LIVE | ...
बुधवार, 10 जून 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - BJP के ब्राह्मण कार्ड की सपा ने कुर्मी के सहारे निकाली काट, अखिलेश ने ऐसे रचा जातीय चक्रव्यूह

BJP के ब्राह्मण कार्ड की सपा ने कुर्मी के सहारे निकाली काट, अखिलेश ने ऐसे रचा जातीय चक्रव्यूह

The News Air Team by The News Air Team
मंगलवार, 30 अप्रैल 2024
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय, सियासत
A A
0
अखिलेश यादव
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

अखिलेश यादव ने यादव-मुस्लिम की जगह कुर्मियों को राजनीतिक तवज्जो देकर बीजेपी के खिलाफ जबरदस्त तरीके से जातीय चक्रव्यूह रचा है. सपा ने सूबे की 9 लोकसभा सीटों पर कुर्मी समुदाय के प्रत्याशी उतारे हैं, जो पार्टी में किसी एक समुदाय के सबसे ज्यादा उम्मीदवार हैं. यूपी में पिछड़ी जातियों में यादव समाज के बाद सर्वाधिक आबादी कुर्मी समाज की मानी जाती है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की सियासत में 2014 से एक के बाद एक गठबंधन का सियासी प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक बीजेपी को मात देने का फॉर्मूला नहीं तलाश सके हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव पीडीए के जरिए नया सियासी समीकरण लिखने में जुटे हैं. सपा स्थापना से लेकर अब तक हुए चुनावों में मुस्लिम-यादव कॉबिनेशन पर ही चुनाव लड़ती रही है, लेकिन इस बार यादव-मुस्लिम की जगह कुर्मियों को राजनीतिक तवज्जो देकर बीजेपी के खिलाफ जबरदस्त तरीके से जातीय चक्रव्यूह रचा है. ऐसे में देखना है कि अखिलेश का ‘कांटे से कांटा’ निकालने का दांव कितना कारगर रहता है?

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने एक नई सोशल इंजीनियरिंग के जरिए अपने सियासी वनवास को ही खत्म नहीं किया बल्कि एक के बाद एक चुनावी जंग जीतकर अपनी जड़ों कोभी मजबूत करने का काम किया है. बीजेपी ने अपने सवर्ण खासकर ब्राह्मण वोट बैंक को साधे रखते हुए गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित समुदाय को जोड़ने में कामयाब रही. यूपी में ओबीसी जातियों में यादव समाज के बाद सबसे अधिक आबादी कुर्मी समाज की मानी जाती है, जो बीजेपी का कोर वोट बैंक बना चुका है. सपा इसी कुर्मी समाज को बीजेपी से दूर करने और अपने साथ जोड़ने के लिए मशक्कत कर रही है. इसके लिए सपा ने बीजेपी के ब्राह्मण कार्ड को काउंटर करने के लिए कुर्मी दांव चला है.

यह भी पढे़ं 👇

Financial Union Territor

क्या Mumbai बनेगा India का पहला Financial Union Territory?

बुधवार, 10 जून 2026
UP Exports 2 Lakh Crore

UP ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: Export ₹2 Lakh Crore पार

बुधवार, 10 जून 2026
Oil Tanker

अमेरिकी वारप्लेन ने Oil Tanker पर किया हमला, 24 भारतीयों की जान खतरे में

बुधवार, 10 जून 2026
UPSC Preparation

UPSC Preparation में Brain Fog से बचें, जानें Expert Tips

बुधवार, 10 जून 2026
सपा ने उतारा कुर्मी कैंडिडेट

अखिलेश यादव सूबे में कुर्मी समाज को अपने पाले में लाने और बनाए रखने की लामबंदी कर रहे हैं. इसके लिए सपा ने सूबे की 9 लोकसभा सीटों पर कुर्मी समुदाय के प्रत्याशी उतारे हैं, जो पार्टी में किसी एक समुदाय के सबसे ज्यादा उम्मीदवार हैं. अखिलेश ने कुर्मी समाज से लखीमपुर खीरी सीट पर उत्कर्ष वर्मा, बांदा सीट पर शिवशंकर पटेल, अंबेडकर नगर सीट पर लालजी वर्मा, बस्ती सीट पर रामप्रसाद चौधरी, प्रतापगढ़ सीट पर डॉ. एसपी सिंह पटेल, गोंडा सीट पर श्रेया वर्मा, पीलीभीत सीट पर भगवत सरन गंगवार, श्रावस्ती सीट पर राम शिरोमणि वर्मा और फतेहपुर सीट पर डॉ. अशोक पटेल को प्रत्याशी बनाया है.

ब्राह्मण बनाम कुर्मी की बिसात

समाजवादी पार्टी ने 9 सीटों में से पांच सीटों पर कुर्मी कैंडिडेट को बीजेपी के ब्राह्मण समुदाय के उम्मीदवार के खिलाफ उतारे हैं. इसके अलावा सपा ने बीजेपी के एक सीट पर ठाकुर, एक सीट पर मल्लाह और एक सीट पर वैश्य समुदाय के खिलाफ कुर्मी समुदाय के उम्मीदवार को उतारा है. सपा ने बांदा सीट पर भी कुर्मी दांव चला है, जहां बीजेपी ने भी कुर्मी समुदाय के प्रत्याशी को उतार रखा है. सपा ने ब्राह्मणों के खिलाफ कुर्मी दांव पांच सीटों पर चले हैं, जिसमें खीरी सीट पर बीजेपी के अजय मिश्रा टेनी, अंबेडकरनगर में रितेश पांडेय, बस्ती सीट पर हरीश द्विवेदी, श्रावस्ती सीट पर साकेत मिश्रा और पीलीभीत सीट पर जितिन प्रसाद की सीट शामिल है.

वरिष्ठ पत्रकार विजय उपाध्याय कहते हैं सपा ने बहुत ही सोची-समझी रणनीति के तहत बीजेपी के ब्राह्मण उम्मीदवारों के खिलाफ अपने कुर्मी प्रत्याशी को उतारा है, क्योंकि यूपी में कुर्मी और ब्राह्मण दोनों ही बीजेपी के कोर वोट बैंक हैं. सपा ने बांदा सीट को छोड़कर किसी भी ऐसी सीट पर कुर्मी प्रत्याशी नहीं दिए, जिस पर बीजेपी या फिर अपना दल के कुर्मी प्रत्याशी हों. कुर्मी समाज के वोटिंग पैटर्न को देखें तो पार्टी से ज्यादा उसके लिए अपने जाति के प्रति झुकाव दिखता है. इसके चलते ही अखिलेश यादव ने इस बार यादव से ज्यादा कुर्मी कैंडिडेट दिए हैं और ब्राह्मणों के खिलाफ ब्राह्मण बनाम कुर्मी की सियासी बिसात अखिलेश यादव ने बिछाने की कवायद की है, जिसका काउंटर करना बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा.

अखिलेश की रणनीति के मायने

दरअसल, यूपी में अब सीधी लड़ाई की ओर बढ़ रहे लोकसभा चुनाव में जीत के लिए 40 फीसदी से 45 फीसदी वोट जरूरी हो गया है. वह भी तब जब कोई चुनाव को कुछ हद तक त्रिकोणीय बनाए. 2019 में बीजेपी गठबंधन ने 51 फीसदी वोट हासिल किए थे. अखिलेश यादव यह समझ चुके हैं कि लगभग 27-28 फीसदी यादव-मुस्लिम वोटरों के भरोसे वह लड़ाई में दिख तो सकते हैं, लेकिन जीत नहीं सकते इसलिए अपने वोट बेस के विस्तार पर फोकस किया है और उन्होंने एम-वाई समीकरण के बजाय पीडीए यानि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक का फॉर्मूला दिया है इसलिए सपा ने इस बार यादव और मुस्लिम से ज्यादा कुर्मी और अन्य ओबीसी को उतारा है.

2022 के विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन को 37 फीसदी के करीब वोट मिले थे. इसमें 10 फीसदी वोट अकेले सपा के ही बढ़े थे. सीएसडीएस के सर्वे की मानें तो 2017 की अपेक्षा 2022 में सपा को कुर्मी को 9 फीसदी अधिक वोट मिले थे. इसलिए सपा ने इस बार ओबीसी में सबसे ज्यादा भरोसा कुर्मी समाज पर किया है, जो फिलहाल बीजेपी का कोर वोटबैंक माना जाता है. सपा ने इस बार कुर्मी समुदाय के प्रत्याशी 2019 के चुनाव की तुलना में दोगुना उतारे हैं.

वरिष्ठ पत्रकार सैय्यद कासिम कहते हैं कि सपा ने बहुत की रणनीति के साथ कुर्मी कैंडिडेट दिए हैं ताकि बीजेपी के कुर्मी कैंडिडेट के साथ किसी तरह की टकराव की स्थिति न बन सके. सपा इस बात को जानती है कि बीजेपी के कुर्मी बनाम सपा की कुर्मी के बीच फाइट होने में कुर्मियों का झुकाव बीजेपी की तरफ हो सकता है. इसीलिए अखिलेश ने बीजेपी के ब्राह्मण उम्मीदवारों के खिलाफ कुर्मी प्रत्याशी उतारे हैं, जिसके चलते कुर्मी समुदाय का वोट सपा को मिल सकता है. कुर्मी समुदाय के लिए पार्टी ज्यादा पसंद अपनी सजातीय उम्मीदवार की होती है. 2022 में ओबीसी समाज से जीतने वाली कुर्मी समुदाय के सबसे ज्यादा विधायक थी, बीजेपी से लेकर सपा और कांग्रेस से भी जीत दर्ज की थी.

यूपी में पिछड़ी जातियों में यादव समाज के बाद सर्वाधिक आबादी कुर्मी समाज की मानी जाती है. माना जाता है कि पिछड़ी जातियों में कुर्मी करीब आठ फीसदी हैं. प्रदेश में लोकसभा की करीब 35 सीटों को कुर्मी मतदाता प्रभावित करते हैं, जबकि सूबे की 25 से अधिक ऐसी सीटें हैं जहां से कभी न कभी कुर्मी सांसद निर्वाचित हुए हैं. मौजूदा समय में 41 कुर्मी विधायक हैं, जिसमें से 27 बीजेपी से हैं, 13 सपा और एक कांग्रेस से है. पांच विधान परिषद सदस्य भी कुर्मी हैं. 80 में से आठ सांसद भी कुर्मी समाज से हैं. योगी सरकार में तीन कैबिनेट और एक राज्य मंत्री कुर्मी समाज से ही हैं. सपा के प्रदेश अध्यक्ष कुर्मी हैं, जबकि बीजेपी के स्वतंत्र देव सिंह पहले अध्यक्ष रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में कुर्मी समाज को पटेल, गंगवार, सचान, कटियार, निरंजन, चौधरी और वर्मा जैसे उपनाम से जाना जाता है. रुहेलखंड में कुर्मी गंगवार और वर्मा से पहचाने तो कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में कुर्मी, पटेल, कटियार, निरंजन और सचान कहलाते हैं. अवध में कुर्मी समाज के लोग वर्मा, चौधरी और पटेल नाम से जाने जाते हैं. रामपूजन वर्मा, रामस्वरूप वर्मा, बरखू राम वर्मा, बेनी प्रसाद और सोनेलाल पटेल यूपी की राजनीति में कुर्मी समाज के दिग्गज नेता माने जाते थे, लेकिन सभी की पकड़ अपने-अपने इलाके में ही थी.

कुर्मी समाज का यूपी में प्रभाव

कुर्मी समाज की उत्तर प्रदेश में संत कबीर नगर, महाराजगंज, कुशीनगर, मिर्जापुर, सोनभद्र, बरेली, उन्नाव, जालौन, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थ नगर, बस्ती, बाराबंकी, कानपुर, अकबरपुर, एटा, बरेली और लखीमपुर जिलों में ज्यादा आबादी है. इन क्षेत्र की लोकसभा सीटों पर कुर्मी समुदाय को लोग जीतने की स्थिति में है या फिर किसी को जिताने की ताकत रखते हैं. सूबे में कुर्मियों को कोई एक नेता नहीं बल्कि हर इलाके अपने-अपने क्षत्रप हैं. इन्हीं क्षत्रपों के सहारे राजनीतिक दल अपने सियासी समीकरण को साधने का दांव चलता है. इसीलिए सपा ने इस बार कुर्मी पर बड़ा दांव खेला है, लेकिन देखना है कि क्या सपा की नैया पार लगाते हैं?

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

पूर्व पीएम के पोते ने महिलाओं के 3000 अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया,

Next Post

PM Modi का 5 मई को अयोध्‍या में रोड शो, रामलला के कर सकते हैं दर्शन

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Financial Union Territor

क्या Mumbai बनेगा India का पहला Financial Union Territory?

बुधवार, 10 जून 2026
UP Exports 2 Lakh Crore

UP ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: Export ₹2 Lakh Crore पार

बुधवार, 10 जून 2026
Oil Tanker

अमेरिकी वारप्लेन ने Oil Tanker पर किया हमला, 24 भारतीयों की जान खतरे में

बुधवार, 10 जून 2026
UPSC Preparation

UPSC Preparation में Brain Fog से बचें, जानें Expert Tips

बुधवार, 10 जून 2026
Nuclear Warheads

भारत ने तैनात किए 12 Nuclear Warheads, SIPRI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

बुधवार, 10 जून 2026
Alexander the Great

10 जून का इतिहास: Alexander the Great की मौत से लेकर Spirit Rover तक की बड़ी घटनाएं

बुधवार, 10 जून 2026
Next Post
PM Modi

PM Modi का 5 मई को अयोध्‍या में रोड शो, रामलला के कर सकते हैं दर्शन

अखिलेश यादव

Hassan Sex Scandal: जेडीएस ने सांसद प्रज्वल रेवन्ना को पार्टी से किया सस्पेंड,

अखिलेश यादव

'वाराणसी एयरपोर्ट पर बम फिट है, रिमोट दबाते धमाका होगा',

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।