विवादित वीडियो : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की विवादित वीडियो के चल रहे मामले में आज सुप्रीम सिख धार्मिक संस्था Akal Takht Sahib ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, इस मसले से जुड़ी मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत की वीडियो को जनता के सामने जारी कर दिया है।
देखा जाए तो यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब 15 जनवरी 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान Akal Takht Sahib में अपने खिलाफ चल रहे विभिन्न मामलों के सिलसिले में पेश हुए थे। उस समय उन्होंने अपनी शिकायतों का एक बड़ा थैला भी जथेदार को सौंपा था। अब इसी पेशी के दौरान हुई बातचीत की वीडियो को Akal Takht ने सार्वजनिक कर दिया है, जो इस विवाद में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है।
समझने वाली बात है कि जब मुख्यमंत्री Akal Takht Sahib पेश हुए थे, तब कार्यकारी जथेदार गियानी कुलदीप सिंह गर्गज ने उनसे इस कथित वीडियो को लेकर सवाल पूछे थे। Akal Takht Sahib ने उस पूरी बातचीत की वीडियोग्राफी करवाई थी, और आज उसी का एक अहम हिस्सा जनता के सामने रखा गया है।
दिलचस्प बात यह है कि यह वीडियो अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) की अंतरिम समिति को भी सौंप दी गई है, जिसे समिति के सदस्यों ने बारीकी से देखा और सुना भी है।
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CM भगवंत मान का पक्ष: ‘यह बिल्कुल नकली है’
जारी की गई वीडियो-ऑडियो में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए बिल्कुल साफ कह रहे हैं कि यह वीडियो “बिल्कुल नकली है” और इसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने अपनी बात में यह भी कहा कि वह खुद चाहते हैं कि इस वीडियो की पूरी जांच होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने फोरेंसिक लैबों के नाम देने की भी बात कही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि इस तरह की फर्जी वीडियो बनाना आज के AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) युग में आसान हो गया है और ऐसा उनके साथ ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रमुख हस्तियों के साथ भी हो चुका है।
इससे साफ होता है कि भगवंत सिंह मान खुद को इस मामले में पूरी तरह से निर्दोष बता रहे हैं और इस फर्जी वीडियो के खिलाफ कानूनी और वैज्ञानिक जांच की मांग कर रहे हैं।
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जथेदार का निर्देश: दो फोरेंसिक लैबों से कराएं जांच
वहीं, इस मामले में Akal Takht Sahib के कार्यकारी जथेदार गियानी कुलदीप सिंह गर्गज ने सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि वह सरकार की ओर से दो फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के नाम बताएं, जहां से इस वीडियो की जांच कराई जा सके। यह मांग इसलिए की गई ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय बनी रहे।
जथेदार ने यह भी स्पष्ट किया कि Akal Takht Sahib अपने स्तर पर भी दो अलग-अलग प्रयोगशालाओं से इस वीडियो की जांच करवाएगा, लेकिन सरकार को भी अपनी तरफ से ऐसा करना चाहिए।
उन्होंने एक अहम बात और कही कि यह मामला गुरु साहिबान से जुड़ा हुआ है, इसलिए अगर वीडियो गलत पाई जाती है, तो किसी की भी बिना सबूत के किरदारकुशी नहीं होनी चाहिए। लेकिन इसका सच तो फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आ सकता है। वीडियो के सही या गलत होने का निर्णय जांच के बाद ही लिया जाएगा।
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भगवंत मान ने दी जांच कराने की सहमति
इस पूरी बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वीडियो की जांच कराने के लिए अपनी सहमति दे दी है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह इस मामले में कोई भी कानूनी और वैज्ञानिक जांच के लिए तैयार हैं।
जब जथेदार ने उनसे सरकार की तरफ से दो फोरेंसिक लैबों के नाम बताने को कहा, तो मुख्यमंत्री ने इस पर अपनी मंजूरी दे दी। इसका मतलब यह है कि इस विवाद का फैसला अब अदालत की तरह फोरेंसिक जांच के जरिए होगा, जो कि इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि वीडियो झूठी पाई जाती है, तो यह मुख्यमंत्री के लिए बड़ी राहत होगी, लेकिन अगर यह सच्ची निकलती है, तो इसके राजनीतिक और धार्मिक परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं। Akal Takht ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले का आगामी फैसला खालसा पंथ की तरफ से किया जाएगा।
सवाल उठता है: क्या यह वाकई AI से बनाई गई वीडियो है?
अब सबसे बड़ा सवाल जो मन में आता है, वह यह है कि क्या यह वीडियो वाकई एआई तकनीक का इस्तेमाल करके बनाई गई है? मुख्यमंत्री ने अपनी बात में इसका जिक्र करते हुए कहा कि आज के समय में एआई के जरिए ऐसी वीडियो बनाना आम बात हो गई है।
अगर गौर करें तो पिछले कुछ समय में कई प्रमुख राजनेताओं और हस्तियों की ऐसी फर्जी वीडियो सामने आई हैं। ऐसे में इस मामले की जांच यह तय करेगी कि इस तकनीक का इस्तेमाल करके कोई बड़ी साजिश की गई है या फिर यह कोई और मामला है।
जांच के नतीजों का इंतजार बहुत ही महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह न केवल मुख्यमंत्री की राजनीतिक छवि को प्रभावित करेगा, बल्कि पंजाब के धार्मिक और राजनीतिक माहौल पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला?
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस वीडियो में उन्हें कुछ ऐसी बातें कहते हुए दिखाया गया था, जिसे लेकर सिख संगठनों और धार्मिक नेताओं ने गंभीर आपत्ति जताई थी।
मामला इतना बढ़ा कि Akal Takht Sahib ने इस वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री को तलब किया और उनसे जवाब मांगा। उन्होंने 15 जनवरी 2026 को अकाल तख्त पर पेश होकर अपना पक्ष रखा और अपनी शिकायतों का थैला भी जथेदार को सौंपा।
अब Akal Takht ने उस बातचीत की वीडियो जारी कर इस मामले में पारदर्शिता दिखाई है। आगे की प्रक्रिया के रूप में वीडियो की फोरेंसिक जांच का रास्ता साफ हो गया है।
अहम बातें (Key Points)
Akal Takht Sahib ने विवादित वीडियो मामले में CM भगवंत मान के साथ हुई बातचीत की वीडियो जारी की
CM भगवंत मान ने वीडियो को “बिल्कुल नकली” और AI से बना हुआ बताया
Akal Takht ने सरकारी फोरेंसिक लैबों से जांच कराने का निर्देश दिया
CM ने इस वीडियो की जांच कराने के लिए अपनी सहमति दे दी है
यह वीडियो SGPC की अंतरिम समिति को भी सौंपी गई है










