IMD Weather Alert 6 May 2026: भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने देश के विभिन्न हिस्सों के लिए बड़ा मौसम अलर्ट जारी किया है। 6 मई 2026 को दोपहर 1:30 बजे जारी प्रेस रिलीज के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 10 से 12 मई के बीच आंधी-तूफान का ताजा दौर शुरू होने वाला है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में आज यानी 6 मई को ही व्यापक बारिश का अनुमान है। केरल और तमिलनाडु में अगले 6-7 दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है।
बीते 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि दर्ज की गई। केरल में बहुत भारी बारिश (11-20 सेंटीमीटर) हुई, जबकि उत्तर प्रदेश, विदर्भ, महाराष्ट्र और दिल्ली में ओलावृष्टि की रिपोर्ट आई। महाराष्ट्र के वर्धा में देश का सबसे अधिकतम तापमान 43.5°C रिकॉर्ड किया गया।
देखा जाए तो इस बार मौसम विभाग ने समय रहते अलर्ट जारी कर दिया है ताकि लोग पहले से तैयारी कर सकें। मौसम की इस अनिश्चितता के बीच किसानों, यात्रियों और आम जनता को सावधान रहने की जरूरत है।
बीते 24 घंटों में मौसम का हाल: केरल में सबसे ज्यादा बारिश
6 मई की सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार केरल के कोझिकोड जिले के उरुमी में 17 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वायनाड जिले के कल्पेट्टा और कारापुझा में 7-7 सेंटीमीटर बारिश हुई।
ओडिशा के रायगडा जिले के गुनुपुर में 10 सेंटीमीटर, जबकि गंजाम, कालाहांडी और नयागढ़ जिलों में 7-7 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। तमिलनाडु के मदुरई जिले के वडिपट्टी में 7 सेंटीमीटर, विदर्भ के गोंदिया जिले के अमगांव में 7 सेंटीमीटर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के लॉन्ग आइलैंड में भी 7 सेंटीमीटर बारिश हुई।
दिलचस्प बात यह है कि बीते 24 घंटों में कई जगहों पर तेज आंधी भी चली। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 91 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली, जो काफी खतरनाक मानी जाती है। विदर्भ के लोनार में 83 किमी/घंटा, त्रिपुरा के घिलाटली में 81 किमी/घंटा और उत्तर प्रदेश के हिंडन (IAF) में 81 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चली।
ओलावृष्टि ने मचाई तबाही: UP, महाराष्ट्र, दिल्ली प्रभावित
बीते 24 घंटों में उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, महाराष्ट्र और दिल्ली में ओलावृष्टि दर्ज की गई। ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है, खासकर उन इलाकों में जहां फल और सब्जियों की खेती होती है।
अगर गौर करें तो ओलावृष्टि इस मौसम में असामान्य घटना नहीं है, लेकिन इसकी तीव्रता और व्यापकता चिंता का विषय है। मौसम विभाग ने 6 मई को बिहार, विदर्भ और तेलंगाना में फिर से ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
तापमान का हाल: वर्धा में 43.5°C, कई जगह सामान्य से कम
महाराष्ट्र के वर्धा में देश का सबसे अधिकतम तापमान 43.5°C रिकॉर्ड किया गया। विदर्भ के अधिकांश हिस्सों, तेलंगाना, रायलसीमा, सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों, पश्चिम राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश और मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 40°C और उससे ऊपर रहा।
हालांकि कई जगहों पर तापमान सामान्य से काफी नीचे भी रहा। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5°C से भी ज्यादा कम रहा। इसी तरह उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के कई स्थानों पर तापमान सामान्य से बहुत नीचे रहा।
रात का न्यूनतम तापमान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, सिक्किम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय महाराष्ट्र, असम-मेघालय, मणिपुर, मिजोरम और तमिलनाडु में 13-19°C के बीच रहा। बाकी मैदानी इलाकों में यह 20-26°C के बीच रहा।
उत्तर-पश्चिम भारत: 10-12 मई को नया मौसम सिस्टम
समझने वाली बात यह है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 10 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने वाला है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में 10-12 मई के दौरान छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से, जो 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 11-12 मई को इसी तरह का मौसम रहेगा। इससे पहले 6-8 मई के दौरान उत्तराखंड में छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा) चलने का अनुमान है।
हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में 6 और 7 मई को, उत्तर प्रदेश में 7 मई को और पश्चिम राजस्थान में 6 मई को इसी तरह का मौसम रहेगा।
पूर्वोत्तर भारत: आज व्यापक बारिश का अनुमान
असम-मेघालय में 6 और 7 मई को छिटपुट से काफी व्यापक हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6-8 मई के दौरान इसी तरह का मौसम रहेगा।
अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में 6 मई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। असम-मेघालय में 8-10 मई के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
मौसम विभाग ने इन राज्यों के लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। भारी बारिश से भूस्खलन और जलभराव की आशंका है।
पूर्वी भारत: अंडमान-निकोबार और बंगाल में बारिश जारी
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 6-10 मई के दौरान काफी व्यापक से व्यापक हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 6-9 मई के दौरान और गांगेय पश्चिम बंगाल में 6-8 मई तथा 10 मई को इसी तरह का मौसम रहेगा।
बिहार में 6-10 मई के दौरान छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा) चलने का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा में अगले 7 दिनों तक इसी तरह का मौसम रहेगा।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 मई को तूफान जैसी हवाएं (50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से जो 70 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है। यह काफी खतरनाक स्थिति हो सकती है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 6 मई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 मई को ओलावृष्टि की आशंका है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में बारिश
मध्य प्रदेश में 6 और 7 मई को छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। विदर्भ में 6 मई को और छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक इसी तरह का मौसम रहेगा।
विदर्भ में 6 मई को अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु-केरल में अगले 7 दिन भारी बारिश
तमिलनाडु, पुडुचेरी-कराईकल, केरल-माहे, रायलसीमा, कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश-यनम में अगले 5 दिनों तक छिटपुट गरज, बिजली और तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। तेलंगाना में 6 और 7 मई को, लक्षद्वीप में 9 और 10 मई को इसी तरह का मौसम रहेगा।
तमिलनाडु, पुडुचेरी-कराईकल और केरल-माहे में अगले 7 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 7 और 8 मई को भारी बारिश हो सकती है।
तेलंगाना में 6 मई को अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय करने चाहिए।
तापमान में बदलाव: उत्तर-पश्चिम में 5-7°C की बढ़ोतरी
उत्तर-पश्चिम भारत में 10 मई तक अधिकतम तापमान में 5-7°C की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है और 11-12 मई के दौरान कोई खास बदलाव नहीं होगा।
मध्य भारत में 9 मई तक अधिकतम तापमान में 3-5°C की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है और 10-12 मई के दौरान कोई खास बदलाव नहीं होगा।
पूर्वोत्तर भारत में 6 मई तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा और उसके बाद 7-9 मई के दौरान 3-5°C की क्रमिक वृद्धि होगी। 10-12 मई के दौरान कोई खास बदलाव नहीं होगा।
महाराष्ट्र में 9 मई तक अधिकतम तापमान में 2-3°C की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है और 10-12 मई के दौरान कोई खास बदलाव नहीं होगा।
गुजरात राज्य में 8 मई तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा और उसके बाद 9-12 मई के दौरान 2-4°C की क्रमिक वृद्धि होगी।
देश के बाकी हिस्सों में 12 मई तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।
लू और उमस की चेतावनी: राजस्थान, गुजरात प्रभावित
पश्चिम राजस्थान में 9-11 मई 2026 के दौरान अलग-अलग स्थानों पर लू चलने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर के समय बाहर न निकलें, पानी खूब पिएं और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
कोंकण-गोवा में 6-9 मई के दौरान और गुजरात के तटीय इलाकों में 9-12 मई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को अधिक पानी पीने और धूप में बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
दिल्ली/NCR का मौसम: गरज के साथ छींटे संभव
6 मई 2026: मुख्यतः साफ आसमान जो दोपहर बाद आंशिक रूप से बादलयुक्त हो जाएगा। शाम/रात को गरज के साथ विकास की संभावना। दिल्ली में अधिकतम तापमान 35°C से 37°C के बीच रहने की संभावना है। प्रमुख सतही हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से होगी और दोपहर के समय इसकी रफ्तार 20 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
7 मई 2026: आंशिक रूप से बादलयुक्त आसमान। दोपहर/शाम को गरज के साथ विकास की संभावना। दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 36°C से 38°C और 21°C से 23°C के बीच रहने की संभावना है।
8 मई 2026: मुख्यतः साफ आसमान। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 37°C से 39°C और 22°C से 24°C के बीच रहने की संभावना है।
9 मई 2026: मुख्यतः साफ आसमान। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 38°C से 40°C और 23°C से 25°C के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहेंगे।
आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का प्रभाव और सुझाव
संभावित प्रभाव:
- पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं, बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं
- खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है
- केला और पपीते के पेड़ों को मामूली से बड़ा नुकसान हो सकता है
- बिजली और संचार लाइनों को नुकसान हो सकता है
- तेज हवा/ओले से बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है
- ओले से खुले स्थानों पर लोगों और मवेशियों को चोट लग सकती है
- कच्चे मकानों/दीवारों और झोपड़ियों को मामूली नुकसान हो सकता है
सुझाए गए कदम:
- लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम पर नजर रखें और स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और संभव हो तो यात्रा से बचें
- सुरक्षित आश्रय लें; पेड़ों के नीचे शरण न लें
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों से न टिकें
- बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें
- तुरंत जल निकायों से बाहर निकलें
- बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें
भारी बारिश का प्रभाव और सुझाव
संभावित प्रभाव:
- सड़कों पर स्थानीय जलभराव, निचले इलाकों में जलजमाव और मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होना
- भारी बारिश के कारण कभी-कभी दृश्यता में कमी
- सड़कों पर जलभराव के कारण प्रमुख शहरों में यातायात बाधित होना और यात्रा समय बढ़ना
- कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान
- कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी के धसकने की घटनाएं
- जलभराव के कारण कुछ क्षेत्रों में बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
- कुछ नदी जलग्रहण क्षेत्रों में नदी में बाढ़ आ सकती है
सुझाए गए कदम:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले अपने मार्ग पर यातायात की भीड़ की जांच करें
- इस संबंध में जारी किसी भी यातायात सलाह का पालन करें
- ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जलभराव की समस्या होती है
- कमजोर संरचना में रहने से बचें
किसानों के लिए विशेष सलाह
ओलावृष्टि के लिए:
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ में फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को यांत्रिक क्षति से बचाने के लिए ओला जाल या ओला कैप का उपयोग करें। जलभराव को रोकने के लिए प्रभावी क्षेत्र जल निकासी सुनिश्चित करें। परिपक्व फलों की तुड़ाई जल्द से जल्द करें और कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
भारी बारिश के लिए:
अरुणाचल प्रदेश में धान, मक्का, अन्य खड़ी फसलों, सब्जियों और बगीचों के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें। परिपक्व फसलों की तत्काल कटाई को प्राथमिकता दें और साफ मौसम की स्थिति के दौरान उपज को सूखे, ढके हुए गोदाम में ले जाएं।
असम में फसल के खेतों में पानी के जमाव से बचने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें। बांस की छड़ियों या खंभों का उपयोग करके लंबी फसलों (जैसे केला या गन्ना) और युवा पौधों के लिए यांत्रिक सहायता प्रदान करें।
मेघालय में अदरक, सब्जियों और बगीचों में उचित जल निकासी प्रदान करें। गिरने से रोकने के लिए खंभे/बांस का सहारा दें।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में जलभराव को रोकने के लिए उचित क्षेत्र जल निकासी सुनिश्चित करें, विशेष रूप से अदरक, टमाटर और मिर्च के खेतों में। युवा पौधों की रक्षा के लिए पॉलीथीन शीट या एग्रो-नेट से नर्सरी को ढकें।
केरल में केला, नारियल और अन्य सब्जियों के लिए पर्याप्त जल निकासी प्रदान करें। केले के पौधों को सहारा दें।
तमिलनाडु में उड़द, मूंग, गन्ना और सब्जी के बागानों में पानी के जमाव को रोकने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें।
गरज/तेज हवाओं के लिए:
कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या खेतों में तिरपाल शीट से ढक दें। बागवानी फसलों को यांत्रिक सहायता और सब्जियों और युवा फलों के पौधों को खंभे या सहारा प्रदान करें।
पशुधन/मुर्गी पालन/मत्स्य पालन:
ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित चारा प्रदान करें। चारा और चारे को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें। अतिरिक्त पानी निकालने के लिए तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ एक आउटलेट बनाएं।
मुख्य बातें (Key Points)
• IMD Weather Alert 6 May 2026 – 10-12 मई को उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी-तूफान का ताजा दौर
• केरल-तमिलनाडु में अगले 6-7 दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना
• बीते 24 घंटे में केरल में बहुत भारी बारिश (11-20 cm), महाराष्ट्र के वर्धा में 43.5°C तापमान
• ओलावृष्टि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली में रिकॉर्ड, 6 मई को बिहार, विदर्भ, तेलंगाना में संभावना
• पश्चिम बंगाल में 9 मई को तूफान जैसी हवाएं (50-70 kmph) चलने की चेतावनी
• राजस्थान में 9-11 मई को लू चलने की संभावना, कोंकण-गोवा में गर्म-उमस भरा मौसम
• दिल्ली/NCR में 6-7 मई को गरज के साथ छींटे संभव, तापमान 35-38°C के बीच











