अपनी पहचान के लिए हाईकोर्ट पहुंची 80 साल की बुज़ुर्ग महिला

The News Air-अपनी पहचान के लिए 80 साल की एक बुज़ुर्ग महिला ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। पंजाब के होशियारपुर में रहने वाली प्रभा सूद ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर करके कहा है कि उन्होंने 2002 में अपना नाम शशि सूद से बदलकर प्रभा सूद कर लिया था। उनके पास नए नाम के लिए किसी तरह का फ़ोटो पहचान पत्र नहीं है। इस वजह से बैंक में जमा उनका और उनके स्वर्गवासी पति का पैसा उन्हें मिल नहीं पा रहा है।

महिला ने अपने बदले हुए नाम को मंजूरी दिलाने के लिए इसे गज़ट में पब्लिश करने की अपील की है। पिटीशन दायर करने वाली महिला ने बताया कि उनका जन्म 1941 में हुआ था। 1963 में राम प्रकाश सूद से उनकी शादी हुई थी। 2009 में उनके पति का निधन हो गया था। उनके पास कोई भी फ़ोटो पहचान पत्र नहीं था। बैंक अफ़सर उनसे खाता चालू रखने के लिए यह दस्तावेज़ मांग रहे हैं।

पुराने नाम से शेयर और म्यूचुअल फ़ंड ख़रीदे थे

उनका कहना है कि 1999 में उन्होंने एक बैंक खाता खोला था। तब उन्होंने शशि सूद नाम से शेयर और म्यूचल फ़ंड ख़रीदे थे। साल 2000 के पहले तक वह इस खाते से लगातार शेयर और म्यूचल फ़ंड ख़रीदती रहीं। अब KYC के लिए उनके पास न तो वोटर कार्ड है, न पेन कार्ड है।

दिल्ली में नाम बदलने को मंजूरी की अर्ज़ी दी थी

याचिकाकर्ता ने कहा कि उसे 2012 में होशियारपुर के उपायुक्त द्वारा क़ानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जारी किया गया था। उसने दिल्ली के प्रकाशन विभाग में एक निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत आवेदन जमा किया था, जिसमें सभी आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न किए थे, जिससे यह गज़ट प्रकाशित किया जा सके कि उसने अपना नाम शशि प्रभा सूद, शशि और शशि सूद से बदलकर प्रभा सूद कर लिया है।

अफ़सरों ने आपत्तियां उठाकर नाम नहीं बदला

याचिका में कहा गया है कि विभाग ने कुछ आपत्तियां उठाकर उसके बदले हुए नाम को भारत के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित करने से इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव ने याचिकाकर्ता को अधिकारियों द्वारा पहले जारी एक हलफ़नामा और प्रमाण पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 12 अप्रैल की तारीख़ तय की है।

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