LIVE | ...
मंगलवार, 2 जून 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Shashi Tharoor बोले, हर बार Vande Mataram के 5 अंतरे गाना बोझ

Shashi Tharoor बोले, हर बार Vande Mataram के 5 अंतरे गाना बोझ

केरल में वंदे मातरम के पूरे संस्करण को लेकर नया विवाद, थरूर बोले सम्मान अलग बात लेकिन मजबूरी नहीं होनी चाहिए

Ajay Kumar by Ajay Kumar
मंगलवार, 2 जून 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
A A
0
Shashi Tharoor Convoy Attacked
105
SHARES
699
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Shashi Tharoor Vande Mataram Controversy: केरल में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। Congress के सांसद शशि थरूर ने सरकारी समारोहों में ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण (सभी पांच अंतरों) को गाने की प्रथा को “गैर-जरूरी और बोझल” करार दिया है।

देखा जाए तो यह बयान राष्ट्रीय गीत के सम्मान और व्यावहारिकता के बीच एक नाजुक बहस को जन्म दे रहा है। और दिलचस्प बात यह है कि यह विवाद केरल सरकार और राज्यपाल के बीच चल रहे मतभेद का हिस्सा बन गया है।

🔍 यह भी पढ़ें- Shashi Tharoor Convoy Attacked: केरल में शशि थरूर पर हमला, गनमैन पीटा

थरूर ने क्या कहा?

थिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बात करते हुए शशि थरूर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा:

“वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है और जब यह गाया जाता है तो हम सम्मान के रूप में खड़े होते हैं। पहला अंतरा, या पहले दो अंतरे, ऐसी चीज हैं जो ज्यादातर लोगों को जुबानी याद हैं।”

समझने वाली बात यह है कि थरूर ने राष्ट्रीय गीत का अपमान नहीं किया। बल्कि उन्होंने practical difficulty की ओर इशारा किया।

🔍 यह भी पढ़ें- Shashi Tharoor Meets Kharge: ‘नाराजगी’ खत्म, बोले- हम सब एक पेज पर हैं

परंपरा और नई व्यवस्था में क्या फर्क?

थरूर ने बताया कि पहले क्या होता था और अब क्या हो रहा है:

पहले की व्यवस्था:

  • समारोह की शुरुआत में वंदे मातरम (1-2 अंतरे)
  • समारोह के अंत में राष्ट्रगान (जन गण मन)
  • दोनों अलग-अलग occasions पर

नई व्यवस्था (BJP की मांग):

  • शुरुआत में सभी 5 अंतरे
  • अंत में फिर से सभी 5 अंतरे
  • हर बार पूरा संस्करण अनिवार्य

अगर गौर करें तो यह एक significant बदलाव है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि थरूर का विरोध पूरे गीत से नहीं है, बल्कि इसे “हर बार, हर जगह, पूरा गाने” की मजबूरी से है।

💡 यह भी पढ़ें- DA Hike January 2026: 5% बढ़ोतरी से 63% होगा महंगाई भत्ता, जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी

वंदे मातरम: इतिहास और विवाद

यह समझने के लिए कि यह मुद्दा इतना sensitive क्यों है, वंदे मातरम का इतिहास जानना जरूरी है:

मूल रचना:

  • बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1870s में लिखा
  • उपन्यास “आनंदमठ” का हिस्सा
  • मूल रूप से संस्कृत और बंगाली में
  • कुल 5 अंतरे (verses)

स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका:

  • British Raj के खिलाफ प्रेरणा गीत बना
  • Congress sessions में गाया जाता था
  • लाखों भारतीयों ने इसे गाकर आजादी की लड़ाई लड़ी

1950 में संविधान सभा का फैसला:

  • “जन गण मन” को राष्ट्रगान बनाया गया
  • “वंदे मातरम” को राष्ट्रीय गीत (National Song) का दर्जा
  • लेकिन यह तय किया गया कि पहले दो अंतरे ही official तौर पर गाए जाएं

सवाल उठता है कि अगर 1950 में ही यह तय हो गया था, तो अब पूरे 5 अंतरे गाने की जिद क्यों?

धार्मिक विवाद की पृष्ठभूमि

चिंता का विषय यह है कि वंदे मातरम के बाद के अंतरों में कुछ ऐसे शब्द हैं जिन्हें कुछ धार्मिक समुदायों ने आपत्तिजनक माना है:

  • बाद के अंतरों में देवी दुर्गा की imagery है
  • “त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी” जैसे शब्द हैं
  • कुछ मुस्लिम विद्वानों ने इसे polytheistic करार दिया

इसीलिए 1950 में एक समझदारी भरा फैसला लिया गया था – पहले दो अंतरे (जो purely देशभक्ति से भरे हैं) official रूप से गाए जाएं।

राहत की बात यह है कि यह व्यवस्था 70+ सालों तक शांतिपूर्वक काम करती रही।

केरल में क्या हो रहा है?

यह विवाद केरल में इसलिए तूल पकड़ रहा है क्योंकि:

केरल सरकार (CPM) का रुख:

  • पूरा संस्करण गाना वैकल्पिक (optional) है
  • 1950 की संविधान सभा के फैसले का पालन करें
  • पहले 1-2 अंतरे काफी हैं

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर (BJP) का रुख:

  • पूरे 5 अंतरे अनिवार्य
  • यह राष्ट्रीय गीत का सम्मान का मामला है
  • सरकार राष्ट्रवाद से समझौता कर रही है

देखा जाए तो यह सिर्फ एक गीत का मामला नहीं है, बल्कि राजनीतिक confrontation बन गया है।

केंद्र सरकार का फरमान

यह विवाद और गहरा हो गया जब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 6 फरवरी को नई guideline जारी की:

नए निर्देश:

  • देश भर के सभी सरकारी समारोहों में वंदे मातरम अनिवार्य
  • सभी स्कूलों में भी गाना होगा
  • पूरा संस्करण गाया जाना चाहिए

यह दर्शाता है कि यह केरल तक सीमित मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्रव्यापी policy बन गई है।

यह भी पढे़ं 👇

India-Oman Trade Pact

रणनीतिक कदम: India-Oman Trade Pact बना Hormuz संकट के बीच भारत का Plan B

मंगलवार, 2 जून 2026
Beaufort Castle

Israel ने 26 साल बाद Lebanon का 900 साल पुराना Beaufort Castle किया कब्जे में

मंगलवार, 2 जून 2026
Afghanistan Earthquake

Afghanistan Earthquake में 4.8 तीव्रता के भूकंप ने हिलाया हिंदू कुश क्षेत्र

मंगलवार, 2 जून 2026
Delhi Britannia Chowk

ऐतिहासिक सम्मान: Delhi Britannia Chowk अब बनेगा Ashwani Chopra (Minna) Chowk

मंगलवार, 2 जून 2026
BJP का पलटवार

Amit Malviya (BJP IT Cell head) ने थरूर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:

  • वंदे मातरम पूरा गाना वैकल्पिक नहीं है
  • इसे राज्यों के फैसले पर नहीं छोड़ा जा सकता
  • यह राष्ट्रीय गीत का अपमान है
  • Congress की “टुकड़े-टुकड़े” मानसिकता का उदाहरण

हैरान करने वाली बात यह है कि एक practical suggestion को भी राष्ट्रवाद बनाम anti-nationalism के narrative में बदल दिया गया।

थरूर का स्पष्टीकरण

शशि थरूर ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा:

“मुझे राष्ट्रीय गीत पर कोई आपत्ति नहीं है और मैं खुशी से इसे गा सकता हूं। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा हर बार सारे पांच अंतरे सुनने के लिए मजबूर करना गैर-जरूरी है।”

समझने वाली बात यह है कि:

  • थरूर ने गीत का सम्मान किया
  • उन्होंने गाने से इनकार नहीं किया
  • बस “compulsion” और “overkill” पर सवाल उठाया
  • Practical difficulty की ओर इशारा किया
क्यों है यह “बोझ”?

थरूर के argument को समझने के लिए practical aspects देखें:

समय की बर्बादी:

  • एक अंतरा: लगभग 1 मिनट
  • 5 अंतरे: 5-6 मिनट
  • शुरू और अंत दोनों में: 10-12 मिनट
  • हर सरकारी event में यही routine

लोगों को याद नहीं:

  • ज्यादातर लोगों को सिर्फ पहले 1-2 अंतरे याद हैं
  • बाकी 3 अंतरे बहुत कम लोग जानते हैं
  • लोग खड़े तो रहते हैं पर गा नहीं पाते
  • यह एक awkward स्थिति बनाता है

हर event में repetition:

  • Flag hoisting
  • Republic Day
  • Independence Day
  • सभी सरकारी कार्यक्रम

अगर गौर करें तो यह एक valid concern है।

विपक्ष और समर्थन

इस मुद्दे पर देश में राय बंटी हुई है:

थरूर के समर्थन में:

  • बहुत से liberals और secularists
  • कुछ constitutional experts
  • जो 1950 के फैसले को मानते हैं
  • Practicality पर जोर देने वाले

थरूर के विरोध में:

  • BJP और right-wing groups
  • जो इसे राष्ट्रवाद का मामला मानते हैं
  • कुछ Congress नेता भी (embarrassment से बचने के लिए)

सवाल उठता है कि क्या हम एक genuine concern को भी राजनीतिक रंग दे रहे हैं?

Congress की मुश्किल

Congress के लिए यह situation बेहद नाजुक है:

  • एक ओर थरूर senior leader हैं और intellectually respected हैं
  • दूसरी ओर BJP इस मुद्दे को politically exploit कर सकती है
  • Congress को “राष्ट्रवाद विरोधी” ना दिखना पड़े

इसलिए पार्टी ने अभी तक कोई official stand नहीं लिया है। यह दर्शाता है कि sensitive मुद्दों पर Congress defensive mode में है।

क्या है संवैधानिक स्थिति?

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि:

Constitutional facts:

  • भारतीय संविधान में “राष्ट्रीय गीत” का कोई provision नहीं है
  • सिर्फ “राष्ट्रगान” (जन गण मन) का उल्लेख है
  • वंदे मातरम को 1950 में संविधान सभा ने “national song” का दर्जा दिया (legally binding नहीं)
  • गाना या न गाना legally compulsory नहीं है

तो फिर सवाल उठता है कि क्या सरकार इसे अनिवार्य कर सकती है?

अन्य देशों में क्या होता है?

Comparison से समझते हैं:

USA:

  • National Anthem: “The Star-Spangled Banner” (4 verses)
  • आमतौर पर सिर्फ पहला verse गाया जाता है
  • पूरा गाना compulsory नहीं

UK:

  • “God Save the King/Queen” (3 verses)
  • Usually सिर्फ पहला verse
  • कोई legal compulsion नहीं

France:

  • “La Marseillaise” (7 verses)
  • आमतौर पर पहला verse
  • Practicality को preference

यह दर्शाता है कि दुनिया भर में pragmatic approach अपनाया जाता है।

सोशल मीडिया पर बहस

Twitter और Facebook पर यह मुद्दा trending हो गया है:

#VandeMataram trending:

  • कुछ लोग थरूर को “anti-national” बता रहे हैं
  • कुछ उनके practical approach की तारीफ कर रहे हैं
  • Memes बन रहे हैं
  • Polarization बढ़ रहा है

उम्मीद की किरण यह है कि कुछ sensible voices भी उभर रही हैं जो बिना political bias के इस मुद्दे पर बात कर रही हैं।

आगे क्या होगा?

इस विवाद के कई possible outcomes हो सकते हैं:

परिदृश्य 1: Status Quo
कुछ दिन बहस होगी, फिर मामला ठंडा हो जाएगा।

परिदृश्य 2: केरल में टकराव
सरकार और राज्यपाल के बीच confrontation बढ़ सकता है।

परिदृश्य 3: Supreme Court
कोई PIL file हो सकती है और मामला कोर्ट जा सकता है।

परिदृश्य 4: Political issue in 2024 elections
BJP इसे campaign में use कर सकती है।

समझने वाली बात यह है कि एक छोटी सी बात भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है।

मुख्य बातें (Key Points):

✓ Congress सांसद शशि थरूर ने वंदे मातरम के सभी 5 अंतरे हर समारोह में गाने को “गैर-जरूरी बोझ” कहा

✓ थरूर ने कहा राष्ट्रीय गीत का सम्मान करते हैं लेकिन हर बार पूरा संस्करण मजबूरन गाना जरूरी नहीं

✓ परंपरागत रूप से पहले 1-2 अंतरे गाए जाते थे, अब सभी 5 अंतरे अनिवार्य किए जा रहे हैं

✓ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 6 फरवरी को स्कूलों और सरकारी समारोहों में वंदे मातरम अनिवार्य किया

✓ केरल सरकार (CPM) और राज्यपाल (BJP) के बीच इस मुद्दे पर मतभेद

✓ BJP ने थरूर के बयान को राष्ट्रवाद विरोधी करार दिया

✓ 1950 में संविधान सभा ने तय किया था कि पहले 2 अंतरे official रूप से गाए जाएं


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: वंदे मातरम और राष्ट्रगान में क्या अंतर है?

उत्तर: “जन गण मन” भारत का राष्ट्रगान (National Anthem) है जो संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त है। “वंदे मातरम” राष्ट्रीय गीत (National Song) है जिसे 1950 में संविधान सभा ने यह दर्जा दिया था। राष्ट्रगान की कानूनी स्थिति ज्यादा मजबूत है जबकि राष्ट्रीय गीत को सम्मान दिया जाता है लेकिन यह legally compulsory नहीं है।

प्रश्न 2: वंदे मातरम के कितने अंतरे गाए जाने चाहिए?

उत्तर: 1950 में संविधान सभा ने तय किया था कि वंदे मातरम के पहले दो अंतरे official तौर पर गाए जाएं क्योंकि बाद के अंतरों में धार्मिक imagery है। लेकिन हाल में केंद्र सरकार ने सभी 5 अंतरे गाने की guideline जारी की है, जिसे लेकर विवाद हो रहा है।

प्रश्न 3: शशि थरूर ने क्या आपत्ति जताई है?

उत्तर: शशि थरूर ने राष्ट्रीय गीत का अपमान नहीं किया। उन्होंने कहा कि हर सरकारी समारोह की शुरुआत और अंत में सभी 5 अंतरे गाना एक “गैर-जरूरी बोझ” है क्योंकि ज्यादातर लोगों को सिर्फ पहले 1-2 अंतरे याद हैं। उनका कहना है कि सम्मान अलग बात है लेकिन मजबूरी नहीं होनी चाहिए।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Punjab MC Elections में AAP ने घोषित किए 4 नगर कौंसलों के उम्मीदवार

Next Post

ऐतिहासिक सम्मान: Delhi Britannia Chowk अब बनेगा Ashwani Chopra (Minna) Chowk

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

India-Oman Trade Pact

रणनीतिक कदम: India-Oman Trade Pact बना Hormuz संकट के बीच भारत का Plan B

मंगलवार, 2 जून 2026
Beaufort Castle

Israel ने 26 साल बाद Lebanon का 900 साल पुराना Beaufort Castle किया कब्जे में

मंगलवार, 2 जून 2026
Afghanistan Earthquake

Afghanistan Earthquake में 4.8 तीव्रता के भूकंप ने हिलाया हिंदू कुश क्षेत्र

मंगलवार, 2 जून 2026
Delhi Britannia Chowk

ऐतिहासिक सम्मान: Delhi Britannia Chowk अब बनेगा Ashwani Chopra (Minna) Chowk

मंगलवार, 2 जून 2026
AAP Logo

Punjab MC Elections में AAP ने घोषित किए 4 नगर कौंसलों के उम्मीदवार

मंगलवार, 2 जून 2026
MLA Raman Arora's arrest

AAP MLA Raman Arora ED के सामने पेश, पार्टी में बढ़ी बेचैनी

मंगलवार, 2 जून 2026
Next Post
Delhi Britannia Chowk

ऐतिहासिक सम्मान: Delhi Britannia Chowk अब बनेगा Ashwani Chopra (Minna) Chowk

Afghanistan Earthquake

Afghanistan Earthquake में 4.8 तीव्रता के भूकंप ने हिलाया हिंदू कुश क्षेत्र

Beaufort Castle

Israel ने 26 साल बाद Lebanon का 900 साल पुराना Beaufort Castle किया कब्जे में

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।