Drug Free Punjab: बटाला की पवित्र धरती पर 14 मई 2026 को एक ऐसा कार्यक्रम हुआ जो पंजाब के भविष्य को बदलने का संकल्प लेकर आया। संत तृलोचन दास जी महाराज के 38वें गुरुगद्दी दिवस पर आयोजित नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार हर हाल में सूबे से “नशे का कलंक” मिटाकर रहेगी।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। मुख्यमंत्री ने बताया कि “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान को 437 दिन पूरे हो चुके हैं और इस दौरान 63,707 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की एक मजबूत मुहिम है।
437 दिनों की अनवरत लड़ाई
देखा जाए तो यह कोई आम अभियान नहीं है। सच्चखंड नानक धाम, दर्शन दरबार बटाला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अभियान को 400 से अधिक दिन हो गए हैं और इसे शानदार सफलता मिली है। हमने नशे के कारोबार की रीढ़ तोड़ दी है और इस अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डाल दिया है।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार ने सिर्फ तस्करों को गिरफ्तार ही नहीं किया, बल्कि नशे की अवैध कमाई से बनी संपत्तियों को भी ढहाया जा रहा है। यह कदम दर्शाता है कि सरकार इस बुराई की जड़ तक जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
लोक लहर बन गया है यह अभियान
अगर गौर करें तो मुख्यमंत्री का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण है कि नशे और संगठित अपराध के विरुद्ध लड़ाई अब लोक लहर बन गई है। हर पंजाबी इस मिशन में पंजाब सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर पंजाबी पंजाब को नशा मुक्त बनाने का दृढ़ इरादा रखते हैं तो कोई भी ताकत हमें इस मिशन को पूरा करने से नहीं रोक सकती। मैं इस लड़ाई को लोक लहर में बदलने के लिए लोगों से पूर्ण समर्थन और सहयोग की मांग करता हूं।”
112 दिनों की गैंगस्टर विरोधी मुहिम
समझने वाली बात यह है कि Drug Free Punjab अभियान के साथ-साथ “गैंगस्टरों पर वार” मुहिम भी जोरों पर है। पिछले 112 दिनों से गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स और जिला पुलिस टीमें मिलकर संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रही हैं।
यह दोहरी रणनीति पंजाब को अपराध मुक्त बनाने में कारगर साबित हो रही है। नशा तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क का गहरा संबंध रहा है, इसलिए दोनों मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है।
पंजाब की आध्यात्मिक विरासत का सम्मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की आध्यात्मिक विरासत को उजागर करते हुए कहा, “यह शहीदों की धरती है और इसका कोना-कोना महान गुरुओं, संतों, पीर-पैगंबरों की चरण छोह प्राप्त है। हमारे गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरित होकर ही हमने नशे के विरुद्ध यह युद्ध शुरू किया।”
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री ने गुरबाणी की तुक “पवनु गुरू पाणी पिता माता धरति महतु” का हवाला देते हुए कहा कि महान गुरुओं ने सदियों पहले मानवता को प्रकृति का सम्मान करने और सद्भावना से रहने की सीख दी थी।
बेअदबी विरोधी सख्त कानून का असर
यहां यह भी जानना जरूरी है कि पंजाब सरकार ने “जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026” लागू किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “वाहेगुरु की कृपा से इस ऐतिहासिक कानून को लागू करके मुझे मानवता की सेवा करने का मौका मिला है।”
उन्होंने बताया कि इस कानून के लागू होने के बाद पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगी है। यह कानून भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होगा।
महिला सशक्तिकरण की ओर ठोस कदम
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने “माओं-बेटियों सत्कार योजना” की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के तहत अनुसूचित वर्ग की हर महिला को प्रति माह 1,500 रुपए और अन्य वर्गों की हर महिला को प्रति माह 1,000 रुपए मिलेंगे।
समझने वाली बात यह है कि यह राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना के लिए योग्य होंगी। पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा और सरकार ने बजट में इसके लिए 9,300 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का विस्तार
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में किए गए सुधारों के बारे में बताया। “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत हर परिवार 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का हकदार है।”
उन्होंने बताया कि 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं, जबकि 1.65 लाख लोगों ने इस योजना के तहत मुफ्त इलाज करवाया है। उन्होंने लोगों से इन कार्डों का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।
विकास के अन्य आयाम
देखा जाए तो पंजाब सरकार ने विकास के कई मोर्चों पर काम किया है। मुख्यमंत्री ने बताया:
- 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है
- बिना किसी भ्रष्टाचार के 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं
- सड़कों को बेहतर बनाया गया है और टोल प्लाजा बंद किए हैं
- लोगों को रोजाना लगभग 70 लाख रुपए की बचत हो रही है
- किसानों को आठ घंटे से अधिक निर्विघ्न बिजली आपूर्ति और सिंचाई के लिए दिन में बिजली दी गई है
पंजाब की मिट्टी में नफरत की जगह नहीं
मुख्यमंत्री ने एक भावुक संदेश देते हुए कहा, “पंजाब की मिट्टी इतनी उपजाऊ है कि यहां सब कुछ उग सकता है लेकिन नफरत और वैर की यहां कोई जगह नहीं है। गुरुओं, संतों और पीरों की इस पवित्र धरती ने हमेशा प्यार, शांति और सहनशीलता का संदेश दिया है।”
उन्होंने कहा कि पंजाब की भाईचारे की साझा संस्कृति को ध्वस्त करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन ऐसी सारी साजिशें असफल रहीं क्योंकि यह सौभाग्यशाली धरती है।
नशा छुड़ाने और पुनर्वास पर जोर
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पंजाब सरकार ने सिर्फ नशा आपूर्ति रोकने तक खुद को सीमित नहीं रखा। पीड़ितों का पुनर्वास भी सुनिश्चित किया जा रहा है। नशा छुड़ाने का इलाज, कौशल विकास और पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि पीड़ित युवाओं को सम्मान और रोजगार के अवसरों के साथ समाज की मुख्यधारा में फिर से शामिल किया जा सके।
विरोधियों की बेचैनी पर तंज
मुख्यमंत्री ने विरोधी दलों पर तंज कसते हुए कहा, “पुराने नेता खुद बेहिसाब सुविधाओं का आनंद लेते रहे, लेकिन जब से हमने माओं-बहनों के लिए 1,000-1500 रुपए की घोषणा की है, विरोधी दल बेचैनी महसूस कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “वोट लेने के बाद अन्य पार्टियां लोगों से दूरी बना लेती हैं, लेकिन हम हमेशा जनता के बीच रहते हैं।”
आने वाले दिनों का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन को एक मजबूत संकल्प के साथ समाप्त किया। उन्होंने कहा, “नशे के विरुद्ध यह कार्रवाई पूरी ताकत से तब तक जारी रहेगी, जब तक इस लानत का पंजाब से पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता। वह दिन दूर नहीं, जब पंजाब पूरी तरह नशा मुक्त हो जाएगा।”
मुख्य बातें (Key Points)
- Drug Free Punjab अभियान के 437 दिनों में 63,707 नशा तस्करों की गिरफ्तारी
- नशे की अवैध कमाई से बनी संपत्तियों को ढहाया जा रहा है
- 112 दिनों से गैंगस्टरों पर वार मुहिम जारी
- श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट 2026 लागू
- माओं-बेटियों सत्कार योजना: अनुसूचित वर्ग को 1,500 रुपए, अन्य को 1,000 रुपए प्रति माह
- मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 65 लाख परिवारों को कार्ड
- 1.65 लाख लोगों ने मुफ्त इलाज का लाभ उठाया













