Powercom Contract Decision : पंजाब पावरकॉम ने थर्मल बिजली घरों में लंबे समय से काम कर रहे आउटसोर्स कामगारों को कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली में लाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह फैसला करीब 3500 आउटसोर्स कामगारों को राहत देगा जो कई सालों से ठेकेदारों के अधीन काम कर रहे थे। बीते कल पावरकॉम ने इन कामगारों को सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर लाने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
देखा जाए तो यह फैसला उन हजारों कामगारों के लिए बड़ी राहत है जो 1997 से ही आउटसोर्स पर चले आ रहे थे। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद आउटसोर्स कामगारों की यूनियन ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है।
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हड़ताल क्यों हुई थी
थर्मल बिजली घरों के आउटसोर्स कामगार इस समय हड़ताल पर थे जिसके कारण थर्मल प्लांट्स में तकनीकी अड़चनें पैदा हो रही थीं। दरअसल, पावरकॉम ने इससे पहले फील्ड में काम करने वाले आउटसोर्स कामगारों को ठेका प्रणाली के अधीन लाने का फैसला किया था, परंतु थर्मल बिजली घरों के आउटसोर्स कामगारों को इस दायरे से बाहर रखा गया था।
यही कारण बना कि ये कामगार हड़ताल पर चले गए। इनकी मांग थी कि उन्हें भी फील्ड कर्मचारियों की तरह ही सीधी कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली में लाया जाए।
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वित्त मंत्री की भूमिका
इन कामगारों की यूनियनों के आगूओं की वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ 22 जून को मीटिंग हुई थी। उस मीटिंग में वित्त मंत्री चीमा ने इन्हें 30 जून तक नोटिफिकेशन जारी करने का भरोसा दिया था।
समझने वाली बात है कि सरकार ने अपना वादा समय पर निभाया है। यह पंजाब सरकार की मजदूर-हितैषी नीतियों का एक और उदाहरण है।
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नोटिफिकेशन की मुख्य बातें
पावरकॉम द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार चार कैटेगरी के इन कामगारों में से तीन साल की सेवा पूरी करने वाले कामगारों को ठेका प्रणाली में लाया जाना है। जबकि बाकियों को तीन साल का समय पूरे होने के बाद कॉन्ट्रैक्ट पर किया जाएगा।
| विवरण | पुरानी व्यवस्था | नई व्यवस्था |
|---|---|---|
| रोजगार प्रकार | प्राइवेट ठेकेदार के अधीन | सीधी ठेका प्रणाली |
| लाभार्थी | – | करीब 3500 कामगार |
| सेवा अवधि शर्त | – | 3 साल पूर्ण होना आवश्यक |
| अतिरिक्त लाभ | केवल मजदूरी | ठेकेदार मार्जिन बचत + GST बचत + ग्रेच्युटी |
कामगारों को मिलेंगे ये फायदे
दिलचस्प बात यह है कि पहले ये कामगार प्राइवेट ठेकेदार के अधीन काम करते थे। अब सीधी ठेका प्रणाली के अधीन आने के बाद इन्हें कई अतिरिक्त लाभ मिलेंगे:
- ठेकेदार का मार्जिन बचत
- जीएसटी की बचत का वाधू लाभ
- ग्रेच्युटी की सुविधा
- अन्य कर्मचारी लाभ
अगर गौर करें तो यह फैसला सिर्फ कागजी नहीं है बल्कि कामगारों की आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार लाएगा।
1997 से चली आ रही समस्या का समाधान
यहां ध्यान देने वाली बात है कि बहुत से कामगार तो 1997 से ही आउटसोर्स पर चले आ रहे थे। करीब तीन दशक से इनकी यह मांग लंबित थी। लहिरा मुहब्बत थर्मल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह बाठ का कहना है कि नोटिफिकेशन जारी होने से लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति हो गई है।
उन्होंने कहा कि अब हड़ताल समाप्त कर दी गई है और कामगार वापस काम पर लौट गए हैं।
थर्मल प्लांट्स की स्थिति सामान्य
हड़ताल के कारण थर्मल प्लांट्स में जो तकनीकी अड़चनें पैदा हो रही थीं, वे अब दूर हो गई हैं। पंजाब की बिजली आपूर्ति अब पूरी तरह सामान्य है।
यह फैसला न केवल कामगारों के लिए राहत है बल्कि राज्य की बिजली व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए भी जरूरी था।
मुख्य बातें (Key Points):
- पावरकॉम ने 3500 आउटसोर्स कामगारों को कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली में लाने का नोटिफिकेशन जारी किया
- तीन साल की सेवा पूर्ण करने वाले कामगार तुरंत कॉन्ट्रैक्ट पर आएंगे
- कामगारों को ठेकेदार मार्जिन, GST बचत और ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा
- 1997 से लंबित मांग की पूर्ति, यूनियन ने हड़ताल समाप्त की













