Punjab Vigilance Bureau ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए लुधियाना की पुलिस चौकी किचलू नगर, थाना पीएयू में इंचार्ज के रूप में तैनात सहायक उप निरीक्षक (ASI) लखविंदर सिंह को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शनिवार (29 मार्च) को हुई इस गिरफ्तारी में दो सरकारी गवाह भी मौजूद थे और आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
मां और बहन को न फंसाने के बदले मांगी थी 30,000 रुपये की रिश्वत
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता ने इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई लुधियाना के बैंक कॉलोनी, नूरवाला रोड के एक निवासी की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता के खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज था, जिसकी जांच का जिम्मा एएसआई लखविंदर सिंह को सौंपा गया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी एएसआई ने उसकी बहन और मां को इस मामले में फंसाने की धमकी दी और उन्हें बचाने के बदले 30,000 रुपये रिश्वत की मांग रखी। रिश्वतखोर एएसआई को शायद अंदाजा भी नहीं था कि शिकायतकर्ता रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत को अपने फोन में रिकॉर्ड कर रहा था। यही रिकॉर्डिंग बाद में आरोपी के खिलाफ सबसे मजबूत सबूत बनकर सामने आई।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से किया इनकार, सीधा पहुंचा Vigilance Bureau
शिकायतकर्ता ने अवैध रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया और बिना देर किए Punjab Vigilance Bureau की रेंज लुधियाना में जाकर शिकायत दर्ज कराई। विजिलेंस ब्यूरो ने पहले शिकायत की प्रारंभिक जांच की और जब शिकायत सही पाई गई तो तुरंत कार्रवाई की रणनीति बनाई गई।
विजिलेंस टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को पहले से तय योजना के अनुसार आरोपी एएसआई से मिलने भेजा गया। जैसे ही एएसआई लखविंदर सिंह ने शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की पहली किस्त रिश्वत के तौर पर स्वीकार की, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के पास कोई सफाई नहीं बची और वह मौके पर ही दबोच लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी एएसआई लखविंदर सिंह के विरुद्ध विजिलेंस ब्यूरो थाना लुधियाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। Punjab Vigilance Bureau ने स्पष्ट किया है कि आगे की जांच पूरी तेजी से जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी एएसआई ने पहले भी किसी अन्य मामले में इस तरह की रिश्वत की मांग की थी या नहीं।
वर्दी का अपमान करने वालों पर कैसे कस रहा है शिकंजा
पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ Punjab Vigilance Bureau लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने का स्पष्ट संदेश दिया है और विजिलेंस ब्यूरो को इस दिशा में पूरी छूट दी गई है। एएसआई लखविंदर सिंह जैसे मामले यह दर्शाते हैं कि भ्रष्ट अधिकारी चाहे किसी भी स्तर पर हों, उनके लिए बचना अब आसान नहीं रहा।
यह मामला आम लोगों के लिए एक सकारात्मक संदेश भी लेकर आता है। शिकायतकर्ता ने जिस हिम्मत से रिश्वत देने से मना किया, बातचीत रिकॉर्ड की और सीधे विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई, वह दूसरे नागरिकों के लिए भी प्रेरणा का काम करता है। अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत की मांग करता है तो लोग बिना डरे विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क कर सकते हैं और उनकी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाती है।
दूसरी तरफ यह घटना इस कड़वी सच्चाई को भी उजागर करती है कि कुछ पुलिसकर्मी उसी जनता से रिश्वत वसूल रहे हैं जिनकी रक्षा करने की जिम्मेदारी उन पर है। एक मां और बहन को मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश यह बताती है कि भ्रष्टाचार का यह खेल कमजोर और असहाय लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर खेला जाता है। ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई ही वर्दी की गरिमा को बचा सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Vigilance Bureau ने लुधियाना की पुलिस चौकी किचलू नगर के इंचार्ज एएसआई लखविंदर सिंह को 15,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
- आरोपी एएसआई ने शिकायतकर्ता की मां और बहन को मामले में न फंसाने के बदले 30,000 रुपये रिश्वत मांगी थी, शिकायतकर्ता ने बातचीत रिकॉर्ड कर ली।
- दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज।
- शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर विजिलेंस ब्यूरो रेंज लुधियाना में शिकायत दर्ज कराई, आगे की जांच जारी है।








