IIT Baba Abhay Singh Marriage News: महाकुंभ 2025 में अपने तर्कों और वैज्ञानिक अंदाज से अध्यात्म समझाने वाले ‘आईआईटी बाबा’ अभय सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लेकिन इस बार वजह उनका भाषण नहीं, बल्कि उनकी शादी है। IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करने और लाखों का पैकेज ठुकराने वाले अभय सिंह ने अब गृहस्थ जीवन शुरू कर लिया है। उनकी पत्नी कोई आम लड़की नहीं, बल्कि खगोल विज्ञान (Astronomy) की रिसर्चर प्रीतिका हैं।
अभय सिंह की प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। जहां एक तरफ उन्होंने दुनियादारी छोड़ दी थी, वहीं प्यार ने उन्हें फिर से जिम्मेदारियों के रास्ते पर ला खड़ा किया। आइए जानते हैं कि तमिलनाडु के एक आश्रम से शुरू हुई यह कहानी शादी तक कैसे पहुंची।

कोयंबटूर के आश्रम में हुई पहली मुलाकात
साल 2025 की महाशिवरात्रि। तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक आश्रम। यहीं पर अभय सिंह की मुलाकात प्रीतिका से हुई। प्रीतिका खगोल विज्ञान की रिसर्चर हैं। दोनों के बीच पहली बातचीत में ही वैचारिक समानता (Ideological Similarity) नजर आई। दोनों ही तर्क और विज्ञान को मानने वाले थे। बस क्या था, यहीं से दोनों की कहानी शुरू हो गई।
दूसरे दिन ही रख दिया शादी का प्रस्ताव!
अभय सिंह की लव स्टोरी में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि उन्होंने पहली मुलाकात के अगले ही दिन प्रीतिका के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया था। जाहिर है, किसी भी लड़की के लिए यह एक मजाक जैसा लग सकता था। प्रीतिका ने भी इसे शुरुआत में हंसी में टाल दिया। लेकिन अभय सिंह गंभीर थे। इसके बाद दोनों करीब एक साल तक संपर्क में रहे और एक-दूसरे को समझा। धीरे-धीरे यह रिश्ता दोस्ती से प्यार में बदल गया।
महाशिवरात्रि पर हुई शादी, फिर कोर्ट मैरिज
करीब एक साल तक डेटिंग और समझने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दोनों ने एक मंदिर में शादी रचाई। इसके बाद कानूनी औपचारिकता पूरी करने के लिए कोर्ट मैरिज भी की। शादी के बाद अभय सिंह अपनी पत्नी प्रीतिका को अपने पैतृक गांव सासरौली (झुंझुनू) ले गए। वहां परिवार ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्रीतिका का गृह प्रवेश कराया और भव्य स्वागत किया।
क्यों खास है यह रिश्ता?
यह शादी इसलिए भी खास है क्योंकि अभय सिंह ने खुद को अध्यात्म और सन्यास के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने IIT की डिग्री और लाखों की नौकरी छोड़कर बाबा बनने का रास्ता चुना। लेकिन प्रीतिका से मिलने के बाद उन्होंने ‘गृहस्थ’ जीवन को भी उतनी ही पवित्रता से अपनाया। प्रीतिका के कर्नाटक से होने के कारण यह एक अलग तरह का कल्चरल मिलन भी है।
अभय सिंह सोशल मीडिया पर न्यूरो साइंस और विज्ञान के उदाहरण देकर धर्म को समझाते हैं। अब उनकी शादी की तस्वीरें वायरल हैं और लोग उन्हें ‘आईआईटी बाबा’ से ‘गृहस्थ बाबा’ बनते देख रहे हैं।
विश्लेषण: विज्ञान और अध्यात्म का संगम
‘आईआईटीयन’ टैग का असर
अभय सिंह को ‘बाबा’ इसलिए नहीं कहा जा रहा कि वह भगवा कपड़े में हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि उनके पास IIT जैसा बड़ा टैग है। जब एक इंजीनियर तर्क से बात करता है, तो युवा उसे आसानी से फॉलो करते हैं। उनकी शादी ने यह साबित कर दिया है कि अध्यात्म का मतलब दुनिया से भागना नहीं, बल्कि सही जीवनसाथी के साथ जीवन जीना भी है।
सोशल मीडिया ने बनाया स्टार
अगर सोशल मीडिया न होता, तो अभय सिंह शायद सिर्फ एक साधु रह जाते। लेकिन इंटरनेट ने उनके वैज्ञानिक अंदाज को वायरल किया और उन्हें ‘आईआईटी बाबा’ बना दिया। आज उन्हीं की शादी की खबर ट्रेंड कर रही है। यह दिखाता है कि आज के युग में ‘बाबा’ की परिभाषा भी बदल रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
• मुलाकात: 2025 की महाशिवरात्रि पर कोयंबटूर के एक आश्रम में हुई।
• प्रस्ताव: पहली मुलाकात के दूसरे दिन ही अभय सिंह ने शादी का प्रस्ताव रख दिया था।
• दुल्हन: प्रीतिका खगोल विज्ञान (Astronomy) की रिसर्चर हैं और कर्नाटक से हैं।
• शादी: 15 फरवरी को मंदिर और कोर्ट मैरिज के बाद राजस्थान के सासरौली में पारंपरिक स्वागत हुआ।













