All Party Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मध्य पूर्व में ईरान पर छिड़े युद्ध के बीच केंद्र सरकार ने आज शाम 5 बजे संसद भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। गृह मंत्री अमित शाह इस अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में सत्ताधारी बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के साथ-साथ कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं को बुलाया गया है। हालांकि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने साफ कह दिया है कि वह इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि उनका केरल में कार्यक्रम पहले से तय है।
ईरान युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा, भारत की चिंता बढ़ी
ईरान में छिड़ा युद्ध कई हफ्ते बीत जाने के बाद भी थमता नजर नहीं आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही ईरान के कुछ ठिकानों पर हमले रोकने की बात कही हो, लेकिन जमीनी हालात अभी भी तनाव से भरे हुए हैं। दोनों ओर से हमले जारी हैं और इस पूरे संकट का सीधा असर भारत की चिंताओं पर भी पड़ रहा है।
मध्य पूर्व में जारी इस युद्ध से न सिर्फ वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हो रहा है, बल्कि इस क्षेत्र में रहने वाले लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने All Party Meeting बुलाकर सभी दलों को एक मंच पर लाने का फैसला किया है।
PM मोदी ने राज्यसभा में की एकजुटता की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले संसद के दोनों सदनों में बयान दिया था। राज्यसभा में उन्होंने इस संकट से निपटने के लिए एकजुट प्रयास की अपील की थी। आज की सर्वदलीय बैठक को प्रधानमंत्री की इसी अपील की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि आने वाले समय में यह संकट देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है और इस परीक्षा में सफलता के लिए राज्यों का सहयोग बहुत आवश्यक है। उन्होंने उपद्रवी तत्वों को संकट का फायदा उठाने के खिलाफ चेतावनी देते हुए जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया। साथ ही आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति को प्राथमिकता में रखने की बात भी कही।
बैठक में कौन-कौन रहेंगे मौजूद
आज शाम 5 बजे होने वाली इस All Party Meeting में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहेंगे। गृह मंत्री अमित शाह के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर के भी इसमें मौजूद रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू समेत कई वरिष्ठ मंत्री भी बैठक का हिस्सा बनेंगे।
सत्ता पक्ष की तरफ से बीजेपी और उसके एनडीए सहयोगी दलों के नेता शामिल होंगे, जबकि विपक्ष की ओर से कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। यह बैठक विपक्ष की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद बुलाई गई है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाती है।
राहुल गांधी ने क्यों किया बैठक से किनारा
इस अहम All Party Meeting से राहुल गांधी का गैरहाजिर रहना सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि वह इस सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि उनका केरल में कार्यक्रम पहले से तय है।
हालांकि कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता इस बैठक में शामिल हो सकते हैं, लेकिन विपक्ष के सबसे बड़े नेता की अनुपस्थिति इस बैठक की गंभीरता पर सवाल उठा सकती है। जब देश एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट से जूझ रहा हो, ऐसे समय में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के शीर्ष नेता का बैठक से दूर रहना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय जरूर बनेगा।
बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा
आज की सर्वदलीय बैठक में मध्य पूर्व युद्ध से उत्पन्न संकट के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसमें युद्ध से भारत पर पड़ रहे प्रभाव, वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।
सरकार की ओर से विपक्ष के सुझावों को शामिल करते हुए एकजुट प्रयास की रूपरेखा बनाने की कोशिश की जाएगी। सभी दलों से संकट से निपटने के लिए सुझाव भी मांगे जाएंगे ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एक साझा रणनीति तैयार की जा सके।
कोरोना जैसी एकजुटता की कोशिश दोहराना चाहती है सरकार
यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने किसी बड़े संकट के दौरान सर्वदलीय बैठक का सहारा लिया हो। कोरोना महामारी के दौरान भी इसी तरह एकजुटता बनाने की कोशिश की गई थी। उस समय पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक करके सभी दलों को साथ लेने की कोशिश की थी और खुद मुख्यमंत्रियों के साथ लगातार बैठकें करके महामारी से निपटने के सामूहिक प्रयासों की समीक्षा की थी।
अब इस नए संकट से निपटने के लिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट की तरह राज्यों से सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। आम आदमी के लिए यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें ईंधन की कीमतों, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और जमाखोरी-कालाबाजारी जैसे मुद्दों पर ठोस फैसले लिए जा सकते हैं, जिनका सीधा असर हर घर की रसोई और बजट पर पड़ेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- केंद्र सरकार ने मध्य पूर्व युद्ध के बीच शाम 5 बजे संसद भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अध्यक्षता।
- विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू समेत कई वरिष्ठ मंत्री रहेंगे मौजूद।
- लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केरल में पहले से तय कार्यक्रम का हवाला देते हुए बैठक में शामिल न होने की बात कही।
- PM मोदी ने राज्यसभा में एकजुटता की अपील करते हुए जमाखोरी-कालाबाजारी पर त्वरित कार्रवाई और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति का आग्रह किया।








