YouTube Investment Course Fraud: भारत में एक बड़ा ऑनलाइन स्कैम सामने आया है जिसमें अवधूत साठे नाम के व्यक्ति ने YouTube पर निवेश की सलाह देने के नाम पर 3 लाख 37 हजार से अधिक लोगों को 600 करोड़ रुपये का चूना लगाया है और अब SEBI ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा है क्योंकि वे बिना पंजीकृत हुए निवेश की सलाह दे रहे थे। पिछले 5 वर्षों में 3,37,000 लोगों ने 546 करोड़ रुपये के कोर्स खरीदे जिसका मतलब है कि एक आदमी ने औसतन 16,202 रुपये अवधूत साठे को दिए।
कैसे चला यह कारोबार?
अवधूत साठे ने YouTube पर कोर्स बेचने का बिजनेस शुरू किया जिसमें लोगों को शेयर मार्केट में पैसे लगाने की टिप्स सिखाई जाती थीं। यह कोर्स फ्री नहीं था और फीस देकर लाखों लोगों ने इसे ज्वाइन किया। लोगों ने सोचा कि वे निवेश करना सीखेंगे और पैसे कमाएंगे लेकिन असलियत कुछ और थी। कोर्स ज्वाइन करने के इस बिजनेस से अवधूत साठे ने करोड़ों कमाए।
SEBI ने क्यों भेजा नोटिस?
SEBI यानी Securities and Exchange Board of India ने अवधूत साठे को नोटिस भेजा है क्योंकि वे पंजीकृत नहीं हैं और बिना पंजीकरण के निवेश की सलाह नहीं दी जा सकती। SEBI के नियमों के मुताबिक निवेश सलाहकार का पंजीकृत होना अनिवार्य है और बिना इसके कोई भी व्यक्ति शेयर मार्केट या निवेश से संबंधित सलाह नहीं दे सकता। उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया है जिसमें पूछा गया है कि वे बिना रजिस्ट्रेशन के निवेश की सलाह कैसे दे रहे थे।
आम आदमी पर असर
यह मामला उन लाखों लोगों के लिए चिंता का विषय है जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई के 16-17 हजार रुपये देकर यह कोर्स खरीदा था। उन्हें उम्मीद थी कि वे शेयर मार्केट से पैसे कमाना सीखेंगे लेकिन अब पता चला कि जिससे वे सीख रहे थे वो खुद SEBI में रजिस्टर्ड नहीं था। कोई भी किसी को सपना बेच दे रहा है और लोग पैसा देकर खरीद ले रहे हैं यह आज के भारत की तस्वीर है।
केंद्रीय मंत्री का विवादित बयान
इसी संदर्भ में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का एक विवादित बयान भी सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि वे सांसद निधि फंड से 10% कमीशन लेते हैं और हर विधायक-सांसद लेता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके विधायक बेटे को भी कम से कम 5% कमीशन लेना ही चाहिए। यह बयान सार्वजनिक रूप से दिया गया लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- अवधूत साठे ने 5 साल में 3.37 लाख लोगों से 546 करोड़ रुपये के कोर्स बेचे
- औसतन एक व्यक्ति ने 16,202 रुपये दिए निवेश सीखने के नाम पर
- SEBI ने नोटिस भेजा क्योंकि वे बिना रजिस्ट्रेशन के निवेश सलाह दे रहे थे
- केंद्रीय मंत्री मांझी ने सांसद निधि से कमीशन लेने की बात स्वीकारी
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