Punjab 12th Result 2026: चंडीगढ़ में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 12वीं कक्षा की तीन टॉपर छात्राओं को सम्मानित किया। देखा जाए तो यह सिर्फ एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव की एक मजबूत दस्तक है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) की 12वीं कक्षा की परीक्षा में 416 सरकारी स्कूलों ने 100 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
14 मई 2026 को जारी हुए नतीजों में एक बात साफ तौर पर उभरकर सामने आई – लड़कियां न सिर्फ शिक्षा में आगे बढ़ रही हैं, बल्कि हर क्षेत्र में बाजी मार रही हैं। मानसा की सुपनीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिवांशी ने 500 में से 500 अंक हासिल कर पूरे पंजाब का नाम रोशन किया है।
सरकारी स्कूलों की वापसी का संकेत
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मेरिट सूची में शामिल 275 विद्यार्थियों में से 122 यानी करीब 50 प्रतिशत से अधिक सरकारी स्कूलों के हैं। यह आंकड़ा उस समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब कुछ साल पहले तक सरकारी स्कूलों को लेकर अभिभावकों में भरोसे की कमी थी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसे पंजाब सरकार की शिक्षा क्रांति का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, “यह हमारी सरकार के बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण, आधुनिक क्लासरूमों और केंद्रित शैक्षणिक सुधारों का सीधा परिणाम है।”
लड़कियों ने फिर मारी बाजी
अगर गौर करें तो इस साल भी लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया। परीक्षा में शामिल हुए करीब 2.65 लाख विद्यार्थियों में से लगभग 2.42 लाख पास हुए। कुल पास प्रतिशत 91.46 प्रतिशत रहा। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि लड़कियों का पास प्रतिशत 94.73 प्रतिशत रहा जबकि लड़कों का केवल 88.52 प्रतिशत।
मेरिट सूची में आने वाले कुल 278 विद्यार्थियों में 217 लड़कियां हैं और सिर्फ 61 लड़के। यह दर्शाता है कि पंजाब की बेटियां अब किसी से पीछे नहीं हैं।
टॉपर्स की कहानी कुछ अलग है
चंडीगढ़ में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने तीनों टॉपर छात्राओं से बातचीत की। समझने वाली बात यह है कि तीनों ही छात्राएं राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खिलाड़ी भी हैं। यह साबित करता है कि वे सिर्फ किताबी कीड़े नहीं, बल्कि खेल-कूद में भी उतनी ही माहिर हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इन तीनों छात्राओं को 50,000 रुपए का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा, “सभी टॉपर साधारण पृष्ठभूमि से हैं और मेहनत व समर्पण से जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को छूना चाहती हैं। पंजाब सरकार उनके सपनों को साकार करने में पूरा समर्थन देगी।”
अमृतसर और पटियाला ने छोड़ा सबको पीछे
राज्य भर के जिलों में अमृतसर ने सबसे ज्यादा 96 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया। वहीं मेरिट की बात करें तो पटियाला जिले ने बाजी मारी है, जहां से सबसे ज्यादा 59 विद्यार्थी मेरिट सूची में शामिल हुए।
यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उन शिक्षकों की मेहनत और समर्पण की कहानी है जो दिन-रात एक करके बच्चों को तैयार करते हैं।
लड़कियों का सशक्तिकरण ही असली विकास
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा, “यह लड़कियों का असली सशक्तिकरण है, जो उनके सामाजिक-आर्थिक पुनरुत्थान और पंजाब व देश की शानदार प्रगति की नई शुरुआत है।”
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के प्रसार के साथ लड़कियों ने न सिर्फ शिक्षा क्षेत्र में बल्कि हर क्षेत्र में लड़कों को पछाड़ दिया है। समय ने साबित कर दिया है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं।
वायुसेना में पायलट बनने का सपना
बातचीत के दौरान एक टॉपर विद्यार्थिनी ने भारतीय वायुसेना में पायलट बनने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए मोहाली के माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट फॉर गर्ल्स के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा, “यह संस्था बहुत शानदार प्रदर्शन कर रही है और देश में अपनी तरह की इकलौती पूर्ण रूप से आवासीय संस्था है, जो नौजवान लड़कियों को रक्षा सेवाओं में कमीशंड अधिकारी बनने के लिए प्रशिक्षण देती है।”
यहां लड़कियों को एएफसीएटी, सीडीएस और एसएसबी परीक्षाओं को पास करने के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से तैयार किया जाता है।
शिक्षा क्रांति के पीछे की रणनीति
देखा जाए तो पंजाब सरकार ने पिछले कुछ सालों में शिक्षा पर खास ध्यान दिया है। स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, शिक्षकों की नियुक्ति, आधुनिक क्लासरूम और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए गए हैं।
इन प्रयासों का नतीजा अब साफ दिख रहा है। 416 सरकारी स्कूलों का 100 प्रतिशत रिजल्ट इस बात का सबूत है कि सही दिशा में काम करने से बदलाव संभव है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब बोर्ड 12वीं की परीक्षा में 416 सरकारी स्कूलों ने 100 प्रतिशत रिजल्ट हासिल किया
- मानसा की सुपनीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिवांशी ने 500 में 500 अंक हासिल किए
- मेरिट सूची में 275 में से 122 विद्यार्थी सरकारी स्कूलों के हैं
- लड़कियों का पास प्रतिशत 94.73%, लड़कों का 88.52% रहा
- तीनों टॉपर छात्राओं को 50,000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया
- अमृतसर जिले ने 96 प्रतिशत के साथ सबसे ज्यादा पास प्रतिशत दर्ज किया
इस मौके पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत, स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरी और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
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