगले 5-6 दिनों तक देश के मध्य हिस्सों में मॉनसून को सक्रिय रखेगा। इससे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी।
शहरी क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या
IMD ने चेतावनी दी है कि शहरी क्षेत्रों में निम्न इलाकों में जलजमाव और सड़कों पर स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है। प्रमुख शहरों में यातायात में व्यवधान के कारण यात्रा का समय बढ़ सकता है।
प्रभावित होने वाले प्रमुख शहरी क्षेत्र:
- मुंबई और मुंबई मेट्रो (कोंकण क्षेत्र)
- सूरत, वडोदरा (दक्षिण गुजरात)
- पुणे, नासिक (मध्य महाराष्ट्र)
- इंदौर, उज्जैन (पश्चिम मध्य प्रदेश)
- बेंगलुरु, मैंगलोर (कर्नाटक)
Orange और Red Colour Warnings का मतलब
मौसम विभाग ने Colour-Coded Warning System का उपयोग किया है:
| रंग कोड | मतलब | कार्रवाई |
|---|---|---|
| Green | No Warning | कोई कार्रवाई नहीं |
| Yellow | Watch | सतर्क रहें |
| Orange | Alert | कार्रवाई के लिए तैयार रहें |
| Red | Warning | तुरंत कार्रवाई करें |
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि दक्षिण गुजरात, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और कुछ अन्य क्षेत्रों के लिए Red Warning जारी की गई है, जिसका मतलब है कि स्थिति बेहद गंभीर है और तुरंत कार्रवाई की जरूरत है।
तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं
मौसम विभाग ने बताया कि 7 जुलाई 2026 तक देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है।
हालांकि, बारिश वाले क्षेत्रों में तापमान सामान्य से कम रहेगा। दिल्ली-NCR में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5°C या उससे अधिक कम रह सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश जारी
- अरुणाचल प्रदेश: 1-2 जुलाई को व्यापक बारिश
- असम-मेघालय: 1 जुलाई को व्यापक बारिश
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 1-4 जुलाई तक व्यापक बारिश
- भारी बारिश की संभावना कई जगहों पर
नदियों में बाढ़ की संभावना
IMD ने चेतावनी दी है कि भारी से अत्यधिक भारी बारिश के कारण कुछ नदी घाटियों में Riverine Flooding (नदियों में बाढ़) हो सकती है।
Central Water Commission (CWC) की वेबसाइट पर नदियों में बाढ़ की स्थिति की जानकारी उपलब्ध है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे नदियों के किनारे रहने या यात्रा करने से बचें।
मुख्य बातें (Key Points)
✓ Southwest Monsoon 2026 ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा-पंजाब के कुछ हिस्सों में प्रवेश किया
✓ अगले 2 दिनों में दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में मॉनसून की दस्तक
✓ 3 जुलाई को northwest Bay of Bengal में Low Pressure Area बनने की संभावना
✓ दक्षिण गुजरात, कोंकण (1-5 जुलाई), तटीय कर्नाटक (1-2 जुलाई), मध्य महाराष्ट्र (2-5 जुलाई) और दक्षिण-पश्चिम MP (3-4 जुलाई) में Extremely Heavy Rainfall Alert
✓ पश्चिम मध्य प्रदेश में 1 जुलाई को Thundersquall (50-70 kmph हवाएं) की चेतावनी
✓ मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में न जाने की सख्त सलाह (1-6 जुलाई)
✓ Delhi-NCR में 2-4 जुलाई को तापमान सामान्य से 5°C कम रह सकता है
✓ शहरी क्षेत्रों में जलजमाव, यातायात व्यवधान और कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना
✓ किसानों को धान की नर्सरी सुरक्षित करने और खेतों से पानी निकासी की सलाह












