Gold Silver Rate Crash: बीते सप्ताह घरेलू कमोडिटी बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। वैश्विक संकेतों और बाजार में मुनाफावसूली के चलते सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
प्रसिद्ध ब्रोकरेज फर्म केडिया एडवाइजरी की लेटेस्ट “कमोडिटी वीकली अपडेट” रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरावट के बाद सोने-चांदी के तकनीकी स्तर (support and resistance level) काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं।
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सोने में ₹2000 की गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार, आपको बता दें कि सोना पिछले एक हफ्ते में -2.28% टूटकर ₹1,44,239 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। अगर वैल्यू टर्म में देखें, तो सोने में करीब ₹2000 से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
देखा जाए तो यह काफी बड़ी गिरावट है। जो निवेशक ऊंचे भाव पर सोना खरीदकर बैठे थे, उन्हें इस सप्ताह नुकसान झेलना पड़ा।
चांदी में भारी गिरावट: ₹13,000 टूटी
वहीं, चांदी में गिरावट और भी तेज रही है। चांदी की कीमत -5.62% फिसलकर ₹72,736 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। यानी करीब ₹13,000 तक की गिरावट देखने को मिली है। यह रिपोर्ट सामने आई है।
समझने वाली बात यह है कि चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव सोने से ज्यादा होता है। इसलिए जब बाजार गिरता है, तो चांदी ज्यादा टूटती है और जब तेजी आती है, तो ज्यादा चढ़ती भी है।
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ट्रेडिंग वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट में गिरावट
सिर्फ कीमतों में गिरावट ही नहीं, बल्कि बाजार की भागीदारी भी कमजोर पड़ी है। सोने में ओपन इंटरेस्ट -1.90% और वॉल्यूम में -18.34% की गिरावट दर्ज की गई है।
यह बताता है कि ट्रेडर्स नई पोजीशन लेने से बच रहे हैं। चांदी में यह कमजोरी और ज्यादा दिखी, जहां वॉल्यूम करीब -29.93% और ओपन इंटरेस्ट -11.74% गिरा।
अगर गौर करें तो यह संकेत है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है और निवेशक सतर्क हैं।
क्या है सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल?
अगर टेक्निकल लेवल की बात करें, तो सोने के लिए निकटतम सपोर्ट ₹1,43,922 पर है, जबकि मजबूत सपोर्ट ₹1,40,604 पर देखा जा रहा है।
ऊपर की ओर ₹1,49,228 पहला रेजिस्टेंस है और इससे ऊपर बात करें तो ₹1,57,452 पर मजबूत बाधा है।
चांदी के तकनीकी स्तर:
| लेवल | मूल्य (₹/किलो) |
|---|---|
| पहला सपोर्ट | 72,532 |
| मजबूत सपोर्ट | 71,328 |
| पहला रेजिस्टेंस | 78,366 |
| मजबूत रेजिस्टेंस | 86,404 |
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर सपोर्ट लेवल टूटता है, तो और गिरावट आ सकती है। वहीं, रेजिस्टेंस टूटने पर तेजी आ सकती है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स क्या कह रहे हैं?
बाजार का संकेत – मोमेंटम इंडिकेटर्स भी बाजार में कमजोरी की पुष्टि कर रहे हैं। सोना और चांदी दोनों में RSI (Relative Strength Index) फिलहाल न्यूट्रल जोन में है।
लेकिन CCI इंडिकेटर सेल का संकेत दे रहा है। इसके अलावा, दोनों धातुओं में हाई वोलेटिलिटी बनी हुई है, जिससे आने वाले दिनों में तेज उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी।
दिलचस्प बात यह है कि जब बाजार में अनिश्चितता होती है, तो वोलेटिलिटी बढ़ती है। ऐसे में ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए।
गिरावट के पीछे क्या कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के कई कारण हैं:
- वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली: लंबे समय तक तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा बुक किया
- डॉलर मजबूत हुआ: अमेरिकी डॉलर की मजबूती से सोना कमजोर हुआ
- भू-राजनीतिक तनाव कम: पश्चिम एशिया में तनाव घटने से सेफ हेवन मांग घटी
- चीन की मांग कम: चीन में सोने की आयात मांग में कमी
रिपोर्ट का फाइनल आउटलुक
रिपोर्ट का फाइनल आउटलुक भी सतर्क करता है। केडिया एडवाइजरी के मुताबिक, सोना और चांदी दोनों का ट्रेंड फिलहाल बेयरिश बना हुआ है। यानी कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है।
अगर सपोर्ट लेवल टूटते हैं, तो गिरावट और भी ज्यादा गहरी हो सकती है। रिपोर्ट देखकर यह कहा जा सकता है कि मौजूदा हालात में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति?
समझने वाली बात यह है कि शॉर्ट टर्म में कीमती धातुओं में कमजोरी का ट्रेंड जारी रह सकता है, जबकि किसी भी तेजी के लिए मजबूत ग्लोबल संकेतों का इंतजार रहेगा।
निवेशकों के लिए सुझाव:
- लॉन्ग टर्म निवेशक: गिरावट को खरीदारी का मौका मान सकते हैं
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स: सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल के साथ सावधानी से ट्रेड करें
- स्टॉप लॉस जरूरी: वोलेटिलिटी के कारण स्टॉप लॉस लगाना अनिवार्य
आगे क्या उम्मीद?
अगर गौर करें तो आगामी सप्ताह में कुछ महत्वपूर्ण आर्थिक डेटा आने वाले हैं, जो दिशा तय करेंगे:
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति
- वैश्विक आर्थिक डेटा
- डॉलर इंडेक्स का रुख
- भू-राजनीतिक विकास
मुख्य बातें (Key Points)
- सोना एक हफ्ते में ₹2000 गिरकर ₹1,44,239 पर
- चांदी ₹13,000 टूटकर ₹72,736 पर आई
- ट्रेडिंग वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट में भारी गिरावट
- तकनीकी इंडिकेटर्स बेयरिश ट्रेंड की पुष्टि
- हाई वोलेटिलिटी बनी हुई, निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत













