LIVE | ...
मंगलवार, 28 जुलाई 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Harish Rana Last Rites: 13 साल कोमा में रहे हरीश को फूलों से सजी चिता पर दी अंतिम विदाई

Harish Rana Last Rites: 13 साल कोमा में रहे हरीश को फूलों से सजी चिता पर दी अंतिम विदाई

सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु की मंजूरी के बाद AIIMS में हुई मृत्यु, ग्रीन पार्क श्मशान घाट पर सनातनी पद्धति से किया गया अंतिम संस्कार, छोटे भाई आशीष ने दी मुखाग्नि

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 25 मार्च 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, लाइफस्टाइल
A A
0
Harish Rana Last Rites
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Harish Rana Last Rites की खबर ने आज पूरे देश को भावुक कर दिया है। गाजियाबाद के हरीश राणा, जो पिछले 13 सालों से कोमा में थे, उनका 25 मार्च को दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को एक ऐतिहासिक फैसले में हरीश के लिए इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) की मंजूरी दी थी, जिसके बाद 14 मार्च को उन्हें AIIMS दिल्ली में भर्ती कराया गया था। 24 मार्च को शाम 4:10 बजे AIIMS के डॉक्टरों ने हरीश को मृत घोषित कर दिया और अगले दिन सुबह उनकी अंतिम विदाई हुई।

कैसे शुरू हुई Harish Rana की 13 साल की पीड़ा

साल 2013 में हरीश राणा पंजाब में बीटेक की पढ़ाई करने गए थे। वहां एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में वे चौथी मंजिल की बालकनी से गिर गए। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हरीश कोमा में चले गए।

उसके बाद जो सिलसिला शुरू हुआ, वह 13 लंबे सालों तक चला। हरीश का दिमाग तो काम कर रहा था, लेकिन उनका शरीर पूरी तरह से बेजान हो चुका था। पाइप के जरिए उनके शरीर को जिंदा रखने के लिए प्रोटीन और जरूरी डोज दिए जाते थे। यह दर्द सिर्फ हरीश का नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार: माता-पिता, भाई-बहन, सभी का था।

पिता अशोक राणा ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार

13 सालों तक हरीश के परिवार ने उनकी सेहत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन जब उन्हें यह समझ आया कि परिवार की पीड़ा से कहीं ज्यादा हरीश की अपनी पीड़ा है, तो उनके पिता अशोक राणा ने एक बेहद कठिन फैसला लिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हरीश की इच्छा मृत्यु के लिए अपील दायर की।

मानवता के नाते सुप्रीम कोर्ट ने हरीश के केस का गहन अध्ययन किया। 11 मार्च को कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया कि हरीश की जो हालत है, वे इच्छा मृत्यु के हकदार हैं। कोर्ट ने कहा कि जो पीड़ा हरीश सह रहे हैं, उससे उन्हें निजात मिलनी चाहिए। भारत में किसी कोर्ट द्वारा इच्छा मृत्यु के लिए दिया गया यह पहला और सबसे अहम फैसला माना जा रहा है।

AIIMS में 10 दिनों तक चली Passive Euthanasia की प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 14 मार्च को हरीश को AIIMS अस्पताल में लाया गया। डॉक्टरों ने बेहद संवेदनशीलता के साथ उनके शरीर से जुड़े इंसुलिन और लाइफ सपोर्ट सिस्टम को धीरे-धीरे हटाना शुरू किया। पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी प्राथमिकता यही थी कि हरीश को किसी भी तरह के दर्द का एहसास न हो।

कोर्ट ने इस बात का विशेष ध्यान रखा था कि भले ही हरीश का शरीर बेजान है, लेकिन उनके अंदर जान थी और मानवता के नाते उन्हें कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। AIIMS के डॉक्टरों ने इसका पूरा ख्याल रखा। 14 मार्च से लेकर 10 दिनों तक यह प्रक्रिया चलती रही और आखिरकार 24 मार्च को शाम 4:10 बजे AIIMS के डॉक्टरों ने हरीश को मृत घोषित कर दिया।

जाते-जाते भी कई जिंदगियां बचा गए हरीश: Organ Donation की मिसाल

हरीश और उनके परिवार की इच्छा थी कि मृत्यु के बाद उनके शरीर का अंगदान किया जाए। परिवार ने इस इच्छा को पूरा किया और हरीश के अंगों का दान कर दिया गया। इस तरह हरीश जाते-जाते भी कई लोगों की जिंदगी बचा गए। जिनकी जानें खतरे में थीं, उन्हें हरीश के अंगदान से नई जिंदगी मिली। यह बात इस पूरी कहानी को और भी मार्मिक और प्रेरणादायक बना देती है।

ग्रीन पार्क श्मशान घाट पर भावुक माहौल में हुआ Harish Rana Last Rites

25 मार्च को सुबह 9 बजे का समय अंतिम संस्कार के लिए तय किया गया था। AIIMS अस्पताल से एंबुलेंस में हरीश के शव को ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया, जो AIIMS के पास ही स्थित है।

श्मशान घाट पर सबसे पहले हरीश के शव को विश्राम स्थल पर रखा गया। वहां परिजनों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और करीबियों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। सभी की आंखें नम थीं। एक छोटा बच्चा भी किसी की गोद में था जो बार-बार रो रहा था और चिल्ला रहा था। माहौल बेहद भावुक था, लेकिन सबके चेहरे पर एक राहत भी झलक रही थी कि 13 साल का वह असहनीय दर्द अब खत्म हो गया।

हरीश के पिता अशोक राणा सफेद कपड़ों में थे और मास्क लगाए हुए थे, क्योंकि वे लगातार अस्पताल में रहे थे।

फूलों की पंखुड़ियों से सजाई गई चिता: एक मुक्ति की विदाई

जब हरीश के शव को चिता के पास ले जाया गया तो वहां का नजारा बेहद खास था। चिता के चारों ओर के चबूतरे को फूलों की पंखुड़ियों से सजाया गया था। यह विदाई किसी साधारण अंतिम संस्कार जैसी नहीं, बल्कि एक मुक्ति का उत्सव थी। “राम नाम सत्य है” के मंत्रोच्चार के बीच विश्राम स्थल से चिता तक की यात्रा पूरी हुई।

हरीश का पूरा अंतिम संस्कार सनातनी पद्धति के अनुसार किया गया। उनके छोटे भाई आशीष ने मुखाग्नि दी और सारी विधि-विधान पूरे किए। सभी परिजनों ने अपने-अपने हिस्से की लकड़ी, धूप और अन्य सामग्री अर्पित की।

ब्रह्मा कुमारी की बहनों ने दिया आध्यात्मिक सहारा

इस पूरी प्रक्रिया में ब्रह्मा कुमारी समाज की बहनें भी मौजूद रहीं। ब्रह्मा कुमारी का मानना है कि आत्मा अमर होती है, बस शरीर नश्वर होता है। इससे पहले भी उनका एक वीडियो सामने आया था जिसमें वे हरीश से बात कर रहीं थीं और उन्हें समझा रहीं थीं कि शरीर खत्म होता है लेकिन आत्मा कभी नहीं मरती। उनकी उपस्थिति ने परिवार को इस कठिन समय में आध्यात्मिक सहारा दिया।

यह भी पढे़ं 👇

History

July 28 History: रोबेस्पियर की मौत से WWI की शुरुआत तक, जानें 28 जुलाई के ऐतिहासिक पल

मंगलवार, 28 जुलाई 2026
IMD Red Alert

IMD Weather Alert: ओडिशा में अत्यधिक भारी बारिश का Red Alert, Deep Depression पश्चिम बंगाल तट पार करेगा

मंगलवार, 28 जुलाई 2026
Breaking News Live Updates 28 July 2026

Breaking News Live Updates 28 July 2026: Monday Live, हर बड़ी खबर सबसे पहले

मंगलवार, 28 जुलाई 2026
Zodiac

28 जुलाई 2026 राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए आज का भविष्यफल

मंगलवार, 28 जुलाई 2026
UP Congress अध्यक्ष अजय राय ने भी दी श्रद्धांजलि

अंतिम संस्कार के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय भी श्मशान घाट पहुंचे और हरीश को श्रद्धांजलि दी। चूंकि हरीश का परिवार गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में रहता है, अजय राय इस परिवार की 13 साल की पीड़ा से परिचित थे। उनकी उपस्थिति ने दिखाया कि यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदना का विषय बन चुका है।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला क्यों बदलेगा भारत की दिशा

हरीश राणा का मामला भारतीय न्यायिक इतिहास में एक मील का पत्थर बनकर उभरा है। यह पहली बार था जब सुप्रीम कोर्ट ने किसी व्यक्ति के लिए इच्छा मृत्यु की मंजूरी दी। इस फैसले ने उन तमाम परिवारों के लिए एक राह खोल दी है जो अपने किसी अपने को सालों से बेजान शरीर में तड़पते देख रहे हैं। कोर्ट ने जिस संवेदनशीलता और मानवीयता के साथ यह निर्णय लिया, उसे पूरे देश ने सराहा है।

लगभग एक-दो घंटे बाद हरीश का शव पंचतत्व में विलीन हो गया। सभी की आंखों में नमी थी, लेकिन दिलों में एक शांति भी थी कि 13 साल का वो अंतहीन दर्द अब खत्म हो गया। हरीश की आत्मा को शांति मिली और वे इस दुनिया से मुक्त हो गए।

मुख्य बातें (Key Points)
  • हरीश राणा 2013 से 13 साल तक कोमा में रहे, उनका 25 मार्च को ग्रीन पार्क श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को ऐतिहासिक फैसले में इच्छा मृत्यु की मंजूरी दी, 24 मार्च को AIIMS में उन्हें मृत घोषित किया गया।
  • हरीश के अंगदान से कई लोगों की जिंदगी बची, छोटे भाई आशीष ने सनातनी पद्धति से मुखाग्नि दी।
  • यह भारत का पहला Passive Euthanasia केस माना जा रहा है, जिसने देशभर में बहस और संवेदना दोनों को जन्म दिया।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: हरीश राणा कौन थे और उनके साथ क्या हुआ था?

हरीश राणा गाजियाबाद के रहने वाले थे जो 2013 में पंजाब में बीटेक की पढ़ाई के दौरान चौथी मंजिल की बालकनी से गिर गए थे। सिर में गंभीर चोट लगने से वे कोमा में चले गए और 13 साल तक बिस्तर पर रहे।

Q2: सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा की इच्छा मृत्यु (Euthanasia) की मंजूरी कब दी?

सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च 2025 को हरीश राणा के लिए Passive Euthanasia की मंजूरी दी। यह भारत में इच्छा मृत्यु से जुड़ा पहला ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है।

Q3: हरीश राणा का अंतिम संस्कार कहां और कब हुआ?

हरीश राणा का अंतिम संस्कार 25 मार्च 2025 को सुबह दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट पर सनातनी पद्धति के अनुसार किया गया। उनके छोटे भाई आशीष ने मुखाग्नि दी।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Breaking News 25 March 2026: देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरें, हर बड़ा अपडेट एक नज़र में

Next Post

LPG Booking New Rules: दो सिलेंडर वालों को अब 35 दिन करना होगा इंतजार, बड़ा बदलाव

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

History

July 28 History: रोबेस्पियर की मौत से WWI की शुरुआत तक, जानें 28 जुलाई के ऐतिहासिक पल

मंगलवार, 28 जुलाई 2026
IMD Red Alert

IMD Weather Alert: ओडिशा में अत्यधिक भारी बारिश का Red Alert, Deep Depression पश्चिम बंगाल तट पार करेगा

मंगलवार, 28 जुलाई 2026
Breaking News Live Updates 28 July 2026

Breaking News Live Updates 28 July 2026: Monday Live, हर बड़ी खबर सबसे पहले

मंगलवार, 28 जुलाई 2026
Zodiac

28 जुलाई 2026 राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए आज का भविष्यफल

मंगलवार, 28 जुलाई 2026
Assam Floods 2025

Assam Floods 2025: मृतकों की संख्या 68 हुई, मुख्यमंत्री ने दिया पुनर्वास का भरोसा

सोमवार, 27 जुलाई 2026
E20 Janata Party

E20 Janata Party: शुद्ध पेट्रोल की मांग तेज

सोमवार, 27 जुलाई 2026
Next Post
LPG Booking New Rules

LPG Booking New Rules: दो सिलेंडर वालों को अब 35 दिन करना होगा इंतजार, बड़ा बदलाव

Indian Railway New Rules 2026

Indian Railway New Rules 2026: टिकट कैंसिलेशन में बड़ा बदलाव, 8 घंटे पहले भी रिफंड नहीं!

ATM Rule Change

ATM Rule Change: 1 अप्रैल से बदलेंगे ATM के नियम, QR Code से निकलेगा पैसा

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।