SIR-2026 Voter List : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लोगों को वोटर सूचियों की चल रही विशेष गहिरी सुधाई (SIR-2026) के तहत अपनी वोट की तसदीक के लिए गणना फॉर्म (एन्यूमरेशन फॉर्म) भरने का सदा दिया।
अपनी वोट की तसदीक के लिए गणना फॉर्म भरने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे ने लगभग 90 फीसदी वोटर सूची की मैपिंग का अंकड़ा पहले ही हासिल कर लिया है। उन्होंने दुहराया कि पंजाब सरकार इस सुधार प्रक्रिया के दौरान किसी की भी असली वोट को काटने नहीं देगी।
देखा जाए तो यह पहल लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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क्या है SIR-2026
विशेष गहिरी सुधाई (Special Intensive Revision – SIR) 2026 भारतीय चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही एक व्यापक प्रक्रिया है जिसमें वोटर सूची को पूरी तरह से अपडेट और सत्यापित किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर वोटर सूचियों की तसदीक और सुधाई कर रहे हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि यह केवल एक औपचारिकता नहीं है बल्कि आने वाले चुनावों की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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90 फीसदी मैपिंग की उपलब्धि
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: “पंजाब में विशेष गहिरी सुधाई (SIR-2026) के तहत बूथ लेवल अफसर (BLOs) 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर वोटर सूचियों की तसदीक और सुधाई कर रहे हैं। यह बहुत ही मान और संतुष्टी वाली बात है कि सूबे में लगभग 90 फीसदी वोटरों की मैपिंग पहले ही हो चुकी है और बाकी रहिंदा काम भी जंगी पद्धर पर चल रहा है।”
दिलचस्प बात यह है कि यह उपलब्धि कई बड़े राज्यों से बेहतर है।
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| प्रक्रिया चरण | तिथि | स्थिति |
|---|---|---|
| BLO घर-घर सर्वे | 25 जून – 24 जुलाई | जारी |
| वोटर मैपिंग | – | 90% पूर्ण |
| ड्राफ्ट वोटर लिस्ट | 3 अगस्त | प्रकाशित होगी |
| दावे-आपत्तियां | 3 अगस्त – 2 सितंबर | खुली रहेंगी |
| अंतिम वोटर सूची | 1 अक्टूबर 2026 | प्रकाशन |
BLOs की भूमिका
इस काम में जुटे स्टाफ को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा: “इस प्राप्ति के लिए मैं समूह BLOs और चुनाव आयोग के स्टाफ को बधाई देता हूं। यह सब उनकी लगन और सख्त मेहनत के कारण ही संभव हुआ है।”
BLOs की जिम्मेदारियां:
- हर घर जाकर गणना फॉर्म देना
- वोटरों को फॉर्म भरने में मदद करना
- बंद घरों पर सूचना पर्ची छोड़ना
- कम से कम तीन बार फेरी लगाना
अगर गौर करें तो BLOs की यह मेहनत ही इस पूरी प्रक्रिया की रीढ़ है।
कोई वाधू दस्तावेज नहीं चाहिए
BLOs की भूमिका का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: “BLOs हर घर जाकर ‘गणना फॉर्म’ मुहैया करवा रहे हैं और वोटरों को इसे भरने में मदद भी कर रहे हैं। वोटरों की सहूलत के लिए फॉर्म के साथ कोई वाधू दस्तावेज नहीं लिए जा रहे। सिर्फ मौजूदा विवरण की तसदीक की ही लोड़ है।”
समझने वाली बात है कि इससे प्रक्रिया बेहद सरल हो गई है। लोगों को आधार कार्ड, राशन कार्ड या अन्य कागजात की जरूरत नहीं है।
बंद घरों के लिए विशेष व्यवस्था
इस प्रक्रिया के बारे में और जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया: “जेकर कोई घर बंद पाया जाता है तो BLO उथे सूचना पर्ची (इनफॉर्मेशन स्लिप) और स्टिकर लगाएगा। BLO भरा हुआ फॉर्म लेने के लिए उस घर में घट्टो-घट्ट तीन बार फेरी पाएंगे।”
यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी वोटर को प्रक्रिया से बाहर न रहना पड़े।
फॉर्म न भरने पर क्या होगा
लोगों को बिना किसी देरी के इस प्रक्रिया को मुकम्मल करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा: “सिर्फ उन्हीं वोटरों के नाम वोटर सूची के खरड़े (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) में शामिल किए जाएंगे जो सही तरीके से भरा हुआ फॉर्म जमा करवाएंगे। जेकर कोई फॉर्म जमा नहीं करवाता तो उसका नाम खरड़ा सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।”
यह चेतावनी गंभीरता से लेनी चाहिए। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग फॉर्म जमा नहीं करवाएंगे, उनके बारे में गुआंढियों से पूछगिछ करके लोड़ींदी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
चार श्रेणियां
फॉर्म जमा न करवाने वाले वोटरों को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा:
- गैर-हाजिर: जो लगातार घर पर नहीं मिले
- शिफ्ट हो चुके: जो दूसरी जगह चले गए
- मृतक: जिनकी मृत्यु हो चुकी
- दोहरी वोट वाले: जिनका नाम दो जगह है
सरकार की गारंटी
हर योग वोटर के हक्कों की राखी के लिए सरकार की वचनबद्धता को दुहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा: “भारतीय चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही SIR प्रक्रिया के दौरान सूबा सरकार एक भी असली वोट को काटने नहीं देगी। सूबा सरकार पूरी तरह चौकस है और योग वोटरों को उनके जमहूरी हक से गैर-कानूनी तरीके से वांझा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”
यह आश्वासन महत्वपूर्ण है क्योंकि कई लोगों को डर था कि उनकी वोट गलती से कट सकती है।
ड्राफ्ट लिस्ट के बाद भी मौका
मुख्यमंत्री ने बताया: “जेकर कोई वोटर सूची का खरड़ा प्रकाशन होने से पहले फॉर्म जमा नहीं करवा पाता तो वह 3 अगस्त से 2 सितंबर के दरमियान ‘डिक्लेरेशन फॉर्म’ के साथ फॉर्म-6 जमा करवाके अपना दावा पेश कर सकता है। अंतिम वोटर सूची 1 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।”
तो देखिए, अगर कोई पहली बार में छूट भी जाता है तो उसके पास दूसरा मौका भी है।
लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल
लोगों को अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: “मैं हर योग वोटर को अपील करता हूं कि वह इस प्रक्रिया में पूरे उत्साह से हिस्सा लें क्योंकि इसका मुख्य मकसद लोकतंत्र को मजबूत करना है।”
यह सही भी है। एक सटीक वोटर सूची ही स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव की पहली शर्त है।
मुख्य बातें (Key Points):
- CM भगवंत मान ने खुद SIR-2026 का फॉर्म भरकर लोगों को अपील की
- पंजाब में 90 फीसदी वोटर मैपिंग पहले ही पूरी हो चुकी
- BLOs 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर सर्वे कर रहे
- 3 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 1 अक्टूबर 2026 को अंतिम सूची प्रकाशित होगी










