NEET Paper Leak: बुधवार सुबह CBI ने NEET-UG 2026 प्रीक्षा पेपर लीक के सनसनीखेज मामले में दो और अहम गिरफ्तारियां की हैं। इसके साथ ही इस केस में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 13 हो गई है। देखा जाए तो CBI की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और लगातार नए खुलासे हो रहे हैं।
लातूर के एक डॉक्टर डॉ. मनोज शिरूरे को NEET-UG 2026 के प्रश्न पत्र लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला कि उन्होंने एक कोचिंग सेंटर के मालिक के बेटे समेत तीन विद्यार्थियों को मुलजिम पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्न हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि एक डॉक्टर इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा था।
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दूसरे गिरफ्तार का कनेक्शन
एक अन्य गिरफ्तार मुलजिम तेजस हर्षदकुमार शाह है, जो पुणे स्थित कोचिंग सेंटर ‘डॉ. अभंग प्रभू मेडिकल अकादमी’ (APMA) में फिजिक्स का फैकल्टी है। दिलचस्प बात यह है कि उसने NEET-UG 2026 परीक्षा के लीक हुए फिजिक्स के प्रश्न गिरफ्तार मुलजिम मनीषा हवालदार से प्राप्त किए थे।
समझने वाली बात यह है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। कोचिंग सेंटर के शिक्षक, डॉक्टर और अन्य लोग मिलकर यह काम कर रहे थे।
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49 ठिकानों पर छापेमारी, कई सबूत जब्त
CBI ने अब तक विभिन्न स्थानों पर 49 ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि जब्त की गई चीजों का विस्तारपूर्वक विश्लेषण चल रहा है।
अगर गौर करें तो 49 ठिकानों पर छापेमारी एक बड़ी कार्रवाई है जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। CBI इस नेटवर्क के हर सिरे तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
कैसे हुई शुरुआत और किसकी शिकायत पर?
CBI ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक होने संबंधी मामला दर्ज किया था।
केस दर्ज होने के तुरंत बाद, विशेष टीमें बनाई गई थीं और देश भर में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई थी। कई संदिग्ध व्यक्तियों को उठाकर पूछताछ की गई थी। यहां राहत की बात यह है कि सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और CBI को मामला सौंपा।
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13 गिरफ्तारियां, कई शहरों से
इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहमदनगर से 13 मुलजिमों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था।
| शहर | गिरफ्तारियां | मुख्य भूमिका |
|---|---|---|
| दिल्ली | 2-3 | पेपर वितरण |
| जयपुर | 2 | कोचिंग सेंटर लिंक |
| गुरुग्राम | 1-2 | मध्यस्थ |
| पुणे | 2-3 | फैकल्टी/शिक्षक |
| लातूर | 1 | डॉक्टर (नेटवर्क) |
| नासिक | 1 | सहयोगी |
| अहमदनगर | 1 | स्थानीय सहयोगी |
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
जांच अभी भी जारी है और कई विशेष टीमें मिलकर काम कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि जब्त किए गए मोबाइल और लैपटॉप से नए सुराग मिल रहे हैं।
CBI ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की गहराई तक जाएगी और हर दोषी को सजा दिलाएगी। NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में धोखाधड़ी लाखों ईमानदार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है।
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छात्रों और अभिभावकों की चिंता
यह मामला लाखों मेडिकल एस्पिरेंट्स और उनके अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। NEET-UG भारत में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा है। इसमें पेपर लीक जैसी घटना परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।
कई छात्र संगठनों ने मांग की है कि परीक्षा फिर से आयोजित की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। सरकार ने आश्वासन दिया है कि न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्य बातें (Key Points)
• CBI ने NEET-UG 2026 पेपर लीक में डॉ. मनोज शिरूरे और तेजस शाह को गिरफ्तार किया
• कुल गिरफ्तारियां 13 हो गईं, दिल्ली, जयपुर, पुणे, लातूर सहित कई शहरों से
• 49 ठिकानों पर छापेमारी, दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल जब्त
• शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 12 मई को मामला दर्ज हुआ था
• जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव












