Mann Ki Baat 134 Episode: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 31 मई 2026 को ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए भारतीय एथलेटिक्स की एक ऐसी कहानी सुनाई जिसने पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। झारखंड के रांची में कुछ दिन पहले ही हुई 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कप प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड महज दो दिनों के अंदर तीन बार टूटा। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी…
चार इवेंट्स में चार नए National Records, 800 एथलीट्स ने लिया हिस्सा
रांची में आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर से करीब 800 एथलीट्स ने हिस्सा लिया। दिलचस्प बात यह है कि चार अलग-अलग इवेंट्स में चार राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे। गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार — इन सभी एथलीट्स ने अपनी-अपनी कैटेगरी में नए रिकॉर्ड बनाकर साबित कर दिया कि भारतीय एथलेटिक्स अब दुनिया के मंच पर गंभीरता से दस्तक दे रहा है।
PM Modi ने इन सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां सुनकर एक नई प्रेरणा मिलती है।
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100 Meter National Record: दो दिन में तीन बार टूटा रिकॉर्ड
लेकिन जो बात सबसे ज्यादा चर्चा में रही वो है 100 मीटर की दौड़। समझने वाली बात यह है कि 100 मीटर स्प्रिंट को दुनिया में सबसे कठिन और सबसे प्रतिष्ठित ट्रैक इवेंट माना जाता है। और इसी इवेंट में गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर ने मिलकर वो कर दिखाया जो भारतीय एथलेटिक्स में पहले कभी नहीं हुआ था।
महज दो दिनों के भीतर इन दोनों खिलाड़ियों ने बारी-बारी से एक-दूसरे को चुनौती दी। पहले एक ने रिकॉर्ड तोड़ा, फिर दूसरे ने उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया। और फिर तीसरी बार गुरिंदरवीर ने 10.09 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। यह पहली बार है जब कोई भारतीय धावक 10.1 सेकंड के बैरियर को तोड़ने में कामयाब हुआ है।
PM Modi ने Mann Ki Baat 134 Episode में इसे “जुगलबंदी” का नाम दिया और कहा कि संगीत में तो जुगलबंदी देखी थी, लेकिन यहां चुनौती की जुगलबंदी देखने को मिली।
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अनिमेष कुजूर: COVID में शुरू हुआ सफर, आज International मंच पर पहुंचे
प्रधानमंत्री ने Mann Ki Baat में दोनों खिलाड़ियों से फोन पर बात भी की। अनिमेष कुजूर ने बताया कि वो छत्तीसगढ़ से हैं और सैनिक स्कूल अम्बिकापुर से पास आउट हुए। अगर गौर करें तो उनकी कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है।
अनिमेष ने बताया कि वो पहले फुटबॉल खेला करते थे। COVID के समय माता-पिता उन्हें बाहर दौड़ने की छूट देते थे। जब लॉकडाउन हटने लगा तो उनके फुटबॉल के दोस्तों ने बोला कि स्टेट मीट होने वाला है, जाकर पार्टिसिपेट कर। अनिमेष को तो पता भी नहीं था कि वहां से नेशनल लेवल का सिलेक्शन होता है। मगर हुआ क्या? वो स्टेट से सीधे नेशनल में सिलेक्ट हो गए।
2021 में एथलेटिक्स शुरू करने वाले अनिमेष कुजूर आज 200 मीटर और 400 मीटर के नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं, एशियन मेडलिस्ट हैं, और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स का मेडल जीत चुके हैं। अब वो ओडिशा से खेलते हैं और इंटरनेशनल लेवल पर भारत को रिप्रेजेंट कर रहे हैं।
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गुरिंदरवीर सिंह: Indian Navy का वो Sprinter जिसने पिता का सपना पूरा किया
गुरिंदरवीर सिंह की कहानी सुनकर तो PM Modi भी बोल उठे — “वाह वाह वाह। बड़ी शानदार बात है भई!”
गुरिंदरवीर ने बताया कि वो भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हैं। उनके पिता और दादा दोनों खिलाड़ी थे। हैरान करने वाली बात यह है कि बचपन में जब भी दिवाली या नया साल आता, गुरिंदरवीर अपने पिता की ट्रॉफियां और मेडल साफ करते थे। हर ट्रॉफी की कहानी पूछते थे। और बस वहीं से उनके अंदर खिलाड़ी बनने का सपना जागा।
एक किस्सा तो बहुत ही दिल को छू लेने वाला है। गुरिंदरवीर जब TV पर उसैन बोल्ट को दौड़ते देख रहे थे, तो उनकी मां ने TV बंद कर दिया कि “बेटा अब पढ़ने का टाइम है।” बच्चे गुरिंदरवीर ने तब कहा था — “मां, आप मुझे TV नहीं देखने देतीं, एक दिन ऐसा आएगा कि आप मुझे TV में ढूंढोगी कि देखो गुरिंदर दौड़ रहा है!”
आज वो दिन आ गया है। उनकी मां TV पर उन्हें दौड़ता देखती हैं।
“100 मीटर Indians का Event नहीं है” — इस बात को गुरिंदरवीर ने गलत साबित किया
यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि गुरिंदरवीर सिंह की राह आसान नहीं थी। जब उन्होंने 100 मीटर को अपना इवेंट चुना तो सब कहने लगे कि “100 मत करो, ये Indians का event नहीं है। Indians की body 100 मीटर के लिए बनी ही नहीं है।”
लेकिन गुरिंदरवीर और उनके पिता ने तय किया कि पीछे नहीं हटना है। उनके पिता ने कहा — “जो लोग बोलते हैं कि हम नहीं कर सकते, हम उसे करके दिखाएंगे। मुझे तेरे पर भरोसा है।”
और वो भरोसा काम आया। आज गुरिंदरवीर सिंह भारत के सबसे तेज sprinter हैं। 10.09 सेकंड। देखा जाए तो ये सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है — यह हर उस मिथक को तोड़ने वाला जवाब है जो कहता था कि भारतीय sprinting में कुछ नहीं कर सकते।
मिडिल क्लास फैमिली से निकला Champion: पिता का अधूरा सपना, बेटे ने किया पूरा
गुरिंदरवीर ने Mann Ki Baat में यह भी बताया कि वो मिडिल क्लास फैमिली से आते हैं। उनके पिता वॉलीबॉल खेलते थे लेकिन घर की परेशानियों की वजह से उन्हें अपना खेल छोड़ना पड़ा। जो सपना पिता का अधूरा रह गया, वो बेटे ने पूरा कर दिखाया।
गुरिंदरवीर ने मिल्खा सिंह से भी प्रेरणा ली। उनके पिता बताते थे कि मिल्खा सिंह जी खून की उल्टियां करते थे, धूप में सारा दिन भागते थे। इन बातों ने गुरिंदरवीर को अंदर से इतना मजबूत बना दिया कि कोई भी हार, कोई भी चोट उन्हें रोक नहीं पाई।
कोच और परिवार का सपोर्ट: “अगर तू नहीं करेगा तो कोई नहीं कर पाएगा”
दोनों खिलाड़ियों ने एक बात पर जोर दिया — परिवार और कोच का सपोर्ट। गुरिंदरवीर ने बताया कि जब कभी हार होती, injury आ जाती, तो घरवाले बोलते — “एक दिन बुरा गया, एक साल बुरा गया, इससे जिंदगी खराब नहीं होती। सपने देखना मत छोड़ो।” उनके कोच ने भी कहा — “अगर तू नहीं करेगा तो कोई और नहीं कर पाएगा।”
अनिमेष कुजूर ने भी बताया कि जब उन्होंने 2021 में एथलेटिक्स शुरू किया तो लोग बोलते थे — “नया फील्ड है, तू कर पाएगा कि नहीं?” लेकिन अनिमेष ने ठान लिया था। उनके पिता ने कहा — “इस फील्ड में घुसा है तो कभी पीछे मुड़कर मत देखना।”
इस खबर का आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?
राहत की बात ये है कि ऐसी कहानियां सिर्फ खेल की दुनिया तक सीमित नहीं रहतीं। ये हर उस बच्चे के लिए उम्मीद की किरण हैं जो किसी छोटे शहर में बैठा सपने देख रहा है। अनिमेष कुजूर की कहानी बताती है कि COVID जैसे मुश्किल दौर में भी अगर अवसर को पहचान लिया जाए तो कुछ भी मुमकिन है। और गुरिंदरवीर सिंह की कहानी सिखाती है कि अगर पिता का भरोसा और अपनी जिद दोनों साथ हों — तो मिडिल क्लास से भी Champion निकलता है।
इससे साफ होता है कि भारत में एथलेटिक्स का भविष्य उज्जवल है और आने वाले Commonwealth Games 2026 और Asian Games में ये दोनों खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
जानें पूरा मामला
प्रधानमंत्री मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों से जुड़ते हैं। 134वीं कड़ी में उन्होंने खेल के अलावा गर्मी से बचाव, आमों की विभिन्न किस्मों, तैराकी के महत्व, खगोल विज्ञान क्लबों, उत्तर प्रदेश में गंगा डॉल्फिन बचाव एम्बुलेंस और जल संरक्षण जैसे विषयों पर भी चर्चा की। लेकिन सबसे ज्यादा जिस विषय ने लोगों का ध्यान खींचा वो 100 मीटर दौड़ की वो “जुगलबंदी” थी जिसने भारतीय स्प्रिंटिंग का इतिहास बदल दिया।
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मुख्य बातें (Key Points)
- 🏃 गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया — वो 10.1 के बैरियर को तोड़ने वाले पहले भारतीय बने।
- 🔥 सिर्फ 2 दिनों में 100 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड 3 बार टूटा — गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर के बीच शानदार मुकाबला हुआ।
- 📞 PM Modi ने Mann Ki Baat 134 में दोनों एथलीट्स से फोन पर बात की और उनकी मेहनत की तारीफ की।
- 🏅 रांची में हुई 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कप में 4 इवेंट्स में 4 नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने।












