Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए बड़ा कदम उठाया है। भारत ने ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी कर आपातकालीन नंबर भी जारी किए हैं और लोगों से फ्लाइट या किसी भी उपलब्ध माध्यम से सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और ऐसी आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच युद्ध हो सकता है। अमेरिका ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने मध्य पूर्व के लिए एक एयर ब्रिज भी तैयार किया है।
एडवाइजरी में क्या कहा गया?
भारतीय दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में कई अहम बातें कही गई हैं:
तुरंत लौटें: सभी भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे कमर्शियल फ्लाइट या उपलब्ध किसी भी साधन से तुरंत ईरान छोड़कर वापस आएं।
सावधानी बरतें: विरोध प्रदर्शनों या हंगामे वाली जगहों से दूर रहें। हमेशा सतर्क रहें और लोकल मीडिया से लगातार अपडेट लेते रहें।
दूतावास से संपर्क रखें: दूतावास के साथ जुड़े रहें और जरूरत पड़ने पर मदद मांगें।
दस्तावेज तैयार रखें: पासपोर्ट, आईडी और ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स हमेशा अपने साथ रखें।
रजिस्ट्रेशन कराएं: अगर आपने दूतावास के साथ रजिस्टर नहीं किया है तो वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भरें। अगर ईरान में इंटरनेट की समस्या है तो भारत में परिवार वाले आपके लिए रजिस्टर कर सकते हैं।
हेल्पलाइन नंबर: एडवाइजरी में इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए गए हैं, जिनसे संपर्क किया जा सकता है।
क्यों बढ़ा तनाव?
गौरतलब है कि बीते महीने ईरान में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद से ही अमेरिका ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के शासन को सैन्य हस्तक्षेप की धमकियां दे रहा है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में बड़ी सैन्य ताकत तैनात कर दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सप्ताह एक बार फिर यह बयान दिया है कि वह ईरान पर हमले का विचार कर रहे हैं। अमेरिका ने F-16 फाइटिंग फाल्कन लड़ाकू विमानों को जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयरबेस, इटली के एवियानो एयरबेस और साउथ कैरोलिना के मैकेंटायर जॉइंट नेशनल गार्ड बेस से मध्य पूर्व की ओर रवाना किया है। इसके अलावा F-15E स्ट्राइक ईगल और F-22 रैप्टर जैसे एडवांस लड़ाकू विमान भी तैनात किए गए हैं।
बातचीत का दौर भी जारी
दूसरी तरफ, दोनों पक्षों के बीच परमाणु वार्ता भी जारी है। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने रविवार को सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा। उन्होंने कहा कि समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की दिशा में सकारात्मक पहल की गई है। ओमान ने इससे पहले जिनेवा में हुई वार्ता की भी मेजबानी की थी। हालांकि, बातचीत के बीच भी तनाव लगातार बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।
भारत का पहले भी जारी कर चुका एडवाइजरी
इससे पहले भी भारत ने कुछ दिनों पहले एक एडवाइजरी जारी की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत स्थिति पर बारीक नजर बनाए हुए है और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास वहां के समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है। सरकार ने पहले ही एक यात्रा परामर्श जारी कर भारतीयों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने और वहां रह रहे लोगों को उपलब्ध साधनों से स्वदेश लौटने की सलाह दी थी।
क्यों जरूरी है यह कदम?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाम पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार ने यह एहतियाती कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक होने पर आगे उचित कदम भी उठाए जाएंगे। भारत सरकार की यह कोशिश है कि ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की जान-माल की रक्षा की जा सके।
मुख्य बातें (Key Points)
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है।
भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी किए हैं।
अमेरिका ने मध्य पूर्व में बड़ी सैन्य ताकत तैनात कर दी है, जिसमें F-16, F-15 और F-22 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं।
दोनों देशों के बीच परमाणु वार्ता का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा, जिसकी मेजबानी ओमान करेगा।








