Sensex Nifty Today : बुधवार की सुबह घरेलू शेयर बाजार के लिए राहत भरी रही। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex और निफ्टी, दोनों ने हरे निशान के साथ कारोबार शुरू किया। बड़ी कंपनियों यानी ब्लू-चिप शेयरों में जमकर खरीदारी हुई और साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार का मूड बदल दिया।
देखा जाए तो यह तेजी अचानक नहीं आई। इसके पीछे दो बड़ी वजहें थीं: एक तरफ निवेशकों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और ICICI बैंक जैसे भरोसेमंद शेयरों पर दांव लगाया, और दूसरी तरफ ग्लोबल मार्केट से आ रही राहत की खबरों ने हौसला बढ़ाया।
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बाजार ने कहां से पकड़ी रफ्तार
30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 303.73 अंक चढ़कर 74,222.49 पर पहुंच गया। वहीं 50 शेयरों वाला NSE निफ्टी 85.40 अंकों की बढ़त के साथ 23,327.50 पर कारोबार करता दिखा।
अब सवाल उठता है कि किन कंपनियों ने बाजार को ऊपर खींचा? सेंसेक्स की 30 कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, ट्रेंट और ICICI बैंक सबसे ज्यादा फायदे में रहे।
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किन शेयरों ने किया निराश
हर तेजी की एक दूसरी तस्वीर भी होती है। इसी बीच कुछ कंपनियां पिछड़ती भी नजर आईं। टाटा स्टील, ईटरनल लिमिटेड, अडानी पोर्ट्स और टेक महिंद्रा गिरावट वाली कंपनियों में शामिल रहे।
दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 91.90 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। तेल की कीमतों का यही उतार-चढ़ाव भारत जैसे देश के लिए बहुत मायने रखता है।
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जानकार क्या बोले
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटिजिस्ट वीके विजयकुमार ने इस पर साफ बात कही। उनके मुताबिक, बाजार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को एक अलग-थलग घटना मानकर नजरअंदाज कर रहा है, और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी इसी की तरफ इशारा करती है।
वहीं लाइवलॉन्ग वेल्थ के रिसर्च एनालिस्ट और संस्थापक हरिप्रसाद के की राय भी अहम है। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजारों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट एक बड़ा सकारात्मक पहलू है। इससे साफ होता है कि यह गिरावट भारत के महंगाई के अनुमान और चालू खाते की चिंताओं पर दबाव को कुछ हद तक कम कर देती है।
विदेशी निवेशकों का रुख और एक नजर में आंकड़े
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुझान फिलहाल बिकवाली का बना हुआ है। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को इन निवेशकों ने 4,566.03 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।
| संकेतक (Index) | स्तर/बंद | बदलाव |
|---|---|---|
| सेंसेक्स (बुधवार, शुरुआती) | 74,222.49 | +303.73 अंक |
| निफ्टी (बुधवार, शुरुआती) | 23,327.50 | +85.40 अंक |
| सेंसेक्स (मंगलवार, बंद) | 73,918.76 | +394.50 अंक (0.54%) |
| निफ्टी (मंगलवार, बंद) | 23,242.10 | +119.10 अंक (0.52%) |
| ब्रेंट क्रूड | ~$91.90/बैरल | नरमी |
समझने वाली बात यह है कि मंगलवार को भी बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था। यानी तेजी का यह सिलसिला एक दिन का नहीं, बल्कि लगातार बना हुआ है।
आम निवेशक पर असर
इस पूरे घटनाक्रम का सीधा मतलब आम आदमी की जेब से जुड़ा है। कच्चे तेल का सस्ता होना सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहता: यह महंगाई की रफ्तार थामने में भी मदद करता है। और जब महंगाई काबू में रहती है, तो आम घर का बजट थोड़ा राहत महसूस करता है।
जानें पूरा मामला
भारतीय शेयर बाजार पिछले कुछ समय से ग्लोबल हलचलों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच झूल रहा था। ऐसे में बड़ी कंपनियों में लौटी खरीदारी और तेल की कीमतों में नरमी ने मिलकर निवेशकों का भरोसा फिर से लौटाया है। यही वजह है कि सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों ने लगातार दूसरे दिन मजबूती दिखाई।
मुख्य बातें (Key Points)
- सेंसेक्स 303.73 अंक चढ़कर 74,222.49 और निफ्टी 85.40 अंक चढ़कर 23,327.50 पर पहुंचा।
- रिलायंस, ICICI बैंक, HUL, कोटक महिंद्रा बैंक टॉप गेनर्स में रहे; टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स पिछड़े।
- ब्रेंट क्रूड ~$91.90 प्रति बैरल; तेल की नरमी भारत के लिए राहत भरी।
- FII ने मंगलवार को 4,566.03 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।













