गुरूवार, 7 मई 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Shankaracharya vs Yogi: लखनऊ पहुंचे भागवत, छिन सकती है योगी की कुर्सी?

Shankaracharya vs Yogi: लखनऊ पहुंचे भागवत, छिन सकती है योगी की कुर्सी?

शंकराचार्य ने योगी आदित्यनाथ को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया, 11 मार्च को लखनऊ कूच का ऐलान; डिप्टी CM भी शंकराचार्य के पक्ष में, मोहन भागवत ने रात को योगी से की मुलाकात

The News Air Team by The News Air Team
गुरूवार, 19 फ़रवरी 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय, सियासत
A A
0
Shankaracharya vs Yogi
106
SHARES
705
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Yogi Adityanath Shankaracharya Crisis: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक ऐसा भूचाल आ गया है जो न सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुर्सी को हिला रहा है, बल्कि पूरी बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लिए अस्तित्व का सवाल खड़ा कर रहा है। शंकराचार्य ने खुले तौर पर ऐलान किया है कि योगी आदित्यनाथ हिंदू ही नहीं हैं और उन्हें अपना हिंदू होना साबित करने के लिए 40 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। इस बीच 20 दिन पूरे हो चुके हैं और अब 11 मार्च को शंकराचार्य के नेतृत्व में साधु-संतों, सनातनियों और बीजेपी के पुराने विधायकों-अध्यक्षों के साथ लखनऊ कूच का ऐलान कर दिया गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि RSS प्रमुख मोहन भागवत को खुद लखनऊ पहुंचना पड़ा, जहां उन्होंने रात को मुख्यमंत्री योगी से और सुबह दोनों उपमुख्यमंत्रियों से मुलाकात की।


हिंदुत्व बनाम हिंदुत्व — पहली बार ऐसा टकराव

उत्तर प्रदेश की राजनीति का अनूठा सच यह है कि यहां विपक्ष कहीं नजर नहीं आ रहा। लेकिन विपक्ष की इस शून्यता के बीच वही हिंदुत्व, जिसके नारे के साथ सत्ता मिली थी, उसी हिंदुत्व के खिलाफ अब वही हिंदुत्व खड़ा हो गया है। वही सनातनी धारा, वही भगवा वस्त्र, वही संघ की विचारधारा — सब आमने-सामने आ गए हैं।

जिस संघ परिवार ने हिंदू वाहिनी के वाहक योगी आदित्यनाथ को — जो हिंदू महासभा से निकलकर मठ में थे — वहां से निकालकर मुख्यमंत्री बनवाया, आज उसी मुख्यमंत्री के खिलाफ शंकराचार्य भिड़े हुए हैं। और शंकराचार्य के साथ खुद राज्य के दोनों डिप्टी सीएम भी खड़े हो गए हैं। यह स्थिति बीजेपी और संघ दोनों के लिए अभूतपूर्व संकट बन गई है।


प्रयागराज की घटना ने भड़काई आग

यह सारा तूफान प्रयागराज की उस घटना से और तेज हो गया जहां एक बाल बटुक की चोटी को पुलिसकर्मी ने पकड़ा — और वह भी प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में। यह तब हुआ जब शंकराचार्य स्नान करने के लिए निकले थे। इस घटना ने खुले तौर पर यह संदेश दे दिया कि योगी आदित्यनाथ अब पुलिस-प्रशासन के आश्रय से सत्ता चला रहे हैं।

शंकराचार्य ने इसे सबसे बड़ा पाप बताया और कहा कि मठ से निकला हुआ शख्स (योगी) यह सब देखता रह गया और बस इतना कहा कि “कानून अपना काम करेगा।” इस एक वाक्य ने शंकराचार्य के गुस्से को और भड़का दिया।


डिप्टी CM बृजेश पाठक ने बटुकों को बुलाया घर

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने उसी दिन बाल बटुकों को अपने घर बुलाया, उनका सम्मान किया, पुष्प वर्षा की, चंदन का टीका लगाया और दान-दक्षिणा दी। उन्होंने यह सब उसी दिन किया जिस दिन सरसंघचालक मोहन भागवत लखनऊ में मौजूद थे। यह कदम एक तरह से प्रयागराज की घटना के लिए क्षमा याचना जैसा था।

लेकिन शंकराचार्य ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा — “अपनी पसंद के बटुक बुला लिए, चंदन लगा लिए — यह राजनीति है। जिस बटुक की चोटी खींची गई, उसके पास जाते तो कुछ बात होती।”


शंकराचार्य का 40 दिन का अल्टीमेटम और 11 मार्च की चेतावनी

शंकराचार्य ने 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था कि योगी आदित्यनाथ अपने आप को असली हिंदू साबित करें। 20 दिन पूरे हो चुके हैं और शंकराचार्य ने एक विस्तृत प्रेस रिलीज जारी की है। इसमें कहा गया है कि “स्वयं को असली हिंदू सिद्ध करने हेतु उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिए गए 40 दिन के अल्टीमेटम में 20 दिन पूर्ण हो गए, पर अभी तक आदित्यनाथ ने अपने हिंदू होने का कोई संकेत दिया ही नहीं है, अपितु कालनेमी होने के संकेत मिले हैं।”

अब 11 मार्च को शंकराचार्य लखनऊ कूच करेंगे। उनके साथ साधु-संत, सन्यासियों का जमावड़ा, बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता, विधायक, अध्यक्ष और पदाधिकारी — सब होंगे। यह एक तरह से योगी आदित्यनाथ की सत्ता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनने जा रहा है।


गौवंश और कसाईखानों पर शंकराचार्य के आंकड़े

शंकराचार्य की प्रेस रिलीज में सिर्फ धार्मिक मुद्दे नहीं, बल्कि ठोस आंकड़े भी दिए गए हैं। भारत सरकार के पशुगणना डेटा का हवाला देते हुए बताया गया कि पश्चिम बंगाल में गौवंश की संख्या 15.18% बढ़ी है, जबकि उत्तर प्रदेश में गौवंश की संख्या 3.93% कम हो गई है। यह वही बंगाल है जिसके खिलाफ बीजेपी हमेशा हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा उठाती रही है।

इसके अलावा प्रेस रिलीज में यह भी लिखा गया कि देश में सबसे ज्यादा कसाईखानों को सुविधा उत्तर प्रदेश में मिल रही है और भारत से होने वाले कुल मांस निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 43% है। यह आंकड़ा उस राज्य के बारे में है जिसके मुख्यमंत्री भगवा वस्त्र पहनते हैं और हिंदुत्व की राजनीति करते हैं — यह विरोधाभास शंकराचार्य ने बड़ी तीखी भाषा में उजागर किया है।


शंकराचार्य ने कहा — योगी के अलावा भी योग्य लोग हैं

शंकराचार्य ने योगी आदित्यनाथ पर सीधा निशाना साधते हुए कहा — “आप क्या समझते हो? यह वसुधा खाली है, यहां कोई है ही नहीं? केवल एक आदित्यनाथ योग्य आ गए जो रिश्तेदारी निभाते हुए धीरे से मठ में घुस गए और उसके बाद सीधे मुख्यमंत्री पद पर आकर प्लांट हो गए?”

उन्होंने आगे कहा — “यह देश बहुत उर्वर है, यहां एक से एक विद्वान, एक से एक कर्मठ और योग्य लोग हैं। जाली और पाखंडी लोग आकर बैठ गए हैं और अच्छे लोगों को दबा रखा है। एक बार इनका आवरण हटने दीजिए, एक से एक योग्य लोग सामने आएंगे।”

यह भी पढे़ं 👇

Free Loan,

ECLGS 5.0: सरकार देगी ₹2.55 लाख करोड़ का Free Loan, Iran War से बचाने का मास्टर प्लान

गुरूवार, 7 मई 2026
India Pakistan War 2026

भारत-पाकिस्तान युद्ध 2026: अमेरिका भी नहीं रोक पाएगा, US थिंक टैंक की चौंकाने वाली रिपोर्ट

गुरूवार, 7 मई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

गुरूवार, 7 मई 2026
IMD Weather Alert 6 May 2026

मौसम विभाग का अलर्ट: 10-12 मई को उत्तर भारत में आंधी-तूफान, केरल-तमिलनाडु में भारी बारिश

गुरूवार, 7 मई 2026

मोहन भागवत की लखनऊ यात्रा — संघ भी परेशान

स्थिति की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि RSS प्रमुख मोहन भागवत को खुद लखनऊ पहुंचना पड़ा। उनका दो दिन का प्रवास रहा जिसमें रात को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से और सुबह दोनों उपमुख्यमंत्रियों — केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक — से मुलाकात हुई।

संघ के भीतर भी खलबली है। जिस हिंदुत्व की प्रयोगशाला के रूप में उत्तर प्रदेश को खड़ा किया गया था, उसी प्रयोगशाला में आग लग गई है। एक ओबीसी (केशव प्रसाद मौर्य) और दूसरे ब्राह्मण (बृजेश पाठक) — दोनों डिप्टी सीएम शंकराचार्य की ढाल बनना चाहते हैं, लेकिन इस शर्त पर कि आने वाले समय में उनकी राजनीतिक हैसियत बढ़े और उनके पीछे बीजेपी और संघ खड़ी हो जाए।


दिल्ली दरबार भी उलझन में

दिल्ली दरबार शंकराचार्य के पक्ष में तो है, लेकिन जब तक योगी आदित्यनाथ सामने खड़े हैं, वे कुछ कर नहीं पा रहे। क्या करें, कैसे करें, किस रूप में करें — यह सवाल दिल्ली के सत्ता गलियारों में भी गूंज रहा है।

योगी आदित्यनाथ के साथ कौन है — यह सवाल भी अब खुलकर पूछा जा रहा है। योगी हिंदू महासभा और हिंदू वाहिनी से अपनी पहचान बना पाए थे, लेकिन दूसरी तरफ बृजेश पाठक मायावती के साथ हुआ करते थे और केशव प्रसाद मौर्य अशोक सिंघल के साथ रहा करते थे — सब अलग-अलग खेमों से आए हैं।


अखिलेश यादव की चुप्पी भरी चाल

इस पूरे घमासान का सबसे बड़ा फायदा अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को मिलने वाला है। अखिलेश ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को भुला दिया है क्योंकि पहली बार उन्हें लग रहा है कि बहुत कम वोट चाहिए और अगर ब्राह्मण वोट बैंक — जो हमेशा बीजेपी के साथ रहा — अगर थोड़ा सा भी बिखर गया तो वह सीधे समाजवादी पार्टी के खाते में आएगा।

अखिलेश यादव पहले दिन से शंकराचार्य के पक्ष में बोल रहे हैं। उन्होंने कहा — “शंकराचार्य जी को अपमानित कर रहे हैं, क्या इसके लिए भी नया कानून लाओगे? किसको नहीं दिखाई दे रहा कि शंकराचार्य जी को खुलेआम अपमानित किया जा रहा है?”


बीजेपी के गिरते राजनीतिक आंकड़े

यह मानना बिल्कुल गलत है कि योगी आदित्यनाथ के आने से बीजेपी की राजनीतिक जमीन मजबूत हुई। आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। विधानसभा चुनावों में 2017 में बिना किसी चेहरे के — सिर्फ नरेंद्र मोदी के चेहरे पर — बीजेपी को 312 सीटें मिली थीं। लेकिन 2022 में जब योगी आदित्यनाथ का चेहरा सामने था, तो सीटें खिसककर 255 पर आ गईं। वहीं समाजवादी पार्टी 47 सीटों से उछलकर 111 पर पहुंच गई।

लोकसभा चुनावों में भी यही तस्वीर दिखी। 2019 में जब योगी मुख्यमंत्री थे तब बीजेपी को 62 सीटें मिली थीं, लेकिन 2024 में यह गिरकर 33 पर आ गई। वहीं समाजवादी पार्टी 5 सीटों से बढ़कर 37 सीटों पर पहुंच गई। यानी ट्रेंड बीजेपी के खिलाफ जा रहा है और शंकराचार्य का यह विवाद इस ट्रेंड को और तेज कर सकता है।


धर्म की राजनीति कैसे बनी बिजनेस मॉडल

इस पूरे संकट की जड़ में एक और बड़ा सवाल छिपा है — धर्म की राजनीति कैसे धर्म के बिजनेस मॉडल में बदल गई? अयोध्या, बनारस, उज्जैन — जहां-जहां कॉरिडोर बने, वहां-वहां जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगीं। जहां-जहां भक्तों का आगमन शुरू हुआ, वहां वसूली शुरू हो गई।

शंकराचार्य ने इस पर भी सवाल उठाया है कि क्या शंकराचार्यों को अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन पर निमंत्रण भी दिया गया था? अयोध्या से सबसे ज्यादा टैक्स वसूली के आंकड़े सामने आ रहे हैं। जब ट्रस्ट को भी टैक्स भरने की बात आई तो पता चला कि कितने हजार करोड़ रुपये टैक्स में दिए गए — यानी कमाई हद से ज्यादा है। धर्म के नाम पर रिलीजियस टूरिज्म एक बिजनेस मॉडल बन गया और इसकी मलाई गुजरात लॉबी के हिस्से में चली गई।


संघ के 40 संगठन कैसे कुंद हो गए

प्रधानमंत्री मोदी के दौर में जो गुजरात मॉडल से दिल्ली मॉडल बना, वह मनमाफिक निर्णयों पर टिका था। जिसे चाहा मुख्यमंत्री बनाया — चाहे मध्य प्रदेश हो, राजस्थान हो, छत्तीसगढ़ हो या कर्नाटक। वसुंधरा राजे, शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह — सब गायब हो गए।

संगठन पर भी पकड़ बना ली गई। विश्व हिंदू परिषद गायब हो गई। किसान संघ को संभालने वाले दरकिनार कर दिए गए। भारतीय मज़दूर संघ का नेतृत्व बदल दिया गया। स्वदेशी जागरण मंच का राग एक झटके में बदल गया। बीजेपी का अध्यक्ष भी दिल्ली की मर्जी से बना दिया गया। यानी सरसंघचालक की भी नहीं चली और संघ के 40 संगठन कुंद हो गए।


80 बनाम 20 का खेल कैसे उलटा पड़ गया

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में 80 बनाम 20 (80% हिंदू बनाम 20% मुसलमान) का खेल शुरू किया। उसके बाद ब्राह्मण निशाने पर आए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को खारिज करते हुए बुलडोजर की थ्योरी अपनाई गई। दिल्ली बनाम लखनऊ हुआ तो हिंदुत्व की अपनी थ्योरी भगवा वस्त्र के आश्रय रखी गई।

लेकिन जब शंकराचार्य टकराए तो एक झटके में सब कुछ चकनाचूर होता दिखने लगा। क्योंकि जिस हिंदुत्व के नाम पर 80% हिंदुओं को एक साथ खड़ा करने की कोशिश होती थी, अब उसी हिंदुत्व में आपसी घमासान शुरू हो गया है — वह भी मठ से निकले मुख्यमंत्री और शंकराचार्य के बीच।


विश्लेषण: अगर यूपी की गांठ खुली तो सब कुछ धराशाई

यह संकट सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। अगर यूपी की राजनीतिक गांठ खुल गई तो लखनऊ मॉडल, दिल्ली मॉडल, गुजरात मॉडल और नागपुर मॉडल — सब एक झटके में धराशाई हो जाएगा। पहली बार यह सवाल खड़ा हो रहा है कि उत्तर प्रदेश में योगी का विकल्प कौन है? दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के बाद दूसरे नंबर का शख्स कौन है? और संघ में मोहन भागवत के बाद सरसंघचालक कौन होगा जो संघ को पुरानी परिस्थितियों में लौटा सके?

11 मार्च को शंकराचार्य का लखनऊ कूच पहला बड़ा संदेश होगा। अगर ब्राह्मण वोट बैंक बीजेपी से छिटक गया — और शंकराचार्य के साथ जिस तरह दोनों डिप्टी CM खड़े हैं, उससे यह संभावना बढ़ गई है — तो इसका सीधा फायदा समाजवादी पार्टी को मिलेगा। बीजेपी ने जो प्रयोगशाला हिंदुत्व के नाम पर बनाई थी, उसी प्रयोग को अब उसके अपने ही लोग धराशाई कर रहे हैं। जिस दिन सत्ता खिसकेगी, उसकी वजह विपक्ष नहीं — आपसी टकराव होगा। और तब बचेगा क्या? यह सवाल पहली बार इतने खुले तौर पर खड़ा हुआ है। इंतजार कीजिए 11 मार्च का।


मुख्य बातें (Key Points)
  • शंकराचार्य ने योगी आदित्यनाथ को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया — 20 दिन बीत चुके, 11 मार्च को साधु-संतों और बीजेपी के पुराने नेताओं के साथ लखनऊ कूच का ऐलान।
  • दोनों डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक शंकराचार्य के पक्ष में खड़े हो गए हैं, बृजेश पाठक ने बटुकों को घर बुलाकर सम्मान किया।
  • RSS प्रमुख मोहन भागवत को खुद लखनऊ पहुंचना पड़ा — रात को योगी से और सुबह दोनों डिप्टी CM से मुलाकात की।
  • शंकराचार्य ने आंकड़ों से साबित किया कि बंगाल में गौवंश 15.18% बढ़ा, जबकि UP में 3.93% घटा; भारत के कुल मांस निर्यात में UP की हिस्सेदारी 43% है।
  • अखिलेश यादव PDA भूलकर शंकराचार्य के पक्ष में बोल रहे हैं — ब्राह्मण वोट बैंक शिफ्ट होने पर समाजवादी पार्टी को सीधा फायदा मिलेगा।
ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

किला रायपुर में CM Mann का बड़ा ऐलान, खेलों को नशों के खिलाफ सबसे घातक हथियार बताया!

Next Post

Epstein Files: ब्रिटेन में शाही गिरफ्तारी, बिल गेट्स का भाषण रद्द, हरदीप पुरी पर घिरता शिकंजा

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Free Loan,

ECLGS 5.0: सरकार देगी ₹2.55 लाख करोड़ का Free Loan, Iran War से बचाने का मास्टर प्लान

गुरूवार, 7 मई 2026
India Pakistan War 2026

भारत-पाकिस्तान युद्ध 2026: अमेरिका भी नहीं रोक पाएगा, US थिंक टैंक की चौंकाने वाली रिपोर्ट

गुरूवार, 7 मई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

गुरूवार, 7 मई 2026
IMD Weather Alert 6 May 2026

मौसम विभाग का अलर्ट: 10-12 मई को उत्तर भारत में आंधी-तूफान, केरल-तमिलनाडु में भारी बारिश

गुरूवार, 7 मई 2026
Breaking News Live Updates 7 May 2026

Breaking News Live Updates 7 May 2026: Big Alerts, हर खबर सबसे पहले

गुरूवार, 7 मई 2026
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026

Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: विपरीत राजयोग से होगी धन वर्षा, जानें आपकी किस्मत

गुरूवार, 7 मई 2026
Next Post
Epstein Files

Epstein Files: ब्रिटेन में शाही गिरफ्तारी, बिल गेट्स का भाषण रद्द, हरदीप पुरी पर घिरता शिकंजा

Aaj Ka Rashifal 20 February 2026

Aaj Ka Rashifal 20 February 2026: शुक्रवार को Kalsarpa Dosh का उपाय और किस्मत का हाल

breaking

Aaj Ki Taza Khabar: राजनीति से लेकर देश-दुनिया की बड़ी खबरें; बस एक क्लिक में!

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।