Iran Israel War Day 11 : मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जंग अब 11वें दिन में दाखिल हो चुकी है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान का आसमान काला हो गया है तो इजराइल की इमारतें मलवे में तब्दील हो चुकी हैं। Crude Oil की कीमतें 100 डॉलर के पार निकल चुकी हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समझ नहीं आ रहा कि जंग जारी रखें या बातचीत के लिए दबाव बनाएं। वहीं देश में संसद के बजट सत्र में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर जबरदस्त बवाल मचा, NCERT ने अपनी विवादित किताब पर बिना शर्त माफी मांग ली और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किसी भी वक्त हो सकता है।
Hormuz Strait पर ईरान की खतरनाक शर्त: ट्रंप ने दी 20 गुना हमले की चेतावनी
Iran Israel War के 11वें दिन सबसे बड़ी चिंता Hormuz Strait को लेकर उठ रही है। वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक Hormuz Strait को लेकर ईरान ने एक बड़ी शर्त रख दी है। ईरान का कहना है कि कुछ देशों के जहाजों को Hormuz Strait से गुजरने दिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए उन देशों को पहले इजराइल और अमेरिका के राजदूतों को अपने देश से बाहर निकालना होगा।
यह धमकी ऐसे वक्त में आई है जब दुनिया भर में पहले से ही तेल संकट खड़ा हो चुका है। ईरान की इस धमकी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी बौखलाए नजर आ रहे हैं। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर तेहरान ने Hormuz Strait से तेल की आवाजाही रोकने की कोशिश की तो अमेरिका उस पर अब तक से 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा।
वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि अब जंग का नतीजा क्या होगा यह वो तय करेंगे और जंग कब तक चलेगी यह भी ईरान ही तय करेगा। ईरान का दावा है कि अब अमेरिका के हाथ से हालात निकल चुके हैं। गौरतलब है कि Iran Israel War अब ईरान की परमाणु ताकत की बजाय उसके तेल भंडार के खिलाफ दिखाई दे रही है। जिस तरह इजराइल ईरान के तेल डिपो को निशाना बना रहा है, उसी तरह जवाब में ईरान भी खाड़ी देशों में मौजूद ऑयल रिफाइनरीज को निशाना बना रहा है।
खाड़ी देशों में ईरानी हमलों का खौफ, EU पर फूटा ईरान का गुस्सा
Iran Israel War के बीच खाड़ी देशों में ईरानी हमलों को लेकर खौफ का माहौल बन गया है। कतर का कहना है कि उसकी प्राथमिकता ईरानी आक्रामकता से निपटना है और उसने देश में बड़े खतरे का अलर्ट जारी कर दिया है। बहरीन ने बताया कि उसने 105 मिसाइलें और 176 ड्रोन रोकी हैं जबकि तुर्की ने पेट्रियट रक्षा बलों को तैनात कर दिया है। हालांकि अजरबैजान ने ईरान की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है और टन भर खाद्य सामग्री व दवाइयां भेजी हैं।
इस बीच यूरोपीय संघ पर ईरान का गुस्सा फूट पड़ा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने EU के नेतृत्व पर अराजकता और अत्याचार के सामने चुप रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कृपया पाखंड करना बंद करें। आपने इतिहास में गलत पक्ष में खड़े होकर अपना पेशा बनाया है। कब्जे और अत्याचारों को हरी झंडी दी है।” दरअसल EU प्रमुख उर्सुला वान डेर लेयन ने कहा था कि ईरान के लोग स्वतंत्रता और गरिमा के हकदार हैं, जिस पर ईरान ने उन्हें करारा जवाब दिया है।
इस बीच ट्रंप की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात हुई है और रूस ने युद्ध विराम में मदद करने का भरोसा दिया है। गौरतलब है कि जून 2025 में भी 12 दिन की जंग के बाद Iran Israel War में सीजफायर हुआ था। अब जब यह जंग 11वें दिन में प्रवेश कर चुकी है तो युद्ध विराम की उम्मीदें फिर बलवती हो रही हैं, लेकिन मौजूदा हालात में यह जंग खत्म होती नजर नहीं आ रही।
संसद में स्पीकर बिरला पर अविश्वास प्रस्ताव: विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
मिडिल ईस्ट में Iran Israel War जारी है तो संसद में भी अविश्वास प्रस्ताव पर संग्राम छिड़ गया है। बजट सत्र के दूसरे सेशन में विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विपक्ष का आरोप है कि बिरला सदन की कार्यवाही में पक्षपात करते हैं।
इस प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 20 बार रोका-टोका गया और बार-बार रूलिंग बुक दिखाई गई। गोगोई ने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में एक आर्टिकल का हवाला दिया तो उन्हें मना किया गया, लेकिन सत्ता पक्ष के सांसदों ने भारत में बैन किताबें सदन में दिखाईं और उनसे कुछ नहीं कहा गया। उन्होंने यह भी बताया कि 9 फरवरी को शशि थरूर का बोलते वक्त माइक बंद कर दिया गया। इसके अलावा गोगोई ने महिला सांसदों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि बिरला ने पीएम मोदी के समय कहा था कि महिला सांसदों ने पीएम की चेयर घेर ली है और उनके साथ कुछ भी हो सकता था: यह बेहद शर्मनाक बात है।
प्रियंका गांधी बोलीं: राहुल 12 सालों में इनके सामने झुके नहीं
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “एक ही व्यक्ति है इस देश में जो इन 12 सालों में इनके सामने झुका नहीं है। वो नेता प्रतिपक्ष हैं, क्योंकि ये सदन में खड़े होकर बेझिझक सच बोल देते हैं। वो सच्चाई जो वो बोलते हैं, इनसे पचती ही नहीं है।”
वहीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने ओम बिरला पर निशाना साधते हुए कहा कि कथित तौर पर सिर्फ विपक्षी सांसदों को ही निलंबित किया गया और पिछले किसी भी स्पीकर ने इस तरह सिर्फ विपक्षी सदस्यों को निशाना नहीं बनाया। इन हमलों के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार किया कि जब सेशन चलता है तो राहुल विदेश चले जाते हैं। पूरी बहस के दौरान संसद का माहौल गर्म रहा।
बंगाल चुनाव की तैयारी तेज: 80,000 से ज्यादा बूथ, तारीखों का ऐलान जल्द
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल का दौरा पूरा कर लिया है। 10 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने हिंसा मुक्त चुनाव कराने का आह्वान किया और कहा कि सभी मतदाताओं की भागीदारी बिना किसी हिंसा और डर के पक्की करना चुनाव आयोग का मुख्य मकसद है। उन्होंने SIR को लेकर लोगों के डर पर कहा कि किसी भी पात्र वोटर का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा।
चुनावी तैयारियों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में 80,000 से ज्यादा बूथ होंगे, हर बूथ पर अधिकतम 1,200 वोटर होंगे, हर बूथ पर वोटर असिस्टेंट सेंटर होगा और 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग होगी। इस बार EVM में उम्मीदवारों की कलर फोटो होंगी और चुनाव खत्म होने के 7 दिनों के अंदर EVM की टेस्टिंग कराई जा सकती है। बुजुर्ग वोटरों की सुविधा के लिए सभी बूथ एक मंजिला होंगे जिनमें चेयर और रैंप की व्यवस्था होगी, और 85 साल से ज्यादा उम्र के वोटर घर से वोट दे सकते हैं। पीठासीन अधिकारी हर 2 घंटे में वोटिंग रेट की घोषणा करेंगे। चुनाव आयोग की टीम दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है और माना जा रहा है कि एक-दो दिन में चुनावों की तारीखों का ऐलान हो सकता है।
SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश: न्यायिक अधिकारियों को मिले आजादी
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। CJI सूर्यकांत, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस जयमालिया बाक्षी की पीठ ने साफ किया कि SIR के काम में जुटे न्यायिक अधिकारियों को बिना किसी रोक-टोक का माहौल मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी न्यायिक अधिकारियों के फैसलों की समीक्षा नहीं कर सकेगा।
कोर्ट ने चुनाव आयोग के पोर्टल में आ रही खामियों को तुरंत दूर करने और नए लॉगिन आईडी बनाने के निर्देश दिए। SIR प्रक्रिया में कोई भी नया कदम उठाने से पहले कोलकाता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की इजाजत लेना अनिवार्य कर दिया गया है। अपीलों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीशों की पीठ गठित की जा सकती है। अदालत को बताया गया कि अब तक 10 लाख 16,000 आपत्तियों और दावों पर सुनवाई की जा चुकी है: ये वो लोग हैं जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का खतरा बना हुआ था।
NCERT ने मांगी बिना शर्त माफी: विवादित किताब पूरी तरह वापस
NCERT ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब को लेकर छिड़े विवाद पर बिना शर्त माफी मांग ली है। भारी आलोचना और सुप्रीम कोर्ट की सख्त फटकार के बाद NCERT ने एक सार्वजनिक माफीनामा जारी किया और पूरी किताब को वापस ले लिया है। अब यह किताब कहीं भी उपलब्ध नहीं है।
दरअसल यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब NCERT ने कक्षा 8 के लिए सोशल साइंस की नई किताब जारी की, जिसके चौथे चैप्टर “हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका” में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” नामक सेक्शन था। इसमें भारतीय न्यायिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार के आरोपों, मुकदमों के बोझ और जजों की कमी जैसे मुद्दों का जिक्र था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर गहरी आपत्ति जताते हुए किताब के प्रकाशन, दोबारा छपाई और डिजिटल वितरण पर तुरंत रोक लगा दी थी। अदालत ने बेहद सख्त लहजे में कहा था कि “एक गोली चल चुकी है और संस्थान घायल हो गई है।” CJI ने तो यहां तक कहा था कि इस साजिश के पीछे कौन है, हम पता लगाएंगे। अब NCERT ने माफी तो मांग ली है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ माफीनामे से यह मामला रफादफा होगा या यह विवाद और तूल पकड़ेगा।
स्टालिन का BJP पर हमला: तमिलनाडु हमेशा पहुंच से बाहर रहेगा
दक्षिण भारत में भी सियासी सरगर्मी तेज है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 9 मार्च को एक रैली में बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि “भगवा भीड़ दक्षिणी राज्य को निगलना चाहती है, लेकिन हमारी पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी।” स्टालिन ने AIADMK प्रमुख पलानीस्वामी पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद पाने के लिए वो बीजेपी के गुलाम की तरह काम कर रहे हैं।
स्टालिन ने साफ कहा, “हमारी धरती पर सिर्फ हम ही जीतेंगे। चाहे कोई भी कलाबाजी करें, कोई भी मुखौटा पहनें, किसी भी केंद्रीय एजेंसी का इस्तेमाल करें: तमिलनाडु हमेशा आपकी पहुंच से बाहर रहेगा।” उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य की बकाया धनराशि नहीं देने का आरोप भी लगाया और बिहार में नीतीश कुमार के साथ बीजेपी के बर्ताव का हवाला देते हुए कहा कि जीत दिलाने के बाद उन्हें दरकिनार कर दिया गया। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि तमिलनाडु में NDA की एंट्री किसी भी सूरत में नहीं होने दी जाएगी।
अखिलेश यादव बोले: भाजपा दल नहीं, दलाल है
उत्तर प्रदेश में किसानों का आलू संकट गहराता जा रहा है। बड़े पैमाने पर आलू का उत्पादन होने के बावजूद किसानों को बाजार में सही दाम नहीं मिल रहे, जिससे किसानों में भारी रोष है। सपा कार्यकर्ताओं ने किसानों के समर्थन में आगरा के खंदौली में यमुना एक्सप्रेसवे पर आलू के कट्टे फैलाकर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया।
इसी घटना का वीडियो शेयर करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि बीजेपी सरकार पूरी तरह लापरवाह है और किसानों की मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का पूरा खेल यही है कि पैदावार के दाम इतने कम करवा दो कि किसानों की लागत तक न निकले और वो थक-हारकर खेतीबाड़ी छोड़ दें और अपनी जमीनें बीजेपी समर्थक अमीरों को कौड़ियों के दाम बेचने पर मजबूर हो जाएं। अखिलेश ने कहा कि भाजपाइयों की साजिश है कि किसानों की जमीन हड़पकर बड़े स्तर पर खेती करके खाद्यान्न को अपने हाथ में ले लें और फिर मनमानी कीमत जनता से वसूलें। इसीलिए बीजेपी कभी भू-अधिग्रहण बिल लाती है, कभी तीन कृषि काले कानून और फिर अमेरिकी डील करती है। अखिलेश ने करारा वार करते हुए कहा, “भाजपा दल नहीं, दलाल है।”
दिन की अन्य अहम खबरें: कोविड मुआवजा, जलजीवन मिशन, शेयर बाजार
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि कोविड वैक्सीन से हुए नुकसान का मुआवजा दे और एरर फ्री पॉलिसी बनाए। कोर्ट ने कहा कि साइड इफेक्ट्स की जांच के लिए एक्सपर्ट पैनल की जरूरत नहीं है। वहीं UCC पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसे लागू करने का समय आ गया है और संसद को यह फैसला करना चाहिए।
कैबिनेट ने जलजीवन मिशन-2 को मंजूरी दे दी है जिसके लिए 8,69,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब इंफ्रा क्रिएशन से सर्विस डिलीवरी पर फोकस होगा। वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी हरियाणा के सोनीपत में एक किसान की बेटी की शादी में पहुंचे, जहां उन्होंने बालूशाही देखकर पूछा “यह क्या है?”, चूरमा खाया और विवाह के गीत सुने। शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ: सेंसेक्स 639 अंकों की उछाल के साथ 78,205 पर और निफ्टी 233 अंकों की तेजी के साथ 24,261 पर बंद हुआ।
क्यों अहम हैं आज की ये खबरें आम जनता के लिए
Iran Israel War का सीधा असर भारत सहित पूरी दुनिया के तेल बाजार पर पड़ रहा है। Hormuz Strait से दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है और अगर ईरान ने इसे बंद किया तो Crude Oil की कीमतें और भी भयंकर तरीके से बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर पड़ेगा। वहीं संसद में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लोकतांत्रिक प्रक्रिया में निष्पक्षता के सवाल को उजागर करता है। पश्चिम बंगाल चुनाव और SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती यह बताती है कि वोटर लिस्ट की पवित्रता बनाए रखना कितना जरूरी है। और NCERT का विवाद यह सवाल उठाता है कि स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में संवेदनशील विषयों को कितनी सावधानी से रखा जाना चाहिए।
मुख्य बातें (Key Points)
- Iran Israel War का 11वां दिन: ईरान ने Hormuz Strait से जहाज गुजरने के लिए इजराइल-अमेरिका के राजदूतों को निकालने की शर्त रखी, Crude Oil $100 पार, ट्रंप ने 20 गुना हमले की चेतावनी दी।
- संसद में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर जबरदस्त बहस, प्रियंका गांधी ने कहा राहुल 12 सालों में झुके नहीं।
- NCERT ने कक्षा 8 की विवादित किताब पर बिना शर्त माफी मांगी, किताब पूरी तरह वापस ली गई।
- पश्चिम बंगाल चुनाव की तैयारियां तेज, SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश, चुनाव तारीखों का ऐलान जल्द संभव।
FAQ : अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








