Punjab Law and Order को लेकर शिरोमणी अकाली दल के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने 31 मार्च को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार पर जबरदस्त हमला बोला है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाब में कतल, गोलीबारी, गैंगस्टरवाद और फिरौतीखोरी से जंगलराज जैसे हालात बने हुए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री मान “नीरो” की तरह दूसरे राज्यों में जाकर बांसुरी बजा रहे हैं और उनके दिल्ली वाले आका अरविंद केजरीवाल पंजाब के सरकारी हेलीकॉप्टर पर बैठकर मौज कर रहे हैं।
“पंजाब जल रहा, CM मान नीरो की तरह बजा रहे बांसुरी”: मजीठिया
बिक्रम सिंह मजीठिया ने Punjab Law and Order की स्थिति पर बेहद तीखा हमला करते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब जल रहा है। रोज कतल हो रहे हैं, गोलीबारी हो रही है, गैंगस्टर बेखौफ घूम रहे हैं, फिरौतीखोरी आम बात हो गई है और सत्ताधारी पार्टी के मंत्रियों की गुंडागर्दी ने हद पार कर दी है, लेकिन मुख्यमंत्री मान दूसरे राज्यों में जाकर अपनी झूठी उपलब्धियों के कसीदे पढ़ रहे हैं।
मजीठिया ने कहा कि Punjab Law and Order की बखिया उधड़ चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री को अपने आका केजरीवाल के साथ हेलीकॉप्टर से पंजाब “रंगला” नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात में जाकर अपनी सरकार की कारगुजारी के झूठे कसीदे पढ़ने वाले मुख्यमंत्री मान और केजरीवाल को “विश्व के सबसे बड़े गप्पियों” का अवॉर्ड मिलना चाहिए।
“पंजाब में कोई सुरक्षित नहीं”: पुलिस, नेता, व्यापारी, डॉक्टर सब खतरे में
Punjab Law and Order पर सवाल उठाते हुए मजीठिया ने कहा कि आज पंजाब में न पुलिस सुरक्षित है, न राजनीतिक नेता, न व्यापारी, न डॉक्टर, न कारोबारी और न ही आम लोग। किसी को भी कभी भी फिरौती के लिए धमकी भरी कॉल आ जाती है, लेकिन मुख्यमंत्री मान मीडिया खरीदकर और पंजाब के खजाने से नकली इश्तिहारबाजी करके लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सूबे को अग्नि में झोंककर मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पंजाब को सबसे अधिक सुरक्षित राज्य बताकर अपनी पीठ थपथपाना बेहद शर्मनाक है।
इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हमला, थानों-चौकियों में पुलिसकर्मियों का कतल
Punjab Law and Order की दुर्दशा का ब्यौरा देते हुए मजीठिया ने कहा कि पंजाब के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर RPG से हमला हो जाता है, थानों पर हमले हो रहे हैं, पुलिस चौकियों में पुलिसकर्मियों के कतल हो रहे हैं, लेकिन “AC कमरे में कुर्सी से चिपके कच्चे DGP” को कुछ भी नजर नहीं आ रहा। उन्होंने DGP पर आरोप लगाया कि वे अपने आलीशान दफ्तर में बैठकर पुलिस का सियासीकरण कर रहे हैं और अपने राजनीतिक आकाओं की आवभगत में लगे हुए हैं।
25 जनवरी को नाभा में कांस्टेबल अमनदीप सिंह का किरचों से मारकर कतल हो गया। फरवरी में गुरदासपुर की पुलिस चौकी में दो पुलिस मुलाजिमों की हत्या कर दी गई। लोगों की रक्षा करने वाली पुलिस खुद सुरक्षित नहीं रह पाई, यह Punjab Law and Order की सबसे बड़ी विफलता है।
जनवरी से मार्च 2026: तीन महीनों में खूनी वारदातों का सिलसिला
मजीठिया ने साल 2026 के पहले तीन महीनों में हुई अपराधिक वारदातों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए बताया कि Punjab Law and Order का हाल कितना भयावह है।
जनवरी महीने की शुरुआत ही खूनी घटनाओं से हुई। अमृतसर के पास एक विवाह समारोह के दौरान AAP के सरपंच जरमल सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबेरॉय को गुरुद्वारे के बाहर गोलियां मारकर मार दिया गया। मोहाली में कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया का दिनदहाड़े कतल हुआ। मजीठिया ने बताया कि जनवरी के सिर्फ पहले हफ्ते में ही 9 कतल हुए, जिसने सूबे की कानून व्यवस्था से पर्दा उठा दिया।
फरवरी में मानसा के सरदूलगढ़ में प्रॉपर्टी डीलर जसवीर कुमार काका और उनके कर्मचारी बलदेव कुमार को फार्महाउस पर गोली मारकर कतल कर दिया गया। पटियाला में 60 वर्षीय बलजीत कौर की सरेआम हत्या कर दी गई। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में व्यापारियों को धमकियां और फायरिंग के मामले सामने आए।
मार्च में आतंकी मॉड्यूल से लेकर मंत्री की गुंडागर्दी तक
मार्च महीने में Punjab Law and Order की स्थिति और भी संवेदनशील हो गई। मलेरकोटला में सुरक्षा एजेंसियों ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी मॉड्यूल को बेनकाब किया, लेकिन मजीठिया ने आरोप लगाया कि DGP अपने आलीशान दफ्तर में बैठकर पुलिस का सियासीकरण करते रहे।
इसी महीने AAP के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर भी गंभीर आरोप लगे। मजीठिया ने आरोप लगाया कि मंत्री ने पंजाब वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा को पैसे और टेंडर के लालच में ऐसी वधीकियां कीं कि उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। Punjab Law and Order पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब सत्ताधारी पार्टी के मंत्री ही गुंडागर्दी करेंगे तो आम लोगों का क्या होगा।
तरनतारन: AAP के अपने नेता भी नहीं सुरक्षित
मजीठिया ने बताया कि AAP के सत्ता में आने के बाद अकेले तरनतारन जिले में ही सत्ताधारी पार्टी के कई नेताओं को मौत के घाट उतार दिया गया। 14 जनवरी 2023 को तरनतारन के तत्कालीन विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के करीबी और झबाल के सरपंच अवन कुमार सोनू चीमा की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। 1 मार्च 2024 को विधानसभा हलका खडूर साहिब के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के करीबी AAP वालंटियर गुरप्रीत सिंह गोपी चोहला को फतेहाबाद के पास मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोलियां मारकर कतल कर दिया।
13 सितंबर 2024 को कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के करीबी AAP वालंटियर बचित्तर सिंह की भी मोटरसाइकिल सवार शूटरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी। पंचायती चुनावों के दौरान पट्टी के पिंड तलवंडी मोहर सिंह की महिला सरपंच राजविंदर कौर को निर्विरोध चुनाव जिताने वाले AAP वालंटियर राजविंदर सिंह उर्फ राजू संधू का BDPO दफ्तर से वापस आते समय बेरहमी से कतल कर दिया गया। 18 नवंबर को तरनतारन के पिंड लालूघुम्मण के 74 वर्षीय निर्विरोध सरपंच प्रताप सिंह की मोटरसाइकिल सवार शूटरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी।
AAP नेता के घर 23 फायर, गैंगस्टर बोला: न पुलिस बचाएगी, न CM, न DGP
Punjab Law and Order की हालत कितनी नाजुक हो चुकी है, इसका एक और उदाहरण देते हुए मजीठिया ने बताया कि फगवाड़ा के पास पिंड दरवेश में AAP नेता दलजीत राजू के घर के आगे रात को 23 फायर किए गए। इसके बाद गैंगस्टरों ने फोन पर जान से मारने की धमकी देते हुए सीधा कहा कि उसे न पुलिस बचा सकती है, न मुख्यमंत्री और न ही पंजाब का DGP। मजीठिया ने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि गैंगस्टरों में किसी का भी डर नहीं रहा।
गणतंत्र दिवस पर रेलवे ट्रैक पर धमाका, थाने पर बम, CM के आने से पहले फायरिंग
Punjab Law and Order पर सवाल उठाते हुए मजीठिया ने कई और चौंकाने वाली घटनाओं का जिक्र किया। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर धमाके की घटना ने सरकार और पुलिस के दावों की फूंक निकाल दी। हालांकि जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने सूबे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
राजासांसी के पिंड भिंडी सैदां के थाने में भी रात को धमाका हुआ, जहां 2 मोटरसाइकिल सवार अज्ञात व्यक्तियों ने थाने पर हमला किया, लेकिन पुलिस ने हमेशा की तरह पल्ला झाड़ लिया। 12 जनवरी को फगवाड़ा में मशहूर एस. सुधीर स्वीट्स की दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग हुई और हैरानी की बात यह है कि उसी दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान शहर में आने वाले थे। मजीठिया ने सवाल किया कि जहां मुख्यमंत्री को खुद आना है, वहां सुरक्षा के ये हाल हैं तो बाकी इलाकों में क्या होगा।
6 महीने में 61 कतल, 14 फिरौती, 13 लूट: आंकड़ों की भयावह तस्वीर
मजीठिया ने Punjab Law and Order की विफलता को आंकड़ों से साबित करते हुए बताया कि पिछले साल के आखिरी छह महीनों में 5 दर्जन से भी अधिक बड़ी अपराधिक वारदातों से पंजाब सहमा रहा। मोहाली, अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे महानगरों को भी इन वारदातों ने हिलाकर रख दिया।
इन छह महीनों में तकरीबन 61 कतल की वारदातें सामने आईं, बड़ी फिरौतीखोरी के 14 मामले हुए, 13 बड़ी लूटें हुईं और गोलीबारी की 6 बड़ी घटनाएं घटीं। लेकिन मुख्यमंत्री मान और DGP आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे रहे।
लॉटरी जीतने वाला भी गैंगस्टरों के डर से छोड़ गया पंजाब
Punjab Law and Order की नाजुक स्थिति का एक और हैरान कर देने वाला उदाहरण देते हुए मजीठिया ने बताया कि फरीदकोट जिले के पिंड सैदोके में 1.5 करोड़ रुपये की लॉटरी जीतने वाले राम सिंह ने अपना घर बंद कर दिया, फोन बंद कर दिए और चुपचाप किसी अज्ञात जगह पर चले गए। उनके परिवार में इस बात की दहशत थी कि कहीं वे लुटेरों या फिरौतीखोरों का निशाना न बन जाएं। मजीठिया ने कहा कि जब लॉटरी जीतने वाला व्यक्ति भी पंजाब छोड़कर भाग रहा है, तो इससे बड़ी शर्मनाक बात और क्या हो सकती है।
झूठे मुकाबले में सिख नौजवान की हत्या: CBI जांच की मांग दोहराई
Punjab Law and Order के मामले में सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए मजीठिया ने कहा कि गुरदासपुर की चौकी में दो पुलिस मुलाजिमों के कतल के बाद अपनी नालायकी पर पर्दा डालने के लिए DGP और कुछ बड़े पुलिस अधिकारियों ने सरकार की शह पर एक बेदोष सिख नौजवान रणजीत सिंह की नस्लकुशी की साजिश रचकर झूठा मुकाबला कर दिया, लेकिन सरकार चुप रही। मजीठिया ने इस मामले में CBI जांच की मांग दोहराई।
साल 2025 में कतल की वारदातों की लंबी फेहरिस्त
मजीठिया ने Punjab Law and Order की विफलता को रेखांकित करते हुए साल 2025 में हुई दर्जनों कतल की वारदातों का विस्तृत ब्यौरा दिया। 7 जुलाई को मालवा के प्रसिद्ध कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा की उनके स्टोर के बाहर दिनदहाड़े गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। 2 अगस्त को पटियाला के सनौर में एक महिला का गला काटकर हत्या हुई। 8 अगस्त को अमृतसर के अजनाला में मेडिकल स्टोर मालिक तरनजीत सिंह की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई।
9 सितंबर को हुशियारपुर में एक साल के मासूम बच्चे को अगवा करके कतल कर दिया गया और लाश शमशानघाट में फेंक दी गई। 15 दिसंबर को मोहाली के सोहाना में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान प्रसिद्ध कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। 19 अक्टूबर को मानसा के पिंड मूसा में एक नौजवान गगनदीप सिंह की कुल्हाड़ी से दोनों टांगें काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई।
17 नवंबर को बाबा बकाला के पास पिंड ढुलके में 50 लाख की फिरौती न देने पर किराने की दुकान के मालिक की छाती में गोली मारकर हत्या कर दी गई। 8 दिसंबर को फाजिल्का के पिंड भंगाला में बेटी के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर मजदूर पिता बलकार सिंह की हत्या कर दी गई। ये कुछ गिनी-चुनी वारदातें हैं जो Punjab Law and Order की बदहाली की कहानी खुद बयान करती हैं।
लूट की वारदातों ने भी तोड़े सारे रिकॉर्ड
Punjab Law and Order की एक और भयावह तस्वीर लूट की वारदातों से सामने आती है। मजीठिया ने बताया कि 30 अक्टूबर को जालंधर में विजय ज्वैलर्स की दुकान से पांच लुटेरे 2 लाख रुपये नकदी और लाखों के गहने लूटकर ले गए। 27 दिसंबर को फगवाड़ा के पास SBI के ATM से 29 लाख रुपये लुट गए। लुधियाना के जोधेवाल में तो चोर एक्सिस बैंक का पूरा ATM ही चोरी करके ले गए।
9 जनवरी को अमृतसर में कार में सवार होकर आए कुछ लोगों ने गहनों के शोरूम के मालिक पर तलवारों से हमला करके आधा किलो सोना लूट लिया। 12 जनवरी को लुधियाना में एक नौजवान से 30,000 कनाडियन डॉलर (करीब 19 लाख रुपये) छीनकर भाग गए। 17 जनवरी को जीरकपुर में दिनदहाड़े SBI मैनेजर से पिस्तौल दिखाकर 4 लाख रुपये के सोने के गहने लूट लिए गए। लुधियाना में तो एक गैस एजेंसी के मुलाजिमों के साथ एक महीने में ही पांचवीं बार लूट हो गई।
“4 साल की वारदातें 40 हजार पन्नों की किताब में भी नहीं समा सकतीं”
Punjab Law and Order पर अपने हमले को और तीखा करते हुए बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि ऊपर बताई गई घटनाओं के अलावा हजारों ऐसी वारदातें हैं जो पिछले चार साल के दौरान आम आदमी पार्टी के “जंगलराज” में हुई हैं। अगर उन सबका जिक्र किया जाए तो 40 हजार पन्नों की किताब में भी उनका वर्णन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सूबे में न पुलिस सुरक्षित है, न नेता, न व्यापारी, न डॉक्टर और न ही आम आदमी, और इसके लिए पूरी तरह मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके “कच्चे DGP” जिम्मेदार हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- बिक्रम सिंह मजीठिया ने Punjab Law and Order पर CM भगवंत मान को “नीरो” बताया, कहा पंजाब जल रहा है लेकिन मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में बांसुरी बजा रहे हैं।
- पिछले 6 महीनों में 61 कतल, 14 फिरौती, 13 बड़ी लूट और 6 गोलीबारी की बड़ी घटनाएं हुईं, जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में ही 9 कतल हुए।
- AAP के अपने नेताओं, सरपंचों और वालंटियरों की भी हत्याएं हुईं, गैंगस्टरों ने खुलेआम कहा कि “न पुलिस बचाएगी, न CM, न DGP”।
- मजीठिया ने गुरदासपुर में सिख नौजवान रणजीत सिंह के कथित फर्जी मुकाबले की
CBI जांच की मांग दोहराई और DGP को “कच्चा DGP” बताते हुए कुर्सी छोड़ने की मांग की।








