Tamil Nadu Assembly Elections 2026: भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 23 अप्रैल 2026 का दिन तमिलनाडु के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। देखा जाए तो राज्य ने अपने पिछले सभी विधानसभा चुनावों के मतदान प्रतिशत को पीछे छोड़ते हुए शाम 6 बजे तक 84.29 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की। यह आंकड़ा भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के अनुसार है।
समझने वाली बात यह है कि इससे पहले तमिलनाडु का सर्वोच्च मतदान प्रतिशत 2011 के चुनावों में 78.29 प्रतिशत था, जब AIADMK ने शानदार जीत हासिल की थी। अब 2026 में यह रिकॉर्ड लगभग 6 प्रतिशत अंकों से टूट गया है।
विशेष गहन संशोधन से कम हुई मतदाता संख्या
अगर गौर करें तो एक दिलचस्प पहलू यह है कि विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) के माध्यम से मतदाता सूची का आकार अक्टूबर 2025 में दर्ज 6.41 करोड़ से घटकर वर्तमान 5.73 करोड़ हो गया है। परिणामस्वरूप, 2021 के चुनावों में लगभग 6.29 करोड़ लोग पंजीकृत थे, जो इस वर्ष की तुलना में 56 लाख मतदाता अधिक थे।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मतदाता संख्या में कमी के बावजूद मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई है, जो मतदाताओं की बढ़ती जागरूकता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का संकेत है।
करूर जिले ने बनाया सर्वोच्च रिकॉर्ड
गुरुवार को करूर जिले ने 91.86 प्रतिशत मतदान के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। यह आंकड़ा उल्लेखनीय है और दर्शाता है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतांत्रिक चेतना कितनी मजबूत है।
दिलचस्प बात यह है कि विभिन्न जिलों में मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहा:
- चेन्नई: 83.09 प्रतिशत
- मदुरै: 80.15 प्रतिशत
- कोयंबटूर: 84.40 प्रतिशत
- तिरुचिरापल्ली: 85.04 प्रतिशत
मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के क्षेत्र में भी उच्च मतदान
चेन्नई की कोलाथुर विधानसभा सीट, जहां से DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन चुनाव लड़ रहे हैं, ने शाम 6 बजे तक 85.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया।
चेपक-तिरुवल्लिकेनी सीट पर 83.58 प्रतिशत मतदान हुआ। उपमुख्यमंत्री और स्टालिन के बेटे उधयनिधि इस शहरी सीट से दूसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
एडप्पाडी में पलानीस्वामी की सीट पर रिकॉर्ड वोटिंग
सलेम जिले की एडप्पाडी सीट पर 91.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। AIADMK के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के पलानीस्वामी अपने पारंपरिक गढ़ से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें DMK से चुनौती मिल रही है।
समझने वाली बात है कि अभिनेता विजय की TVK (तमिलगा वेट्री कड़गम) पार्टी एक स्वतंत्र उम्मीदवार का समर्थन कर रही है क्योंकि पार्टी के नामित उम्मीदवार के चुनावी कागजात तकनीकी आधार पर जांच के दौरान खारिज कर दिए गए थे।
अभिनेता विजय की दोनों सीटों पर अच्छा मतदान
तिरुचिरापल्ली पूर्व, जहां से तमिलगा वेट्री कड़गम के मुखिया विजय चुनाव लड़ रहे हैं, में शाम 6 बजे तक 81.55 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। विजय चेन्नई की पेरंबूर सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहां 89.20 प्रतिशत मतदान हुआ।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि फिल्म स्टार से राजनीति में आए विजय की लोकप्रियता का असर मतदाताओं की भागीदारी में साफ नजर आया।
प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने डाला वोट
AIADMK के उम्मीदवार और रॉयपुरम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे डी जयकुमार, और BJP नेता खुशबू ने गुरुवार को चेन्नई में एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। वोट डालने के बाद उन्होंने अपनी स्याही लगी उंगली दिखाई।
तमिलनाडु के विभिन्न मतदान केंद्रों पर लोगों को कतारों में खड़े होकर वोट डालते हुए देखा गया। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही, जो लोकतंत्र के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है।
जिलेवार मतदान का विस्तृत विवरण
विभिन्न जिलों में मतदान प्रतिशत का विवरण इस प्रकार है:
करूर: 91.86% (सर्वोच्च)
एडप्पाडी (सलेम): 91.61%
पेरंबूर (चेन्नई): 89.20%
कोलाथुर (चेन्नई): 85.63%
तिरुचिरापल्ली: 85.04%
कोयंबटूर: 84.40%
चेपक-तिरुवल्लिकेनी: 83.58%
चेन्नई (समग्र): 83.09%
तिरुचिरापल्ली पूर्व: 81.55%
मदुरै: 80.15%
2011 का रिकॉर्ड टूटना: ऐतिहासिक महत्व
कहने का मतलब साफ है कि 2011 में 78.29 प्रतिशत मतदान के साथ AIADMK ने शानदार जीत हासिल की थी और जयललिता मुख्यमंत्री बनी थीं। अब 2026 में 84.29 प्रतिशत मतदान के साथ यह रिकॉर्ड टूट गया है।
यह बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत कई कारकों का परिणाम हो सकता है:
- चुनाव आयोग की बेहतर व्यवस्था
- मतदाता जागरूकता अभियान
- राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी
- सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार
- युवा मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी
चुनाव की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
गुरुवार को तमिलनाडु के 234 निर्वाचन क्षेत्रों में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। सुरक्षा बलों की तैनाती हर मतदान केंद्र पर की गई थी। मतदाता पहचान पत्र की जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहते हुए देखा गया।
चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित किया कि हर मतदाता को बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिले।
महिला मतदाताओं की सराहनीय भागीदारी
दिलचस्प बात यह है कि महिला मतदाताओं की भागीदारी भी काफी प्रभावशाली रही। चेन्नई में विधानसभा चुनावों के दौरान एक मतदान केंद्र पर महिलाएं अपने पहचान पत्र दिखाते हुए कतार में खड़ी नजर आईं।
यह महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
राजनीतिक दलों का प्रदर्शन
हालांकि मतदान के परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन उच्च मतदान प्रतिशत से संकेत मिलता है कि:
- मतदाताओं में राजनीतिक जागरूकता बढ़ी है
- सभी प्रमुख दलों ने सक्रिय प्रचार किया
- क्षेत्रीय मुद्दों ने मतदाताओं को प्रभावित किया
- सोशल मीडिया का प्रभाव स्पष्ट था
तमिलनाडु की राजनीतिक विरासत
तमिलनाडु की राजनीति में DMK और AIADMK का दबदबा रहा है। एम करुणानिधि, जयललिता, एम जी रामचंद्रन जैसे दिग्गज नेताओं ने राज्य की राजनीति को आकार दिया है।
अब नई पीढ़ी के नेता एम के स्टालिन, उधयनिधि स्टालिन, और नए चेहरे अभिनेता विजय राजनीतिक परिदृश्य में सक्रिय हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
• तमिलनाडु ने 23 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनावों में शाम 6 बजे तक 84.29% मतदान दर्ज कर अपना सर्वोच्च रिकॉर्ड तोड़ा।
• पिछला सर्वोच्च मतदान 2011 में 78.29% था जब AIADMK ने जीत हासिल की थी।
• करूर जिले ने 91.86% मतदान के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि एडप्पाडी में 91.61% मतदान हुआ।
• मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की कोलाथुर सीट पर 85.63% और उपमुख्यमंत्री उधयनिधि की चेपक-तिरुवल्लिकेनी सीट पर 83.58% मतदान हुआ।
• अभिनेता विजय की तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट पर 81.55% और पेरंबूर सीट पर 89.20% मतदान दर्ज किया गया।
• विशेष गहन संशोधन से मतदाता संख्या 6.41 करोड़ से घटकर 5.73 करोड़ हो गई, फिर भी मतदान प्रतिशत बढ़ा।













