Tata Steel Ludhiana Plant: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि टाटा स्टील का मेगा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लुधियाना में मार्च महीने से अपना संचालन शुरू कर देगा। करीब 3200 करोड़ रुपये के निवेश से तैयर यह प्लांट करीब 2500 लोगों को रोजगार के अवसर देगा और इसे जमशेदपुर के बाद टाटा स्टील का देश में दूसरा सबसे बड़ा प्लांट बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने टाटा स्टील के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। इस मुलाकात में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (लॉन्ग प्रोडक्ट्स) आशीष अनुपम और कॉरपोरेट अफेयर्स के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।
सीएम भगवंत मान ने टाटा स्टील की टीम से की बात
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि टाटा स्टील समूह दुनिया की अग्रणी स्टील निर्माता कंपनियों में से एक है, जिसकी वार्षिक क्रूड स्टील क्षमता लगभग 34 मिलियन टन प्रति वर्ष है और कई देशों में इसकी मजबूत मौजूदगी है। उन्होंने इसे पंजाब की औद्योगिक नीतियों और स्थिर शासन पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया।
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उन्होंने कहा कि यह परियोजना पंजाब में टाटा स्टील का सबसे बड़ा निवेश है और इसने राज्य के औद्योगिक पुनरुत्थान को बड़ी मजबूती दी है।
कितना बड़ा है प्लांट और कितनी होगी नौकरियां?
मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि टाटा स्टील लिमिटेड लुधियाना के हाईटेक वैली के पास 0.75 एमटीपीए क्षमता का इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस आधारित स्टीलमेकिंग संयंत्र और रीबार मिल स्थापित कर रहा है। यह प्लांट करीब 115 एकड़ में फैला है।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में इस परियोजना में लगभग 2600 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान था, जो अब बढ़कर 3200 करोड़ रुपये हो गया है। इस प्लांट से करीब 2500 लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक परितंत्र को मजबूती मिलेगी।
हरित और सस्टेनेबल होगा उत्पादन
सीएम भगवंत मान ने जोर देकर कहा कि यह यूनिट 100 प्रतिशत स्टील स्क्रैप को कच्चे माल के रूप में उपयोग करेगी और सस्टेनेबल व पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन प्रक्रिया अपनाएगी। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस तकनीक पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस तकनीक की तुलना में कार्बन उत्सर्जन को काफी कम करती है, जो हरित और टिकाऊ औद्योगिक विकास के प्रति पंजाब की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
यह तकनीक न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि स्टील निर्माण के लिए आधुनिक और कुशल तरीका भी है।
जमशेदपुर के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्लांट
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह सुविधा जमशेदपुर के बाद भारत में टाटा स्टील का दूसरा सबसे बड़ा संयंत्र है और पंजाब में कंपनी का सबसे बड़ा निवेश है। उन्होंने राज्य सरकार की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने इस मेगा प्रोजेक्ट के निर्माण और परिचालन को समयबद्ध तरीके से सुविधाजनक बनाया, जो पंजाब की उद्योग-हितैषी नीतियों और सक्रिय शासन ढांचे को दर्शाता है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
पंजाब के लिए बड़ी उपलब्धि
टाटा स्टील जैसी दिग्गज कंपनी का पंजाब में इतने बड़े पैमाने पर निवेश राज्य के लिए कई मायनों में अहम है। यह न केवल हजारों युवाओं को रोजगार देगा, बल्कि लुधियाना के औद्योगिक इकोसिस्टम को भी मजबूत करेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि यह प्लांट पर्यावरण के अनुकूल तकनीक से लैस होगा, जो आने वाले समय में अन्य उद्योगों के लिए भी मिसाल बनेगा। राज्य सरकार के लिए यह एक बड़ी कूटनीतिक और औद्योगिक सफलता है, जो दिखाती है कि पंजाब में निवेश के लिए सही माहौल बन रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
टाटा स्टील का 3200 करोड़ रुपये का मेगा प्लांट लुधियाना में मार्च से शुरू होगा।
इस प्लांट से करीब 2500 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
यह जमशेदपुर के बाद टाटा स्टील का देश में दूसरा सबसे बड़ा प्लांट है।
प्लांट 100% स्टील स्क्रैप से इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस तकनीक से स्टील बनाएगा, जो पर्यावरण के लिए बेहतर है।
सीएम भगवंत मान ने इसे पंजाब की औद्योगिक नीतियों की बड़ी सफलता बताया।








