Income Tax Return Filing Deadline – देखा जाए तो टैक्सपेयर्स के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी कि ITR फाइल करने की तारीख करीब आ रही है।
दिलचस्प बात… नहीं, दरअसल चिंता का विषय यह है कि ऐसे में आयकर विभाग ने आखिरी समय की जल्दबाजी और भारी जुर्माने से बचने के लिए एक बेहद जरूरी एडवाइजरी जारी कर दी है।
ITR फाइलिंग में की गई एक छोटी सी चूक भी आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक खास चेकलिस्ट शेयर की है।
अगर गौर करें, तो अगर आप विभाग द्वारा सुझाई गई बातों का ध्यान नहीं रखते हैं, तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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Income Tax की 7-Point Checklist
आइए जानते हैं कि इनकम टैक्स विभाग ने क्या-क्या कहा है:
1. सही Tax Regime चुनें – Old vs New
ITR भरने से पहले यह जरूर देख लें कि आपके लिए कौन सा तरीका फायदेमंद है – New Tax Regime या Old Tax Regime।
समझने वाली बात यह है कि दोनों में मिलने वाली छूट और टैक्स के आंकड़ों को आपस में मिला लें। जहां आपका टैक्स सबसे कम बन रहा है, उसी ऑप्शन को चुनें ताकि आपकी जेब पर ज्यादा बोझ ना पड़े।
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Old vs New Tax Regime तुलना:
| पहलू | Old Tax Regime | New Tax Regime |
|---|---|---|
| Tax Slabs | 5 slabs | 6 slabs (revised) |
| Basic Exemption | ₹2.5 lakh | ₹3 lakh |
| Standard Deduction | ₹50,000 | ₹75,000 |
| 80C Deduction | हां (₹1.5 lakh तक) | नहीं |
| HRA Exemption | हां | नहीं |
| Home Loan Interest | हां (₹2 lakh तक) | नहीं |
| Tax Rates | 5%, 20%, 30% | 5%, 10%, 15%, 20%, 30% |
| कौन चुने? | ज्यादा निवेश करने वाले | कम निवेश वाले |
कैसे तय करें:
- अगर आपके पास 80C, HRA, home loan जैसे deductions हैं = Old Regime
- अगर आपके पास कम deductions हैं = New Regime शायद बेहतर
ध्यान देने वाली बात यह है कि एक बार चुनने के बाद financial year के बीच में बदल नहीं सकते।
2. सही ITR Form चुनें
रिटर्न भरते समय सही फॉर्म चुनना बहुत जरूरी है। भारत में टोटल सात तरह के ITR फॉर्म होते हैं।
कौन सा ITR Form भरें:
| ITR Form | किसके लिए | Income Sources |
|---|---|---|
| ITR-1 (Sahaj) | Salaried individuals | Salary, One house, Other sources (Interest) |
| ITR-2 | Individuals/HUF | Salary, Multiple house property, Capital gains |
| ITR-3 | Business/Profession | Business income, Professional income |
| ITR-4 (Sugam) | Presumptive income | Small business (turnover < ₹2 cr) |
| ITR-5 | Firms/LLPs | Partnership firms, LLPs |
| ITR-6 | Companies | Companies (except Section 11) |
| ITR-7 | Trust/Political Parties | Trusts, NGOs, Political parties |
हैरान करने वाली बात यह है कि अगर आपने गलत फॉर्म चुन लिया, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को डिफेक्टिव मानकर रिजेक्ट कर सकता है। जिसके बाद आपका पैसा भी अटक सकता है।
Common गलतियां:
- Multiple house property होने पर ITR-1 भरना
- Capital gains होने पर ITR-1 का इस्तेमाल
- Business income को Salary में दिखाना
3. AIS और Form 26AS डाउनलोड करें
अपना रिटर्न सबमिट करने से पहले ऑनलाइन जाकर अपना Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS जरूर डाउनलोड कर लें।
क्या है AIS और 26AS:
| विवरण | AIS | Form 26AS |
|---|---|---|
| Full Form | Annual Information Statement | Tax Credit Statement |
| क्या दिखाता है | सभी financial transactions | TDS/TCS का विवरण |
| Source | विभिन्न sources से data | Tax deductors का data |
| Frequency | Real-time updates | Quarterly updates |
इसमें आपकी कमाई और कटे हुए टैक्स यानी कि TDS की पूरी जानकारी होती है। इसे आप अच्छे से मैच करें। अगर दोनों में कोई अंतर हो, तो तुरंत उसे ठीक कर लें।
कैसे डाउनलोड करें:
- Income Tax e-filing portal पर login करें
- “Services” में जाएं
- “Annual Information Statement (AIS)” चुनें
- Financial year select करें
- Download PDF/View online
चिंता का विषय यह है कि अगर AIS और आपके calculation में अंतर है, तो notice आ सकता है।
4. सभी जरूरी Documents तैयार रखें
रिटर्न फाइल करते समय यह बहुत जरूरी है कि आपके पास सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स पहले से मौजूद हों।
Document Checklist:
Salary Income:
- ✓ Form 16 (employer से मिला)
- ✓ Salary slips (सभी 12 महीने के)
- ✓ Bank statement (salary credit proof)
Bank Interest:
- ✓ Bank interest certificate
- ✓ FD interest certificate
- ✓ Post Office savings interest
Investments (80C के लिए):
- ✓ LIC premium receipts
- ✓ PPF deposit receipts
- ✓ ELSS investment proof
- ✓ Home loan principal certificate
- ✓ Tuition fees receipt
- ✓ NSC certificates
House Property:
- ✓ Rent agreement (अगर किराए पर दिया है)
- ✓ Home loan interest certificate
- ✓ Property tax receipt
Capital Gains:
- ✓ Sale/Purchase deed
- ✓ Brokerage statements (shares के लिए)
- ✓ Mutual fund statements
ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी एक डॉक्यूमेंट के ना होने से भी आपको नुकसान हो सकता है।
5. Pre-filled Information को Verify करें
आजकल इनकम टैक्स के फॉर्म में कई जानकारियां पहले से भरी हुई आती हैं। लेकिन आंख बंद करके इन पर भरोसा ना करें।
जरूर Verify करें:
- ✓ नाम (Spelling check करें)
- ✓ PAN number
- ✓ Aadhaar number
- ✓ Bank account details (IFSC code सहित)
- ✓ Email ID (Active email)
- ✓ Mobile number (जो चालू हो)
साथ ही यह भी ध्यान रखें कि आपका Aadhaar और PAN कार्ड आपस में लिंक है या नहीं।
सवाल उठता है कि अगर Aadhaar-PAN link नहीं है तो क्या होगा?
Aadhaar-PAN linking जरूरी:
- बिना linking के PAN inactive हो जाता है
- ITR file नहीं कर पाएंगे
- Refund नहीं मिलेगा
- Bank transactions रुक सकते हैं
कैसे check करें:
- incometax.gov.in पर जाएं
- “Link Aadhaar” option में check करें
- OTP verification से link करें
6. Investment और Deduction सही भरें
अगर आप Old Tax Regime चुन रहे हैं और किसी सरकारी स्कीम या इन्वेस्टमेंट पर टैक्स छूट का दावा कर रहे हैं, तो अमाउंट बिल्कुल सही भरें।
80C Deductions (Max ₹1.5 lakh):
| Investment | Max Limit | Proof Required |
|---|---|---|
| PPF | ₹1.5 lakh | Passbook/Receipt |
| ELSS | No limit | Statement |
| Life Insurance | No limit | Premium receipt |
| NSC | ₹1.5 lakh | Certificate |
| Home Loan Principal | ₹1.5 lakh | Certificate from bank |
| Tuition Fees | ₹1.5 lakh | Fee receipt |
| Sukanya Samriddhi | ₹1.5 lakh | Passbook |
अन्य Deductions:
| Section | Deduction | Max Amount |
|---|---|---|
| 80D | Health Insurance | ₹25,000 (₹50,000 for senior citizens) |
| 80E | Education Loan Interest | No limit |
| 80G | Donations | 50% or 100% of donation |
| 80TTA | Savings Account Interest | ₹10,000 |
| 80TTB | Senior Citizen Interest | ₹50,000 |
फॉर्म जमा करने से पहले अपने इन्वेस्टमेंट के आंकड़ों को दोबारा चेक कर लें।
राहत की बात… नहीं, दरअसल चेतावनी यह है कि गलत जानकारी देने पर आपको टैक्स का नया नोटिस मिल सकता है या आपका रिफंड अटक सकता है।
7. झूठी जानकारी से बचें – Notice से बचें
कई लोग ज्यादा रिफंड पाने के चक्कर में अपनी कमाई छुपा लेते हैं या झूठी टैक्स छूट दिखा देते हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि यह सिर्फ गलत नहीं, बल्कि याद रखिए ऐसा करना पूरी तरह गैरकानूनी है।
क्या हो सकता है:
- ₹10,000 से ₹1,00,000 तक का जुर्माना
- 6 महीने से 7 साल तक की जेल
- पूरी संपत्ति की जांच
- Black money case
- Bank accounts freeze
अगर आंकड़ों में कोई भी गड़बड़ी पकड़ी गई, तो आयकर विभाग सीधे आपके घर नोटिस भेज सकता है और आप कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं।
Income Tax के पास ये Data हैं:
- आपकी सभी bank transactions
- Credit card खर्च
- Property purchases
- Share market investments
- Foreign remittances
- High-value purchases (car, jewelry)
इसलिए कोई भी छुपाने की कोशिश न करें।
और भी जरूरी बातें
समय पर File करें – Last Date का इंतजार न करें
रिटर्न फाइल करने के लिए लास्ट डेट तक ना बैठे रहें। जितना जल्दी हो सके, उतनी जल्दी अपना रिटर्न फाइल कर दें।
Last Date: 31 जुलाई 2026
जल्दी File करने के फायदे:
| फायदा | विवरण |
|---|---|
| Revision का मौका | गलती हुई तो सुधार कर सकते हैं |
| Refund जल्दी | Processing तेज होती है |
| कम भीड़ | Portal slow नहीं होता |
| तनाव कम | Last minute rush नहीं |
| Time मिलता है | Documents arrange करने का |
अगर आप तय तारीख तक अपना ITR फाइल नहीं कर पाते, तो आपको भारी भरकम लेट फीस यानी पेनल्टीज देनी पड़ सकती है।
Late Filing Penalty:
| Income | Late Fee |
|---|---|
| Up to ₹5 lakh | ₹1,000 |
| Above ₹5 lakh | ₹5,000 |
| बहुत देरी से | ₹10,000 तक |
इसके अलावा बचे हुए टैक्स पर ब्याज भी लगेगा (Section 234A – 1% per month) और कई तरह के टैक्स बेनिफिट्स से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
E-Verification जरूरी है
बहुत से लोग सोचते हैं कि फॉर्म सबमिट कर दिया तो काम खत्म हो गया। लेकिन ऐसा नहीं है।
ITR फाइल करने के बाद दिए गए समय के अंदर उसका ई-वेरिफिकेशन करना बेहद जरूरी है।
E-Verification के तरीके:
- Aadhaar OTP (सबसे आसान):
- Aadhaar से linked mobile पर OTP
- तुरंत verify हो जाता है
- Net Banking:
- अपने bank की net banking से
- E-verify option चुनें
- Demat Account:
- NSDL/CDSL के through
- Digital signature से
- Bank ATM (कुछ banks):
- ATM में EVC generate करें
- Portal पर enter करें
- Physical ITR-V (Last option):
- Sign करके Bangalore भेजना पड़ता है
- 30 days के अंदर
ध्यान रहें कि जब तक आप इसे वेरीफाई नहीं करेंगे, तब तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को वैलिड यानी मान्य नहीं मानेगा।
Verification Deadline: ITR file करने के 30 दिनों के अंदर
Common Mistakes से बचें
अक्सर की जाने वाली गलतियां:
- गलत Bank Account:
- Inactive account दे दिया
- IFSC code गलत
- Result: Refund नहीं आएगा
- TDS Mismatch:
- Form 16 और 26AS में अंतर
- Employer ने late deposit किया TDS
- Result: Processing में देरी
- Capital Gains छुपाना:
- Share market profit नहीं दिखाया
- Property sale छुपाया
- Result: Notice + Penalty
- HRA और House Property दोनों claim:
- Own house में रहते हुए HRA claim
- Result: Claim reject
- Crypto/Foreign Income छुपाना:
- Foreign account नहीं बताया
- Crypto gains नहीं दिखाए
- Result: Heavy penalty + Legal action
Refund कब आएगा?
अगर आपको refund मिलना है, तो timeline यह है:
Refund Processing Time:
| Filing Time | Processing Time | Refund Time |
|---|---|---|
| June-July में file किया | 1-2 महीने | Sept-Oct तक |
| August-Sept में | 2-3 महीने | Nov-Dec तक |
| बहुत देर से | 4-6 महीने | अगले साल |
Refund Track करें:
- incometax.gov.in पर login करें
- “Refund/Demand Status” देखें
- NSDL website पर भी check कर सकते हैं
उम्मीद की किरण यह है कि अगर सब कुछ सही भरा है और जल्दी file किया है, तो refund जल्दी आ जाएगा।
Tax Saving Tips (Legal तरीके)
Last Minute Tax Saving (अभी भी कर सकते हैं):
अगर FY 2025-26 के लिए अभी तक investments नहीं किए हैं, तो कुछ options अभी भी हैं:
- PPF में deposit करें (31 March तक का मान्य)
- ELSS में invest करें (31 March तक)
- Life Insurance premium pay करें
- Health Insurance लें (backdated policy possible)
- NSC खरीदें
लेकिन ध्यान दें कि ये सभी FY 2025-26 (1 April 2025 – 31 March 2026) के लिए हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- ITR filing की last date 31 जुलाई 2026 है
- Old vs New tax regime ध्यान से चुनें
- सही ITR form select करना जरूरी है
- AIS और Form 26AS जरूर check करें
- सभी documents पहले से तैयार रखें
- Pre-filled information को verify करें
- E-verification 30 दिनों में जरूरी है










