Punjab Arms Smuggling Module का पर्दाफाश करते हुए पटियाला पुलिस ने गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क को तोड़ते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 10 अत्याधुनिक सेल्फ-लोडिंग फायरआर्म्स बरामद किए हैं। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने चंडीगढ़ में यह जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी बिहार के मुजफ्फरपुर से देसी हथियार मंगाकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों के लिए सप्लाई कर रहे थे।
कौन हैं गिरफ्तार चारों आरोपी?
पटियाला पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें मुख्य सप्लायर सौरभ कुमार है जो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गांव जरंग दीह का रहने वाला है। वही इस पूरे Punjab Arms Smuggling Module की सबसे अहम कड़ी है और बिहार में अवैध रूप से चल रही हथियार निर्माण इकाइयों से हथियार जुटाकर पंजाब भेजने का काम कर रहा था।
दूसरा आरोपी सजन है जो एसएएस नगर (मोहाली) के सोहाना का रहने वाला है। तीसरा आरोपी अभिषेक उर्फ काका है जो पटियाला के गुरदीप कॉलोनी अबलोवाल का निवासी है। चौथा आरोपी इंदरजीत सिंह उर्फ रोहित है जो पटियाला के ओल्ड बिशन नगर का रहने वाला है। चारों आरोपी मिलकर एक संगठित नेटवर्क चला रहे थे जो बिहार से पंजाब तक हथियारों की अवैध सप्लाई चेन बनाए हुए था।
गैंगवार की साजिश: Goldy Dhillon नेटवर्क से कनेक्शन
DGP गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इस Punjab Arms Smuggling Module के पीछे सिर्फ हथियारों की तस्करी नहीं, बल्कि खतरनाक गैंगवार की साजिश का पूरा खाका सामने आया है। गिरफ्तार आरोपी कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के नेटवर्क से जुड़े एक प्रतिद्वंद्वी अपराधी को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे, ताकि इलाके में अपना दबदबा कायम कर सकें।
DGP यादव ने यह भी खुलासा किया कि इस मामले में आगे और पीछे की कड़ियों (backward and forward linkages) को जोड़ने के लिए गहन जांच जारी है, ताकि पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ा जा सके। यह जानकारी इस बात की ओर इशारा करती है कि यह मामला सिर्फ चार लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें कहीं ज्यादा गहरी और विस्तृत हो सकती हैं।
ऑपरेशन की पूरी कहानी: कैसे हुआ भंडाफोड़?
पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वरुण शर्मा ने ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीमों को गोपनीय सूचना मिली थी कि बिहार का रहने वाला सौरभ कुमार देसी सेल्फ-लोडिंग पिस्टल कुख्यात अपराधियों को सप्लाई कर रहा है। यह सप्लाई विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर टारगेट किलिंग और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देने के लिए की जा रही थी।
इस गोपनीय सूचना के आधार पर एसपी इन्वेस्टिगेशन पटियाला गुरबंस सिंह बैंस और डीएसपी हरमन चीमा की निगरानी में CIA पटियाला यूनिट और SHO शंभू ने मिलकर जाल बिछाया। योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाकर चारों आरोपियों को हथियारों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। यह ऑपरेशन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के पंजाब को सुरक्षित और संरक्षित राज्य बनाने के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
मुजफ्फरपुर में अवैध हथियार फैक्ट्रियों का जाल
SSP वरुण शर्मा ने Punjab Arms Smuggling Module की सबसे चिंताजनक कड़ी का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी सौरभ कुमार बिहार के मुजफ्फरपुर में अवैध रूप से स्थापित हथियार निर्माण इकाइयों से हथियार जुटाकर विभिन्न साधनों के जरिए पंजाब में सप्लाई कर रहा था। इसका मतलब यह है कि मुजफ्फरपुर में छोटे-छोटे अवैध कारखानों में देसी पिस्टल और अन्य हथियार बनाए जा रहे हैं, जो फिर अलग-अलग रास्तों से पंजाब तक पहुंचाए जाते हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अभिषेक उर्फ काका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के सीधे संपर्क में था और सक्रिय रूप से गैंगवार में शामिल था। यह तथ्य इस पूरे मामले को और भी गंभीर बना देता है, क्योंकि इससे साफ होता है कि ये हथियार सिर्फ बेचने के लिए नहीं, बल्कि पंजाब में संगठित अपराध और टारगेट किलिंग के लिए मंगाए जा रहे थे।
FIR दर्ज: कौन सी धाराएं लगीं?
इस पूरे मामले में पटियाला के थाना शंभू में FIR नंबर 50, दिनांक 1 अप्रैल 2026 दर्ज की गई है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। BNS की धारा 111 आपराधिक षडयंत्र से संबंधित है, जबकि आर्म्स एक्ट की धारा 25 अवैध हथियारों के निर्माण, बिक्री और रखरखाव के अपराध को कवर करती है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़ी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
विदेशी हैंडलर्स का कनेक्शन: पंजाब की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती
इस Punjab Arms Smuggling Module का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि हथियारों की यह सप्लाई सिर्फ स्थानीय अपराधियों की मर्जी से नहीं, बल्कि विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर हो रही थी। इसका सीधा मतलब यह है कि पंजाब में टारगेट किलिंग और गैंगवार की साजिशें सरहद पार से रची जा रही हैं और बिहार जैसे दूर-दराज के राज्यों से हथियारों की अवैध सप्लाई चेन बनाकर उन्हें अंजाम दिया जा रहा है। पटियाला पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है, लेकिन यह सवाल भी खड़ा करती है कि ऐसे कितने और नेटवर्क पंजाब में सक्रिय हो सकते हैं। आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए ऐसे अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ना बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर ये 10 हथियार पंजाब की सड़कों पर पहुंच जाते तो न जाने कितनी जानें खतरे में पड़ सकती थीं।
मुख्य बातें (Key Points)
- पटियाला पुलिस ने अंतरराज्यीय Punjab Arms Smuggling Module का भंडाफोड़ किया, 4 आरोपी गिरफ्तार और 10 सेल्फ-लोडिंग फायरआर्म्स बरामद।
- मुख्य आरोपी सौरभ कुमार बिहार के मुजफ्फरपुर में अवैध हथियार फैक्ट्रियों से हथियार मंगाकर पंजाब में सप्लाई कर रहा था।
- आरोपी गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों नेटवर्क से जुड़े प्रतिद्वंद्वी अपराधी को टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे थे।
- हथियारों की सप्लाई विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर हो रही थी, FIR BNS धारा 111 और आर्म्स एक्ट धारा 25 के तहत दर्ज।













