Southwest Monsoon 2026 India: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जून 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बड़ी जानकारी दी है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आज शेष आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में अपना विस्तार कर लिया है।
और बस यहीं से शुरू हो गई देश के कई हिस्सों में बारिश की कहानी। देखा जाए तो मॉनसून इस बार अपने समय से थोड़ा आगे चल रहा है और किसानों के साथ-साथ आम जनता के लिए भी राहत की खबर लेकर आया है।
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में मॉनसून की बारिश शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर तेलंगाना और विदर्भ जैसे इलाकों में अगले 2-3 दिनों तक हीट वेव (लू) की स्थिति बनी रहने की चेतावनी जारी की गई है। यह मौसम की विविधता का जीता-जागता उदाहरण है।
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मॉनसून की उत्तरी सीमा: अब कहां पहुंचा?
IMD के अनुसार 15 जून 2026 तक मॉनसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) निम्नलिखित स्थानों से होकर गुजर रही है: 18°N/60°E, 18°N/65°E, 18°N/70°E, हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर और 28.3°N/83°E।
समझने वाली बात यह है कि मॉनसून अब मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले 4-5 दिनों में यह मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ने की संभावना है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मॉनसून की यह प्रगति देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। खरीफ की बुवाई का मौसम शुरू हो चुका है और किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
मॉनसून की वर्तमान स्थिति (15 जून 2026):
| क्षेत्र | मॉनसून की स्थिति |
|---|---|
| आंध्र प्रदेश | पूरी तरह कवर |
| पश्चिम बंगाल | पूरी तरह कवर |
| पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी | पूरी तरह कवर |
| तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार | कुछ और हिस्सों में विस्तार |
| अगले 4-5 दिन | महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ में प्रवेश संभावित |
Sub-Himalayan इलाकों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में अगले 6-7 दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
अगर गौर करें तो यह चेतावनी काफी गंभीर है क्योंकि इन इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन, बाढ़ और जनजीवन अस्त-व्यस्त होने का खतरा रहता है।
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भारी बारिश की विस्तृत चेतावनी:
सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम:
- 15-16 जून और 21 जून को भारी बारिश
- 17-20 जून के दौरान अति भारी बारिश (115.6-204.4 mm से अधिक) की संभावना
अरुणाचल प्रदेश:
- 15-17 जून को भारी बारिश
- 18-21 जून के दौरान अति भारी बारिश की संभावना
असम और मेघालय:
- 15-16 जून को भारी बारिश
- 17-21 जून के दौरान अति भारी बारिश की संभावना
अन्य क्षेत्र जहां भारी बारिश संभव:
- बिहार: 16 और 19 जून को
- ओडिशा: 15 जून को
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: 16-18 जून
- केरल और माहे: 16 जून को
हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में असम के कोकराझार में 12 सेमी बारिश दर्ज की गई, जो इस मौसम की अब तक की सबसे अधिक बारिश है।
तूफानी हवाओं और आंधी की चेतावनी: 80 kmph तक की रफ्तार
IMD ने देश के विभिन्न हिस्सों में तूफानी हवाओं, गरज के साथ बिजली गिरने और धूल भरी आंधी की भी चेतावनी जारी की है।
सबसे खतरनाक चेतावनी:
60-80 kmph तक की तूफानी हवाएं:
- पूर्वी राजस्थान, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब: 15 जून को
- पश्चिमी राजस्थान: 15-16 जून को
50-70 kmph तक की हवाएं:
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 15 जून को
- पूर्वी राजस्थान: 17-18 जून को
- पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: 15 जून को
- बिहार: 20-21 जून को
- ओडिशा: 15 जून और 17-18 जून को
चिंता का विषय यह है कि पिछले 24 घंटों में राजस्थान के अजमेर में 96 kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि जयपुर में 80 kmph और तेलंगाना के सिद्दीपेट में 83 kmph की रफ्तार दर्ज की गई।
पिछले 24 घंटों में दर्ज तूफानी हवाओं की रफ्तार:
| स्थान | रफ्तार (kmph) |
|---|---|
| अजमेर (राजस्थान) | 96 |
| सिद्दीपेट (तेलंगाना) | 83 |
| जयपुर (राजस्थान) | 80 |
| पोखरनी फाटा (मराठवाड़ा) | 76 |
| धेनकनाल (ओडिशा) | 68 |
| नागौर (पश्चिमी राजस्थान) | 68 |
| झांसी (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) | 65 |
| खावड़ा (सौराष्ट्र और कच्छ) | 63 |
समझने वाली बात यह है कि ऐसी तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बिजली और संचार लाइनें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है।
तेलंगाना और विदर्भ में Heat Wave की चेतावनी
जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है, वहीं दूसरी ओर तेलंगाना और विदर्भ में अगले 2-3 दिनों तक हीट वेव (लू) की स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की गई है।
हीट वेव की चेतावनी:
- तेलंगाना: 15-16 जून को
- विदर्भ: 15-17 जून तक
इसके साथ ही कोंकण और गोआ, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और ओडिशा में 15-17 जून के दौरान गर्म और आर्द्र मौसम (Hot and Humid weather) की स्थिति रहने की संभावना है।
राहत की बात यह है कि उत्तर-पश्चिम भारत में 18 जून तक अधिकतम तापमान में 2-4°C की धीरे-धीरे वृद्धि होगी, उसके बाद 19-21 जून के दौरान कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।
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तापमान की स्थिति (14 जून 2026):
- सबसे अधिक तापमान: फलोदी (राजस्थान) में 42.8°C दर्ज किया गया
- मध्य और पूर्वी भारत, उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान 36-40°C के बीच रहा
दिल्ली-NCR का मौसम: तूफानी हवाओं के साथ बारिश की संभावना
राजधानी दिल्ली और NCR के लोगों के लिए भी IMD ने विशेष मौसम अपडेट जारी किया है।
15 जून 2026 (आज):
- आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, दोपहर बाद सामान्यतः बादल छाए रहेंगे
- दोपहर/शाम को हल्की बारिश के साथ गरज, बिजली, धूल भरी आंधी और 50-60 kmph (70 kmph तक के झोंके) की तेज हवाओं की संभावना
- अधिकतम तापमान: 35-37°C
16 जून 2026:
- आंशिक रूप से बादल
- दोपहर/शाम को हल्की बारिश के साथ गरज, बिजली और 40-50 kmph (60 kmph तक के झोंके) की हवाएं
- अधिकतम तापमान: 38-40°C
- न्यूनतम तापमान: 26-28°C
17 जून 2026:
- आंशिक रूप से बादल
- अधिकतम तापमान: 39-41°C (सामान्य से अधिक)
- न्यूनतम तापमान: 27-29°C
18 जून 2026:
- आंशिक रूप से बादल
- अधिकतम तापमान: 40-42°C (सामान्य से अधिक)
- न्यूनतम तापमान: 28-30°C (सामान्य से अधिक)
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 38-39°C और न्यूनतम तापमान 25-28°C के बीच रहा। आंशिक रूप से बादल छाए रहे और हवाएं पश्चिम दिशा से 20 kmph की रफ्तार से चलीं।
मछुआरों के लिए खास चेतावनी: इन इलाकों में न जाएं
IMD ने मछुआरों को 15 जून से 20 जून 2026 तक निम्नलिखित समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त चेतावनी जारी की है:
बंगाल की खाड़ी:
- मन्नार की खाड़ी से सटे कोमोरिन क्षेत्र, श्रीलंका तट
- दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कई हिस्से (15-20 जून)
- दक्षिण म्यांमार तट से सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी (15 जून)
- उत्तरी अंडमान सागर से सटा दक्षिणी अंडमान सागर (15-18 जून)
अरब सागर:
- सोमालिया तट के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्से
- ओमान तट के साथ-साथ उत्तर-पश्चिम अरब सागर (15-20 जून)
- उत्तर-पूर्व अरब सागर (16-20 जून)
समुद्र में तूफानी हवाओं और ऊंची लहरों के कारण मछली पकड़ने का काम खतरनाक हो सकता है।
पिछले 24 घंटों में दर्ज की गई उल्लेखनीय बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में (14 जून सुबह 8:30 बजे से 15 जून सुबह 8:30 बजे तक) निम्नलिखित स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई:
भारी से अति भारी बारिश (12-20 cm):
- असम: कोकराझार (12 cm)
भारी बारिश (7-11 cm):
- तटीय कर्नाटक: कोटा (11 cm)
- ओडिशा: खुर्दा (9 cm)
- झारखंड: बाऊ कांके (9 cm)
- बिहार: कटिहार (9 cm)
- तमिलनाडु: कोठावाचेरी (7 cm)
- तटीय आंध्र प्रदेश: चीपुरुपल्ले (7 cm)
दिलचस्प बात यह है कि इन सभी इलाकों में बारिश की वजह से किसानों को राहत मिली है और फसलों की बुवाई में तेजी आई है।
किसानों के लिए कृषि सलाह: जरूरी उपाय करें
IMD ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह (Agromet Advisory) जारी की है:
अरुणाचल प्रदेश:
- सब्जियों, मक्का, धान नर्सरी और अन्य फसल खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- पके हुए फलों और सब्जियों की कटाई कर लें ताकि फसल के नुकसान से बचा जा सके
असम:
- धान नर्सरी, जूट, अदरक, सब्जियां, केला, खट्टे फल और पपीता के खेतों से अतिरिक्त पानी की त्वरित निकासी के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करें
- भारी बारिश के दौरान साली धान की नर्सरी बुवाई से बचें
- धान नर्सरी की क्यारियों को पतली पॉलिथीन शीट से ढकें
- गन्ने की फसल को गिरने से बचाने के लिए यांत्रिक सहारा प्रदान करें
मेघालय:
- मक्का, अदरक, काउपी, सब्जी खेतों और केले के बागानों में उचित जल निकासी चैनल सुनिश्चित करें
- युवा पौधों को भारी बारिश के सीधे संपर्क से बचाएं
- भारी फल वाले पौधों को सहारे (बांस या लकड़ी के खंभे) का उपयोग करें
सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल:
- धान और अन्य सब्जियों की कटी हुई उपज को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें
- अदरक, टमाटर खेतों और खरीफ धान और सब्जियों की नर्सरी में पर्याप्त जल निकासी प्रदान करें
केरल:
- केला, नारियल, इलायची, अदरक, काली मिर्च और सब्जियों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें
- केले के पौधों में सहारे प्रदान करें और सब्जी फसलों की मचान को मजबूत करें
- भारी बारिश के दौरान धान की रोपाई से बचें
तमिलनाडु:
- धान, बाजरा, मूंगफली, गन्ना, केला और सब्जियों में उचित जल निकासी बनाए रखें
- कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें
विदर्भ और तेलंगाना (हीट वेव क्षेत्र):
- सब्जी फसलों और फलों के बागों में आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें
पशुपालन और मछली पालन के लिए सलाह
पशुधन:
- भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित चारा प्रदान करें
- चारे और फीड को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित जगह पर स्टोर करें
- उच्च तापमान और हीट वेव वाले क्षेत्रों में जानवरों को साफ, ठंडा पीने का पानी दें
- गर्मी के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए पोल्ट्री शेड की छतों को घास से ढकें
मछली पालन:
- तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ एक आउटलेट बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकाला जा सके
- यह ओवरफ्लो की स्थिति में मछलियों को भागने से रोकेगा
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह: यह जरूर करें
IMD ने तूफानी हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश से निपटने के लिए आम जनता को निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है:
तूफानी हवाओं और बिजली गिरने के दौरान:
- मौसम अपडेट पर नजर रखें और खराब होती स्थितियों के प्रति सतर्क रहें
- घर के अंदर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें
- खिड़कियां और दरवाजे मजबूती से बंद कर लें
- सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और खुले क्षेत्रों से बचें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली की गतिविधि के दौरान कंक्रीट के फर्श पर न लेटें या कंक्रीट की दीवारों के पास न झुकें
- बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें
- तुरंत पानी के स्रोतों से बाहर निकल जाएं
- बिजली संचालित करने वाली वस्तुओं से दूर रहें
भारी बारिश के दौरान:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले अपने रास्ते पर ट्रैफिक जाम की जांच करें
- इस संबंध में जारी किसी भी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें
- ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जलभराव की समस्या होती है
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
हीट वेव के दौरान:
- गर्मी के संपर्क से बचें – ठंडे रहें
- निर्जलीकरण से बचें
- पर्याप्त पानी पिएं – भले ही प्यास न लगे
- ORS, लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ जैसे घरेलू पेय का उपयोग करें
उम्मीद की किरण यह है कि अगर लोग इन सुरक्षा उपायों का पालन करें तो जान-माल के नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है।
मॉनसून 2026: अब तक का रिकॉर्ड कैसा?
इससे साफ होता है कि इस साल मॉनसून की प्रगति अपेक्षाकृत अच्छी रही है। केरल में मॉनसून समय पर पहुंचा और अब तेजी से उत्तर की ओर बढ़ रहा है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मॉनसून इसी तरह सक्रिय रहा तो खरीफ की फसलों के लिए यह अत्यंत लाभकारी साबित होगा। धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, दलहन और तिलहन की बुवाई में तेजी आएगी।
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अगले 4-5 दिनों में मॉनसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों में भी पहुंच जाएगा।
मुख्य बातें (Key Points)
• दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 ने 15 जून को आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों में प्रवेश किया
• सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में अगले 6-7 दिनों तक भारी से अति भारी बारिश (115-204 mm से अधिक) की चेतावनी
• तेलंगाना में 15-16 जून और विदर्भ में 15-17 जून तक हीट वेव (लू) की स्थिति बने रहने की संभावना
• पूर्वी राजस्थान, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब में 15 जून को 60-80 kmph तक की तूफानी हवाओं की चेतावनी जारी
• मछुआरों को 15-20 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है












