AAP Gujarat Workers Arrest का मामला अब एक बड़ा राजनीतिक तूफान बनता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वीरवार, 2 अप्रैल 2026 को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को एक सख्त पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि गुजरात में पंचायत और नगर पालिका चुनावों से ठीक पहले भाजपा सरकार बड़े पैमाने पर AAP कार्यकर्ताओं को अवैध तरीके से गिरफ्तार कर रही है। अब तक 160 से ज्यादा कार्यकर्ता गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की योजना बनाई गई है।
30 साल की BJP सरकार पर केजरीवाल का करारा हमला
अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में गुजरात में भाजपा के तीन दशक के शासन पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि पिछले 30 सालों से गुजरात में भाजपा की सरकार चल रही है और इस दौरान भ्रष्टाचार, अत्याचार और दमन का कुशासन रहा है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि भाजपा गुजरात में कांग्रेस के साथ मिलीभगत करके सत्ता में बनी रही, जिसके चलते जनता के पास कोई मजबूत विकल्प ही नहीं बचा था।
उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के रूप में गुजरात की जनता को पहली बार एक सच्चा और मजबूत विकल्प मिला है। केजरीवाल के मुताबिक लोग जानते हैं कि AAP एक निडर, ईमानदार, देशभक्त और अच्छे पढ़े-लिखे लोगों की पार्टी है जो भाजपा से कभी समझौता नहीं करेगी। उनका कहना है कि पूरे गुजरात में अब यह आम चर्चा का विषय बन चुका है कि भाजपा जा रही है और आम आदमी पार्टी की सरकार आने वाली है। AAP Gujarat Workers Arrest को लेकर केजरीवाल ने कहा कि AAP की बढ़ती लोकप्रियता से बौखलाई भाजपा ने यह दमन शुरू किया है।
AAP को खत्म करने की साजिश: केजरीवाल का बड़ा खुलासा
केजरीवाल ने अपने पत्र में AAP Gujarat Workers Arrest के पीछे भाजपा की एक सुनियोजित साजिश का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक षडयंत्र रचा है जिसके तहत AAP के अधिकतर नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके पार्टी को ही खत्म कर दिया जाए। इसी साजिश के तहत पिछले तीन महीनों में 160 से अधिक कार्यकर्ताओं को जेल भेजा जा चुका है।
इसी कड़ी में 1 अप्रैल 2026 को गुजरात पुलिस ने AAP के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी को भी गिरफ्तार कर लिया, हालांकि उन्हें देर रात छोड़ दिया गया। गढ़वी अपने कार्यकर्ताओं की अवैध गिरफ्तारी की जानकारी लेने थाने गए थे। केजरीवाल ने कहा कि गुजरात पुलिस की यह कार्रवाई स्थानीय निकाय चुनाव से ठीक पहले और तेज हुई है, जिससे साफ संदेश जा रहा है कि भाजपा पुलिस के बल पर चुनाव जीतना चाहती है।
गिरफ्तारी का चौंकाने वाला पैटर्न: गुंडे रोकते हैं, क्राइम ब्रांच गिरफ्तार करती है
केजरीवाल ने पिछले 48 घंटों में AAP Gujarat Workers Arrest के पीछे एक खतरनाक पैटर्न का पर्दाफाश किया है। उन्होंने बताया कि इस पैटर्न के तहत AAP कार्यकर्ताओं को सड़क पर स्कूटर या मोटरसाइकिल से पीछे से आए कुछ गुंडे रोकते हैं और उनसे मारपीट व गाली-गलौज करते हैं। इसके तुरंत बाद वे गुंडे क्राइम ब्रांच को फोन करते हैं और क्राइम ब्रांच के अधिकारी महज दो मिनट में मौके पर पहुंच जाते हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि क्राइम ब्रांच बिना किसी पूछताछ के एकतरफा कार्रवाई करती है: हमला करने वाले गुंडों को छोड़ दिया जाता है और AAP कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया जाता है। इसके बाद उन पर धारा 307 यानी हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धारा लगाकर जेल भेज दिया जाता है। केजरीवाल ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे क्राइम ब्रांच वाले आसपास ही उन गुंडों के फोन का इंतजार कर रहे हों।
तीन ठोस मामलों ने खोली गुजरात पुलिस की पोल
केजरीवाल ने अपने पत्र में पिछले 48 घंटों में हुए तीन ठोस मामलों का हवाला देकर अपने आरोपों को मजबूत किया है:
खंभालिया: 31 मार्च 2026 को AAP कार्यकर्ता दीपक सिंह दोपहर करीब 3 बजे घर जा रहे थे। तभी बाइक से आए दो लोगों ने उन्हें ओवरटेक करके मारपीट की। जब दीपक सिंह शिकायत दर्ज कराने खंभालिया पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हीं पर केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पोरबंदर: 30-31 मार्च 2026 को AAP कार्यकर्ता पवन और जगदीश अपने काम से जा रहे थे। तभी एक स्कूटी सवार ने जानबूझकर उनकी गाड़ी के आगे स्कूटी लगाकर मारपीट की। पुलिस ने बिना जांच के पवन और जगदीश पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) लगा दी। दोनों अभी गिरफ्तार हैं और जेल में हैं।
जामनगर: 31 मार्च 2026 को AAP कार्यकर्ता नवीन काकरान, मुन्ना कुमार, आलोक सिंह, पुनीतराज और प्रियव्रत की गाड़ी को एक स्कूटी सवार ने टच किया। उसने आलोक सिंह से बहस की और धक्का दिया। लेकिन पुलिस ने पीड़ितों पर ही धारा 307 का केस दर्ज कर दिया। तीनों मामलों में एक जैसा पैटर्न साफ दिखता है, जो इस ओर इशारा करता है कि यह सब पूर्व नियोजित साजिश के तहत हो रहा है।
धमकी, दबाव और गुजरात छोड़ने का अल्टीमेटम
AAP Gujarat Workers Arrest का दायरा सिर्फ गिरफ्तारियों तक ही सीमित नहीं है। केजरीवाल ने पत्र में लिखा कि आम आदमी पार्टी के सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं के घर पुलिस जाकर खुलेआम धमकी दे रही है। उन्हें गुजरात छोड़ने के लिए कहा जा रहा है और न मानने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है। उनके परिवारों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है और विभिन्न तरीकों से डराने-धमकाने की कोशिश हो रही है।
केजरीवाल का आरोप है कि गुजरात में AAP को जड़ से खत्म करने की यह साजिश सबसे ऊपर के स्तर पर रची गई है। उनके मुताबिक खबरें यह भी आ रही हैं कि अगले कुछ दिनों में 10 हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की योजना तैयार है, ताकि स्थानीय निकाय चुनाव में AAP कोई उम्मीदवार ही न उतार पाए और भाजपा एकतरफा चुनाव जीत ले।
क्या विपक्ष को जेल में डालकर चुनाव जीतना लोकतंत्र है?
केजरीवाल ने अपने पत्र में भाजपा पर सवालों की बौछार करते हुए कहा कि क्या इस तरह से भाजपा गुजरात में चुनाव जीतना चाहती है? उनके शब्दों में यह लोकतंत्र के लिए भद्दा मजाक है। अगर विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल में डालकर ही चुनाव जीतना है, तो फिर चुनाव कराने की जरूरत ही क्या है?
उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां AAP की सरकार है। अगर वे चाहें तो पंजाब में भी भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसी तरह झूठे केस में जेल भेज सकते हैं, लेकिन वे ऐसा कभी नहीं करेंगे क्योंकि वे संविधान में विश्वास रखते हैं और गुंडागर्दी नहीं करते। केजरीवाल ने कहा कि AAP ने पंजाब में अपने अच्छे कामों से लोगों का दिल जीता है और पार्टी हमेशा अपने कामों के बल पर ही चुनाव लड़ती है। उन्होंने तंज कसा कि भाजपा को यह दमन इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि उसने गुजरात में कोई अच्छा काम नहीं किया है और जनता को दिखाने के लिए उनके पास कुछ भी नहीं है।
6 करोड़ जनता को जेल में डालोगे? केजरीवाल की खुली चुनौती
अपने पत्र के अंत में केजरीवाल ने भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि गुजरात की जनता सब कुछ देख रही है। वह भाजपा की तानाशाही से न तो डरेगी और न ही दबेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि आप कितने लोगों को जेल में डालोगे? क्या गुजरात की पूरी 6 करोड़ जनता को जेल में डाल सकते हो?
केजरीवाल ने कहा कि आज आम आदमी पार्टी की सोच गुजरात के हर घर में पहुंच चुकी है और भाजपा जितना इसे दबाने की कोशिश करेगी, यह सोच उतनी ही तेजी से फैलेगी। उन्होंने कहा कि वे और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान गुजरात के AAP नेताओं के साथ मिलकर CM भूपेंद्र पटेल से मिलना चाहते हैं और उम्मीद है कि जल्द से जल्द मिलने का समय दिया जाएगा।
चुनाव से पहले का यह दमन क्या संकेत दे रहा है?
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी बात यह है कि ये सभी गिरफ्तारियां ठीक स्थानीय निकाय चुनावों से पहले हो रही हैं। जब कोई सत्तारूढ़ पार्टी चुनाव से ठीक पहले विपक्षी कार्यकर्ताओं को धारा 307 जैसी गंभीर धाराओं में गिरफ्तार करती है, तो यह स्वाभाविक रूप से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। तीन अलग-अलग शहरों: खंभालिया, पोरबंदर और जामनगर में एक ही तरह का पैटर्न दिखना, जहां पहले बाइक या स्कूटी सवार उकसाते हैं, फिर तुरंत क्राइम ब्रांच पहुंचती है और पीड़ित पर ही केस दर्ज हो जाता है: यह किसी भी निष्पक्ष नजरिए से गंभीर चिंता का विषय है। अगर केजरीवाल के आरोप सच हैं तो यह गुजरात में लोकतंत्र की जड़ों पर सीधा हमला है। और अगर ये आरोप बेबुनियाद हैं, तो गुजरात सरकार को भी अपना पक्ष रखकर इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल जी को मैंने पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है।
गुजरात में पंचायत और नगर पालिका चुनावों के पहले अवैध रूप से बहुत बड़े स्तर पर हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। 160 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है और अभी दस… pic.twitter.com/ieXswYN6hs
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 2, 2026
मुख्य बातें (Key Points)
- अरविंद केजरीवाल ने गुजरात CM भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा, AAP कार्यकर्ताओं की अवैध गिरफ्तारी पर भड़के।
- गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले AAP के 160 से अधिक कार्यकर्ता गिरफ्तार, 10 हजार और को गिरफ्तार करने की योजना का आरोप।
- AAP गुजरात अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी को भी 1 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया, देर रात छोड़ा गया।
- खंभालिया, पोरबंदर और जामनगर में एक जैसे पैटर्न से गिरफ्तारियां: पहले गुंडों द्वारा हमला, फिर पीड़ित AAP कार्यकर्ताओं पर धारा 307 का केस।
- केजरीवाल और पंजाब CM भगवंत सिंह मान ने भूपेंद्र पटेल से मिलने की मांग की।













