Southwest Monsoon 2026 ने रविवार 8 जून को पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ तेलंगाना के कुछ इलाकों में अपनी दस्तक दे दी है। India Meteorological Department (IMD) ने 8 जून 2026 को दोपहर 1:30 बजे जारी अपने ताजा प्रेस बुलेटिन में यह जानकारी दी।
देखा जाए तो इस बार मानसून की रफ्तार काफी तेज रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा अब 18°N/60°E से शुरू होकर हरनई, सोलापुर, कलबुर्गी, नंद्याल, चेन्नई होते हुए पूर्वोत्तर राज्यों तक फैल चुकी है।
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अगले 48 घंटों में कहां-कहां पहुंचेगा मानसून
अगले 2-3 दिनों में मानसून मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के बचे हुए हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में भी मानसून दस्तक दे सकता है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि इस बार मानसून की प्रगति सामान्य से तेज है, जिससे किसानों और आम लोगों दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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कर्नाटक-केरल में 8-9 जून को रेड अलर्ट
चिंता का विषय यह है कि कर्नाटक और केरल में 8 और 9 जून को अत्यधिक भारी बारिश (20 सेमी से अधिक) होने का अनुमान है। IMD ने इन राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत और सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल में भी अगले 7 दिनों तक भारी बारिश (7-20 सेमी) का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों में सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में भी बेहद भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है। जलपाईगुड़ी के NH-31 ब्रिज इलाके में 14 सेमी, जबकि असम के चौलधोवाघाट में 16 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
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दिल्ली-NCR में लू का कहर, 11 जून को राहत
दूसरी ओर, उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप जारी है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ में 8 से 11 जून तक लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी गई है।
दिलचस्प बात यह है कि महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में देश का सबसे अधिक तापमान 45.2°C दर्ज किया गया। दिल्ली में अधिकतम तापमान 40-42°C और न्यूनतम तापमान 25-29°C के बीच रहा।
अगर गौर करें तो 11 जून से स्थिति बदलने वाली है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इससे 11 और 12 जून को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, तेज हवाएं (50-60 किमी प्रति घंटे तक) और ओलावृष्टि हो सकती है।
पिछले 24 घंटों में कहां-कहां हुई बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
| राज्य/क्षेत्र | स्थान | बारिश (सेमी) |
|---|---|---|
| असम-मेघालय | चौलधोवाघाट | 16 |
| सब-हिमालयन बंगाल | NH-31 ब्रिज (जलपाईगुड़ी) | 14 |
| तमिलनाडु | ऊथु (तिरुनेलवेली) | 11 |
| केरल | चालाकुडी, चेरथला, पीरमेड | 9-9-9 |
| कर्नाटक (तटीय) | कुंडापुर (उडुपी) | 9 |
| आंध्र प्रदेश | सत्तेनपल्ले (पलनाडु) | 7 |
| तेलंगाना | मट्टमपल्ली (सूर्यापेट) | 8 |
तूफानी हवाओं ने मचाई तबाही
पिछले 24 घंटों में दिल्ली के पालम में 101 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। पश्चिम बंगाल के IIT खड़गपुर में 80 किमी/घंटा, ओडिशा के कोरापुट में 89 किमी/घंटा, राजस्थान के अजमेर में 65 किमी/घंटा और उत्तर प्रदेश के आगरा (IAF) में 59 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान दर्ज किया गया।
इन तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली लाइनें टूटने और कच्चे मकानों को नुकसान होने की घटनाएं सामने आई हैं।
मछुआरों के लिए खतरे की घंटी
समझने वाली बात यह है कि IMD ने मछुआरों को 8 से 13 जून तक समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है।
बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन, श्रीलंका तट, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में समुद्र की स्थिति खराब रहेगी।
अरब सागर में दक्षिण महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल तट, लक्षद्वीप क्षेत्र, सोमालिया तट और ओमान तट के पास समुद्री परिस्थितियां प्रतिकूल रहने की संभावना है।
दिल्ली-NCR का अगले 3 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
8 जून: मुख्यतः साफ आसमान, दोपहर में आंशिक बादल। हवाओं की गति 20-30 किमी/घंटा, कभी-कभी 40 किमी/घंटा तक। दोपहर/शाम को गरज की संभावना। अधिकतम तापमान 41-43°C।
9 जून: मुख्यतः साफ आसमान। तेज हवाएं 20-30 किमी/घंटा। अधिकतम तापमान 42-44°C, न्यूनतम 28-30°C। लू की स्थिति बनी रहेगी।
10 जून: आंशिक बादल। तेज हवाएं। दोपहर/शाम को गरज की संभावना। अधिकतम तापमान 42-44°C।
11 जून: आंशिक से सामान्यतः बादल वाला आसमान। शाम/रात में हल्की बारिश के साथ गरज, धूल भरी आंधी और 40-50 किमी/घंटा (तेज झोंके 60 किमी/घंटा तक) की हवाएं। अधिकतम तापमान 40-42°C।
किसानों के लिए खास सलाह
केरल: केला, नारियल, इलायची, अदरक, काली मिर्च और सब्जी के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें। केले को सहारा दें और सब्जियों की मचान मजबूत करें।
तमिलनाडु: धान, गन्ना, केला और सब्जी के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें।
कर्नाटक: धान के खेतों, सुपारी के बगीचों और आम के बागों में जल निकासी सुनिश्चित करें। तटीय कर्नाटक में धान की नर्सरी की बुवाई टालें।
पूर्वोत्तर राज्य: सब्जी, मक्का और धान नर्सरी से अतिरिक्त पानी तुरंत निकालें। नई बोई गई नर्सरी को पॉलीथीन शीट या पुआल से ढकें।
पंजाब-हरियाणा: खड़ी फसलों, फलों के पौधों और सब्जियों में हल्की और बार-बार सिंचाई करें।
पशुपालकों के लिए: भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें। चारा सुरक्षित स्थान पर स्टोर करें। गर्मी और लू वाले क्षेत्रों में पशुओं को साफ, ठंडा पानी दें और मुर्गी घरों की छतों को घास से ढकें।
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि:
- बाहर निकलने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें
- भारी बारिश और आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहें
- खुले स्थानों से बचें, पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली गिरने की स्थिति में कंक्रीट के फर्श पर न लेटें
- बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें
- पानी के स्रोतों से तुरंत बाहर निकलें
- लू से बचने के लिए धूप में लंबे समय तक न रहें
- पर्याप्त मात्रा में पानी, ORS, लस्सी, नींबू पानी, छाछ पिएं
तापमान में आएगा बदलाव
उत्तर-पश्चिम भारत में 11 जून तक अधिकतम तापमान में 2-4°C की क्रमिक वृद्धि होगी, उसके बाद 3-5°C की गिरावट आएगी। मध्य भारत में 11 जून तक 2-3°C की वृद्धि और फिर 2-3°C की कमी होगी। महाराष्ट्र में 9 जून तक 2°C की गिरावट के बाद कोई खास बदलाव नहीं होगा।
मौसम विभाग के मुख्य अलर्ट
रेड/ऑरेंज अलर्ट वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। शहरी और पहाड़ी इलाके भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
संभावित प्रभाव:
- सड़कों पर जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़
- भारी बारिश से दृश्यता में कमी
- प्रमुख शहरों में यातायात में रुकावट
- कच्ची सड़कों को नुकसान
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी खिसकने की संभावना
- कुछ नदी घाटियों में बाढ़ की आशंका
क्या है पूरे मामले की पृष्ठभूमि
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपने ताजा विश्लेषण में बताया कि भारतीय क्षेत्र में 15°N अक्षांश के आसपास निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर में एक शीयर जोन (Shear Zone) है। उत्तरी हरियाणा पर निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी ऐसा ही सिस्टम मौजूद है।
पूर्वी बिहार से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक गंगीय पश्चिम बंगाल से होकर एक ट्रफ (Trough) फैला है। पूर्वी-मध्य अरब सागर में दक्षिण कोंकण तट के पास मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तर में एक और चक्रवाती परिसंचरण है।
इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौसमी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- Southwest Monsoon 2026 ने 8 जून को महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में प्रवेश किया
- कर्नाटक और केरल में 8-9 जून को अत्यधिक भारी बारिश (20 सेमी से अधिक) का रेड अलर्ट
- दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में 8-11 जून तक लू की चेतावनी
- 11-12 जून को उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण गरज, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना
- मछुआरों को 8-13 जून तक समुद्र में न जाने की सलाह
- पिछले 24 घंटों में दिल्ली के पालम में 101 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं
- देश का सबसे अधिक तापमान महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 45.2°C दर्ज












