PM Kisan 22nd Installment : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त से पहले देश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने बजट 2026-27 में किसानों के लिए 2 लाख रुपये तक के फसली कर्ज (Crop Loan) माफ करने की बड़ी घोषणा कर दी है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए यह ऐलान किया। इसके साथ ही नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देने, गांवों को कंक्रीट सड़कों से जोड़ने और महिलाओं की लोकप्रिय मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना को जारी रखने जैसे कई अहम फैसले भी लिए गए हैं।
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना के तहत मिलेगा लाभ
PM Kisan 22nd Installment से पहले महाराष्ट्र के किसानों के लिए आई इस खुशखबरी का सीधा संबंध पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना से है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए बताया कि इस योजना के तहत 30 सितंबर 2025 तक बकाया फसली ऋण माफ किए जाएंगे। यानी जिन किसानों पर 2 लाख रुपये तक का फसली कर्ज बकाया है, उन्हें इस योजना के तहत सीधे राहत मिलेगी।
यह फैसला राज्य के बड़ी संख्या में कर्जदार किसानों के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। महाराष्ट्र में लाखों किसान फसली कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और कई बार कर्ज न चुका पाने की वजह से उन्हें गंभीर आर्थिक तनाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी उनके लिए एक बड़ी सौगात है।
नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों को भी मिलेगा इनाम
PM Kisan 22nd Installment की खबरों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने एक और अहम ऐलान किया है जो ईमानदार किसानों का हौसला बढ़ाने वाला है। सरकार ने उन किसानों के लिए भी प्रोत्साहन (Farmer Incentive) की घोषणा की है जो नियमित रूप से अपना कर्ज समय पर चुकाते रहे हैं। ऐसे अनुशासित किसानों को राज्य सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
यह फैसला बेहद सराहनीय है क्योंकि अक्सर कर्जमाफी की योजनाओं में सिर्फ डिफॉल्टर किसानों को ही लाभ मिलता है और ईमानदारी से कर्ज चुकाने वाले किसान खुद को ठगा महसूस करते हैं। लेकिन इस बार महाराष्ट्र सरकार ने दोनों वर्ग के किसानों का ध्यान रखा है। बजट भाषण में फडनवीस ने साफ कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
माझी लाडकी बहीण योजना भी रहेगी जारी
PM Kisan 22nd Installment के साथ-साथ महाराष्ट्र बजट में महिलाओं के लिए भी बड़ी राहत दी गई है। मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना को जारी रखने का फैसला लिया गया है और इसके लिए पर्याप्त बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना राज्य की महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है और इसे जारी रखने के फैसले से लाखों महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलता रहेगा।
यह योजना विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई थी और इसने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाई थी। अब सरकार ने बजट में इसके लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान करके यह साबित कर दिया है कि यह महज चुनावी वादा नहीं बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है।
1000 से अधिक आबादी वाले गांवों को मिलेंगी कंक्रीट सड़कें
महाराष्ट्र बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री फडनवीस ने कहा कि राज्य के 1000 से अधिक आबादी वाले सभी गांवों को कंक्रीट सड़कों से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
यह फैसला ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। जब गांवों तक पक्की सड़कें पहुंचेंगी तो न सिर्फ परिवहन आसान होगा बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और बाजार तक पहुंच भी बेहतर होगी। खासतौर पर बारिश के मौसम में कच्ची सड़कों की वजह से गांवों का संपर्क कट जाता है, कंक्रीट सड़कों से यह समस्या पूरी तरह हल हो जाएगी।
2047 तक महाराष्ट्र को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
बजट भाषण में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने महाराष्ट्र को देश की आर्थिक ताकत बताते हुए एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी रखा। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर के स्तर तक पहुंचाना है। यह लक्ष्य दर्शाता है कि महाराष्ट्र सरकार सिर्फ तात्कालिक राहत देने तक सीमित नहीं है बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक विकास की भी ठोस योजना बना रही है।
PM Kisan 22nd Installment और कर्जमाफी जैसे फैसले इसी बड़ी आर्थिक रणनीति का हिस्सा हैं। जब किसान कर्ज के बोझ से मुक्त होंगे, उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा और बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, तो स्वाभाविक रूप से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
किसानों के लिए क्यों अहम है यह बजट
महाराष्ट्र बजट 2026-27 में किसानों के लिए लिए गए फैसले कई मायनों में अहम हैं। PM Kisan 22nd Installment के साथ-साथ राज्य सरकार की कर्जमाफी का डबल फायदा किसानों को मिलेगा। एक तरफ केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि से उन्हें सालाना 6000 रुपये मिलते रहेंगे, तो दूसरी तरफ राज्य सरकार ने 2 लाख रुपये तक का फसली कर्ज माफ करके उन्हें आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने का रास्ता खोल दिया है।
ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से ईंधन और खाद की कीमतें बढ़ रही हैं, किसानों पर लागत का दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कर्जमाफी, प्रोत्साहन राशि और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे फैसले किसानों को बड़ी राहत देने वाले साबित होंगे। अब देखना होगा कि इन घोषणाओं को जमीन पर कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- महाराष्ट्र सरकार ने बजट 2026-27 में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना के तहत 2 लाख रुपये तक के फसली कर्ज माफ करने की घोषणा की, 30 सितंबर 2025 तक के बकाया ऋण इसमें शामिल होंगे।
- नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों को राज्य सरकार प्रोत्साहन राशि देगी, जिससे ईमानदार किसानों का भी हौसला बढ़ेगा।
- मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना को जारी रखने और 1000 से अधिक आबादी वाले गांवों को कंक्रीट सड़कों से जोड़ने का भी ऐलान किया गया।
- महाराष्ट्र का लक्ष्य 2047 तक अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाना है, PM Kisan 22nd Installment के साथ राज्य की कर्जमाफी किसानों को डबल राहत देगी।








