Air India Flight Reduction: तेल की आसमान छूती कीमतों ने एयर इंडिया को बड़ा झटका दिया है। घाटे में चल रही यह एयरलाइन अब अपनी घरेलू उड़ानों में 22 फीसदी तक की बड़ी कटौती करने जा रही है। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में लगभग 27 फीसदी की कमी की जाएगी। देखा जाए तो यह कदम एयरलाइन के बढ़ते परिचालन खर्चों को नियंत्रित करने की मजबूरी है।
सूत्रों ने बताया कि वित्तीय संकट का सामना कर रही एयर इंडिया को इस फैसले पर मजबूरन आना पड़ा है। विमानन ईंधन (Aviation Turbine Fuel – ATF) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने एयरलाइन की कमर तोड़ दी है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि एयरलाइन उद्योग में ईंधन खर्च कुल परिचालन लागत का 40-45% हिस्सा होता है।
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कितनी उड़ानें होंगी प्रभावित?
विवरण के अनुसार, एयर इंडिया वर्तमान में लगभग 4,400 साप्ताहिक उड़ानों का संचालन करती है। इनमें से करीब 3,600 घरेलू और 800 अंतरराष्ट्रीय सेवाएं हैं। अब इनमें बड़े पैमाने पर कटौती होने जा रही है।
सूत्रों ने स्पष्ट किया कि 20-22 फीसदी घरेलू उड़ानें घटाई जाएंगी। इसका मतलब है कि लगभग 720-790 साप्ताहिक घरेलू उड़ानें बंद हो सकती हैं। अगर गौर करें तो यह यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है, खासकर व्यस्त रूटों पर।
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एयरलाइन का आधिकारिक बयान
एयर इंडिया ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर अपना पक्ष रखा। बयान में कहा गया, “जून और अगस्त 2026 के बीच चुनी गई अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में पहले घोषित बदलावों को जारी रखते हुए, हमने उसी समय अवधि के दौरान कुछ घरेलू रूटों पर संचालन को अस्थायी तौर पर तर्कसंगत किया है। इसमें चुने हुए रूटों पर फ्रीक्वेंसी (उड़ानों की संख्या) में कटौती की गई है।”
दिलचस्प बात यह है कि एयरलाइन ने इसे “अस्थायी” कदम बताया है। कंपनी का कहना है कि स्थिति सामान्य होने पर फ्रीक्वेंसी को फिर से बहाल किया जा सकता है।
तेल की कीमतों का सीधा असर
एयरलाइन ने साफ शब्दों में माना है कि यह बदलाव समग्र संचालन पर तेल की ऊंची कीमतों के लगातार पड़ रहे प्रभाव के कारण किए गए हैं। बयान में कहा गया, “एयर इंडिया मांग और संचालन की परिस्थितियों पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेगी, ताकि परिस्थितियों के स्थिर होने पर फ्रीक्वेंसी को बहाल किया जा सके।”
समझने वाली बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी हैं। इसका सीधा असर विमानन ईंधन की कीमतों पर पड़ा है, जिससे एयरलाइंस का मुनाफा लगातार घट रहा है।
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यात्रियों के लिए क्या है व्यवस्था?
एयरलाइन ने यात्रियों की चिंता को ध्यान में रखते हुए कहा है कि इन बदलावों से प्रभावित होने वाले यात्रियों को पूरी सहायता दी जाएगी। एयर इंडिया ने आश्वासन दिया कि प्रभावित यात्रियों को निम्नलिखित विकल्प दिए जाएंगे:
• वैकल्पिक उड़ानों पर मुफ्त पुनर्व्यवस्था (Re-accommodation)
• मुफ्त तारीख बदलने की सुविधा
• लागू नियमों के अनुसार पूर्ण रिफंड
यहां राहत की बात यह है कि कंपनी ने यात्रियों को अकेला नहीं छोड़ने का वादा किया है। सक्रिय रूप से सहायता प्रदान की जाएगी।
उड्डयन उद्योग पर व्यापक असर
यह कटौती केवल एयर इंडिया तक सीमित नहीं है। पूरे भारतीय उड्डयन उद्योग पर ईंधन की बढ़ती कीमतों का दबाव है। अन्य एयरलाइंस भी इसी तरह के कदम उठाने पर विचार कर सकती हैं। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में हवाई यात्रा महंगी हो सकती है और उड़ानों की उपलब्धता कम हो सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
• एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों में 20-22% की भारी कटौती की घोषणा की
• अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में लगभग 27% की कमी होगी
• कुल 4,400 साप्ताहिक उड़ानों में से 720-790 घरेलू उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं
• ईंधन की बढ़ती कीमतें मुख्य कारण, यह अस्थायी कदम बताया गया
• प्रभावित यात्रियों को मुफ्त री-बुकिंग, तारीख बदलने या पूर्ण रिफंड की सुविधा













